उत्तर प्रदेश के औरैया जिले की साइबर पुलिस ने एक ऐसे शातिर गिरोह को पकड़ा है जो महिलाओं को सरकारी नौकरी और सिलाई सेंटर का लालच देकर अपना शिकार बना रहा था। पुलिस ने इस मामले में एक पुरुष और एक महिला को गिरफ्तार किया है। इन दोनों की गिरफ्तारी ककोर बम्बा से थोड़ा आगे एक बंद पड़े ढाबे के पास से हुई है। पकड़े गए आरोपियों में 34 साल का सौरभ उर्फ टीटू यादव शामिल है जो मैनपुरी का रहने वाला है और 48 साल की सुनीता शामिल है जो औरैया के बिधूना की रहने वाली है।
इस पूरे खेल का खुलासा तब हुआ जब ऊंचा थाना गांव की रहने वाली वंदना ने साइबर थाने में अपनी शिकायत दर्ज कराई। वंदना को झांसा दिया गया था कि 'पीएम महिला रोजगार योजना' के तहत उसे सिलाई-बुनाई केंद्र खुलवा कर दिया जाएगा और नौकरी भी मिलेगी। ठगों ने इसके बदले वंदना से 3 लाख रुपये मांगे थे। वंदना ने भरोसा करके उनके बताए गए बैंक खाते में करीब 1.5 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए थे।
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फंसाने का तरीका
आरोपी सौरभ और सुनीता ने ठगी का एक बहुत ही सोची-समझी साजिश वाला तरीका निकाला था। सौरभ सबसे पहले गांवों में जाकर 'ग्राम समूह सखियों' के मोबाइल नंबर इकट्ठा करता था। इसके बाद सुनीता उन महिलाओं के साथ मीटिंग करती थी और उन्हें सरकारी योजनाओं के बड़े-बड़े फायदे गिनाती थी। महिलाओं को शक न हो इसलिए ये लोग शुरुआत में सिर्फ 250-250 रुपये और आधार कार्ड मांगते थे।
12 लाख की ठगी
यह गिरोह केवल नकद पैसे ही नहीं लूटता था बल्कि महिलाओं के दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल भी करता था। ये लोग महिलाओं के आधार कार्ड पर उनकी जानकारी के बिना ही लोन पास करा लेते थे। उस लोन से मिलने वाला कीमती सामान जैसे ई-स्कूटर, इन्वर्टर और बैटरी ये ठग खुद ले उड़ते थे और महिलाओं के नाम पर भारी कर्ज (EMI) चढ़ जाता था। पुलिस की जांच में सामने आया है कि इस तरह से यह गिरोह अब तक करीब 10 से 12 लाख रुपये की ठगी कर चुका है।
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पुलिस की छापेमारी
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से ठगी का भारी सामान और कागजात बरामद किए हैं। उनके पास से 107 आधार कार्ड की फोटोकॉपी, 11 हस्ताक्षरित स्टाम्प पेपर, 4 असली आधार कार्ड और पीएम महिला राजगार योजना के 12 फर्जी कार्ड मिले हैं। इसके अलावा पुलिस ने दो इन्वर्टर, दो बैटरी, एक ई-स्कूटर, दो एंड्रॉयड फोन और एक कीपैड मोबाइल फोन भी जब्त किया है।
एसपी अभिषेक ने जानकारी दी कि मुख्य आरोपी सौरभ का पुराना आपराधिक इतिहास भी रहा है। साल 2023 में इटावा जिले में भी उसके खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ था।