कांग्रेस पार्टी ने एलान कर दिया है कि वी डी सतीशन केरल के मुख्यमंत्री होंगे। कांग्रेस की नेता दीपा दास मुंशी ने इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि कांग्रेस के विधायक दल ने 7 मई को अपनी बैठक में कांग्रेस के अध्यक्ष को यह अधिकार दिया था कि वह विधायक दल के नेता का चुनाव करे। उन्होंने बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष ने इसके बारे में लोकसभा में नेता विपक्ष, कांग्रेस संसदीय दल की नेता, AICC पर्यवेक्षकों और सभी नए विधायकों से बात की है। साथ ही, पुराने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्षों से भी बात की गई और फैसला लिया गया है कि वी डी सतीशन विधायक दल के नेता होंगे।
कांग्रेस ने इस एलान से अपने सहयोगी दल इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) को भी साधने की कोशिश की है क्योंकि IUML ने भी सतीशन के ही नाम का समर्थन किया था। रोचक बात है कि बेहद मजबूत स्थिति में माने जा रहे के सी वेणुगोपाल को मुख्यमंत्री नहीं बनाया गया है। तीनों दावेदारों यानी रमेश चेन्निथला, के सी वेणुगोपाल और वी डी सतीशन में से सबसे कम उम्र के सतीशन को चुना गया है।
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दीपादास मुंशी ने बताया है कि वह, अजय माकन और मुकुल वासनिक केरल जा रहे हैं और शाम को विधायकों की मीटिंग होनी है। इस मीटिंग के बाद ही आगे का फैसला लिया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया है कि यह फैसला पार्टी के हाई कमान ने लिया है और सब इस फैसले के साथ खड़े हैं। अजय माकन ने इसके बारे में कहा कि सब लोगों से बात की गई, सांसदों से बात की गई और विस्तार से चर्चा के बाद ही यह फैसला लिया गया है।
क्या बोले वेणुगोपाल?
इस फैसले पर के सी वेणुगोपाल ने कहा है, 'राहुल और प्रियंका गांधी इस पूरी स्थिति पर चर्चा कर रहे हैं। उन्होंने मुझे बुलाया और मेरी राय पूछी और हमने हर मुद्दे पर चर्चा की है। मैं विधायकों और समर्थकों को धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने मेरा समर्थन किया। आखिरकार पार्टी ने एक फैसला लिया है और मैं इस फैसले का समर्थन करता हूं।'
खुद वी डी सतीशन ने वेणुगोपाल के बारे में कहा है, 'मैं इस पद को निजी कामयाबी नहीं समझता हूं। के सी वेणगोपाल ही वह शख्स थे जो AICC की सारी गतिविधियां संचालित कर रहे थे। उनका सहयोग जबरदस्त था। रमेश चेन्निथला भी मेरे नेता हैं। मैं सभी को पूर्ण विश्वास में लूंगा और मैं केरल के हर वर्ग को साथ लेकर चलूंगा। साझे सहयोग से ही हम नया केरलम बना सकते हैं। कोई यह काम अकेले नहीं कर सकता लेकिन एक टीम जरूर कर सकती है।'
कौन हैं वी डी सतीशन?
साल 2001 से ही परावुर विधानसभा सीट से चुनाव जीतते आ रहे वी सी सतीशन पिछली विधानसभा में विपक्ष के नेता भी थे। इस बार उन्होंने अपनी परावुर विधानसभा सीट पर लेफ्ट के ई टी टायसन को 20 हजार वोटों के अंतर से हराया है। वह केरल हाई कोर्ट में वकील भी रहे हैं और लेफ्ट के प्रमुख विरोधियों में गिने जाते हैं। उनकी उम्र सिर्फ 61 साल के हैं। सतीश अपने कॉलेज के दिनों में ही राजनीति में सक्रिय रहे थे और NSUI के सेक्रेटरी भी रहे थे।
पिछले 25 साल से केरल की विधानसभा के सदस्य वी डी सतीशन अभी तक एक भी चुनाव नहीं हारे हैं और लगातार 6 बार अपने विरोधियों को धूल चटा चुके हैं। हालांकि, अभी तक वह किसी भी सरकार में मंत्री नहीं रहे हैं। पिछली विधानसभा में वह नेता विपक्ष थे और कई मौकों पर अपनी पार्टी का पक्ष बेहद मजबूती से रखते आए थे।