गुजरात के अमहदाबाद में नकली नोट चलाने वाले एक गैंग का पर्दाफाश हुआ है। गैंग के तार चीन से जुड़े हुए हैं। नोट बनाने वाला यह गैंग, असली नोट की तरह दिखने वाले नकली नोट बनाता था, जिसे आम लोग पहचान नहीं पाते थे।18 मार्च को अहमदाबाद में क्राइम ब्रांच ने नकली नोट बनाने वाले एक रैकेट का पर्दाफाश किया है।
क्राइम ब्रांच के अधिकारियों के मुताबिक आरोपी लोग एआई प्लेटफॉर्म जैसे चैटजीपीटी का इस्तेमाल कर नकली नोट बनाया करते थे और मार्केट में धड़ल्ले से उन नकली नोटों का इस्तेमाल कर रहे थे। इसके अलावा, रिजर्व बैंक की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत के बाजार में 500 रुपये के नकली नोट चल रहे हैं। अब सवाल उठता है कि आज के दौर में कैसे पहचाना जाए कि कौन सा नोट असली है और कौन सा नोट नकली है।
असली नोट पहचाने के कई तरीके हैं जैसे नोट के वॉटरमार्क को देखकर समझा जा सकता है कि नोट असली है। इसके साथ नोट की लिखावट, टाइपोग्राफी, छपाई और वॉटरमार्क देखकर ही समझ आ जाएगा कि नोट असली है। अब सवाल उठता है कि इन सब लक्षणों को कैसे देखा जाए।
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कैसे पहचानें असली नोट?
वॉटरमार्क देखें
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के मुताबिक भारतीय करेंसी में गांधीजी की फोटो पर वॉटरमार्क होती है। इस वॉटरमार्क पर 'भारत' और 'RBI' लिखा होता है, जिसका रंग झुकने पर हरे से नीला होता है। वॉटरमार्क जैसा असली नोट में होगा, वैसा नकली नोट में नहीं हो सकता। इसलिए जब भी बाजार में नोट लें तो नोट का वॉटरमार्क जरूर चेक करें।
टाइपोग्राफी
हर नोट में महात्मा गांधी के चित्र के बीच में 'RBI' और नोट की वैल्यू जैसे 500 रुपये छोटे अक्षरों में छपे होते हैं। यह शब्द नकली नोट पर मोटे दिखाई देंगे, वहीं असली नोट पर यह शब्द कहीं ज्यादा पतले नजर आते हैं। यह टाइपोग्राफी नोटों की जालसाजी को रोकने के लिए ही बनाई गई है। जब भी आप नोट किसी से ले रहे हों तो टाइपोग्राफी जरूर देखें।
लिखावट
भारतीय करेंसी में लिखावट न्यूमेरिकल फिगर्स की होती है। यह नंबर्स आपको फेक करेंसी में खराब दिखाई देती हैं। साथ ही फेक नोटों में इन नंबर्स के बीच में गैप देखने को मिलता है और नंबर्स थोड़े छोटे दिखाई देते हैं। इसे देखकर आप आसानी से पहचान पाएंगे कि कौन सा नोट असली है और कौन सा नकली।
छपाई
फेक नोट में खराब छपाई होती है, जबकि असली नोट की छपाई काफी बारिक होती है। इसी अंतर को देखकर आपको समझ आ जाएगा कि नोट फेक है।
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कागज
कागज की गुणवत्ता देखकर समझा जा सकता है कि नोट असली है या फेक। असली करेंसी नोट बनाने में सामान्य कागज का इस्तेमाल नहीं होता क्योंकि यह एक सूती कागज है जो 75 प्रतिशत कपास और 25 प्रतिशत लिनन का मिश्रण है।
सीरियल नंबर देखें
हर करेंसी नोट में एक सीरियल नंबर होता है जो कभी दोहराया नहीं जाता। अगर सीरियल नंबर दोहराया गया है या सीरियल नंबर ही नहीं लिखा है तो इसका मतलब साफ है कि नोट नकली है।