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अब जब्त गाड़ियों का क्या होगा?

तस्वीर: इंडियन एक्सप्रेस/योगेश पाटिल

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रेखा गुप्ता की अगुवाई वाली दिल्ली सरकार ने महज तीन दिन के भीतर ही अपनी वाहन नीति से पीछे हट गई है। सरकार ने पेट्रोल पंपों पर 15 साल (पेट्रोल) और 10 साल (डीजल) से पुराने वाहनों की पहचान के लिए कैमरे लगाए थे। पकड़े जाने पर इन पुराने वाहनों को मौके पर ही जब्त कर लिया गया और जल्दबाजी में शादी करने जैसा तरीका अपनाते हुए स्क्रैप एजेंट को बेच दिया गया। हालांकि, तीन दिन के भीतर ही रेखा गुप्ता सरकार को यह फैसला वापस लेना पड़ा और विपक्ष ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। आम आदमी पार्टी ने तो दिल्ली सरकार की तुलना काल्पनिक "फुलेरा पंचायत" से कर दी और फैसले को पलटने पर सवाल उठाए। क्या है पूरा मामला? पुराने वाहनों को लेकर CAQM (एयर क्वालिटी मैनेजमेंट कमीशन) ने क्या फैसला लिया? किस तरह से वाहनों को जब्त किया जा रहा था? आम आदमी पर इसका क्या असर हुआ? और रेखा गुप्ता सरकार को तीन दिन के भीतर ही यह फैसला क्यों वापस लेना पड़ा? जानने के लिए यह वीडियो देखें। 

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