धुरंधर 2 फिल्म के कई सीन सोशल मीडिया पर खूब वायरल हैं। हालांकि सबसे अधिक चर्चा एक सीन की है। इसमें दो शख्स पुलिस की सुरक्षा में मेडिकल चेकअप को जाते हैं। अस्पताल के दरवाजे पर कुछ मीडिया कर्मी सवाल जवाब करते हैं। बातचीत पूरी होती, उससे पहले ही ताबड़तोड़ फायरिंग में दोनों की हत्या कर दी जाती है।
तीन साल पहले यानी 15 अप्रैल 2023 को ठीक ऐसा ही हत्याकांड पूरे देश ने न्यूज चैनलों पर लाइव देखा था। जब प्रयागराज में बाहुबली अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ अहमद की तीन हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। तीन आरोपी पत्रकार के भेष में आए थे। उस वक्त अतीक और अशरफ की सुरक्षा में 17 पुलिसकर्मी तैनात थे। फिल्म धुरंधर-2 में अतीक और अशरफ हत्याकांड का यही सीन दिखाया गया है। हत्याकांड को हूबहू दिखाने पर सोशल मीडिया पर इसकी खूब चर्चा हो रही है।
वास्तविक सीन-
आतिफ अहमद के पाकिस्तान से रिश्ते
फिल्म में किरदार का नाम आतिफ अहमद है। मगर देखने से साफ लगता है कि यह बाहुबली अतीक अहमद और उनके भाई अशरफ अहमद से प्रेरित है। फिल्म में यह भी दिखाया गया है कि आतिफ अहमद के रिश्ते पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से हैं। वह लगातार आईएसआई के चीफ मेजर इकबाल के संपर्क में होता है। इसमें पाकिस्तान से नेपाल के रास्ते उत्तर प्रदेश तक फैले जाली नोट और अवैध हथियार के नेटवर्क को दिखाने की प्रयास किया गया है।
फिल्मी सीन-
नोटबंदी की भी चर्चा
फिल्म में आतिफ अहमद का परिचय उत्तर प्रदेश के राजनेता के तौर पर दिया गया है। एक सीन में आतिफ अहमद नोटबंदी के फैसले के बाद आईएसआई के मुखिया मेजर इकबाल से फोन पर बात करता है। उससे कहता है कि दाऊद भाई से कह दो कि इनको रोकना नामुमकिन है। अगर इन्हें रोकना है तो कुछ बहुत बड़ा करना होगा। चाय वाला हमारे अंदर आकर बैठ गया है।
दाऊद और बड़े साहब का रहस्य
सोशल मीडिया पर फिल्म का एक और सीन वायरल है। इसमें सबसे पहले दीवार पर लगी दाऊद इब्राहिम की फोटो पर फोकस किया जाता है। इसके बाद कैमरे को बिस्तर पर पड़े एक बुजुर्ग शख्स की तरफ मोड़ दिया जाता है। फिल्म में बुजुर्ग का परिचय 'बड़े साहब' और 1993 के मुंबई बम ब्लास्ट के मास्टरमाइंड के तौर पर दिया गया है। इसे दाऊद इब्राहिम से जोड़कर देखा जा रहा है। फिल्म में बिस्तर में पड़े बड़े साहब कहते हैं, 'जब से ये चायवाला हिंदुस्तान में आया है, हमारे लोगों के अंदर और खौफ बढ़ गया है।'
पाकिस्तान से यूपी तक जाली करेंसी नेटवर्क
धुरंधर के पहले भाग में दिखाया गया है कि नेपाल के रास्ते पाकिस्तान जाली करेंसी भारत में खपाता है। यह नकली नोट की खेप नेपाल से उत्तर प्रदेश की सीमा पर लगे बूचड़खाने में जाती है। यहां का अधिकांश धंधा नकदी में होता है। इसलिए यहां जाली नोट खपाना आसान है। सुरक्षा एजेंसियों को इसकी भनक लग जाती है। मगर राजनीतिक प्रभाव के कारण कोई कदम नहीं उठाया जाता है। यह भी कहा जाता है कि अगर कुछ किया गया तो यह लोग यूपी में दंगे भड़का सकते हैं। फिल्म में इंटेलीजेंस ब्यूरो के मुखिया अजय सान्याल कहते हैं, 'इंतजार कीजिए। यूपी में कभी ऐसी सरकार आएगी, जिसे अपने देश की फिक्र होगी।'
गैंगस्टर से नेता बने अतीक अहमद पर कुल 101 मामले दर्ज थे। सबसे अधिक केस प्रयागराज में थे। 1989 में पहली बार निर्दलीय विधानसभा चुनाव जीतने वाले अतीक अहमद कुल पांच बार के विधायक और फूलपुर से एक बार के सांसद थे। समाजवादी पार्टी और अपना दल में भी रह चुके थे।