बचत के लिए बैंक FD सबसे पहला विकल्प लगता है लेकिन इस वक्त सरकार की कई छोटी बचत योजनाएं बैंक FD से ज्यादा ब्याज दे रही हैं। अप्रैल-जून 2026 तिमाही में सरकार ने इन सभी स्कीम्स की ब्याज कीमतें स्थिर रखी हैं जिसका मतलब है कि निवेशकों को अभी भी 7.4% से लेकर 8.2% तक का गारंटीड रिटर्न मिल रहा है। 

 

अप्रैल-जून 2026 की तिमाही में सरकार ने इन सभी स्कीम्स के रेट वैसे ही रखे हैं जैसे पहले थे। मतलब अभी इनमें पैसा लगाने पर पूरे समय के लिए यही रेट लॉक हो जाएगा। ऊपर से जदातर स्कीम्स पर सेक्शन 80C के तहत टैक्स की भी बचत होती है। ये स्कीम्स सिर्फ एक तरह के निवेशक के लिए नहीं हैं, कोई हर महीने इनकम चाहता है कोई रिटायरमेंट के बाद सेफ जगह पैसा रखना चाहता है और कोई बेटी के भविष्य के लिए जोड़ना चाहता है।

 

यह भी पढ़ें: मसाला और महाराजा बॉन्ड क्या हैं; भारत का फायदा होता है या नुकसान?

1. टाइम डिपॉजिट अकाउंट (Time Deposit Account)

यह स्कीम बिल्कुल बैंक FD की तरह काम करती है, बस फर्क यह है कि यहां रिटर्न ज्यादा है। पांच साल के समय के लिए इस पर 7.5% ब्याज मिलता है और सरकार ने अप्रैल-जून 2026 की तिमाही में भी यह दर बरकरार रखी है। एक, दो, तीन और पांच साल चारों विकल्प मौजूद हैं जिससे आप अपनी जरूरत के हिसाब से कार्यकाल चुन सकते हैं। कम से कम निवेश सिर्फ 1,000 रुपये से शुरू होता है और अधिकतम की कोई सीमा नहीं है। ब्याज की गणना तिमाही आधार पर होती है और हर साल खाते में जमा किया जाता है। पांच साल वाले विकल्प पर section 80C के तहत टैक्स छूट भी मिलती है जो इसे और फायदेमंद बनाता है। जरूरत पड़ने पर 6 महीने बाद पैसा निकाला भी जा सकता है हालांकि उस पर ब्याज थोड़ा कम मिलेगा।

2. मंथली इनकम स्कीम (Monthly Income Scheme)

जिन्हें हर महीने एक तय इनकम चाहिए उनके लिए यह स्कीम सबसे सही है। पोस्ट ऑफस मंथली इनकम स्कीम (POMIS) एक ऐसी स्कीम है जिसमें एक बार पैसा लगाओ और हर महीने उस पर ब्याज सीधे अकांउट में आता रहे। इस पर इस समय 7.4% सालाना ब्याज मिल रहा है। रिटायर्ड लोग या वे जो नौकरी नहीं करते उनके लिए यह एक तरह की फिक्स्ड मंथली सैलरी जैसा काम करती है।

 

सिंगल अकाउंट में अधिकतम 9 लाख रुपये और जॉइंट अकाउंट में 15 लाख रुपये तक निवेश किया जा सकता है। मैच्योरिटी पांच साल की होती है और मैच्योरिटी के बाद चाहें तो उसी मूल राशि को दोबारा पांच साल के लिए रीइन्वेस्ट कर सकते हैं। एक बात का ध्यान रखें कि इस स्कीम पर सेक्शन 80C की टैक्स छूट नहीं मिलती। 

3. सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS)

यह स्कीम खासतौर पर वरिष्ठ नागरिकों के लिए बनाई गई है जिसमें निवेश की सीमा 30 लाख रुपये तक है और मौजूदा ब्याज दर 8.2% है। 60 साल से ऊपर के लोगों के लिए यह किसी भी सरकारी बचत योजना में सबसे ज्यादा रिटर्न देने वाली स्कीम है। वीआरएस (Voluntary Retirement Scheme) लेने वाले 55 साल के लोग भी इसमें इनवेस्ट कर सकते हैं। मैच्योरिटी पांच साल की होती है जिसे तीन साल और बढ़ाया जा सकता है। यानी पूरे 8 साल तक 8.2% का निश्चित रिटर्न मिल सकता है। Section 80C के तहत टैक्स छूट भी मिलती है जो इसे रिटायरमेंट के लिए एक मजबूत विकल्प बनाती है। 

4. नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC)

NSC एक टैक्स-फ्रेंडली और जोखिम-मुक्त बचत योजना है जिसकी मैच्योरिटी पांच साल है और ब्याज दर 7.7% है। यह उन लोगों के लिए अच्छा option है जो एकमुश्त पैसा लगाकर 5 साल बाद बड़ी रकम चाहते हैं। निवेश की शुरुआत 100 रुपये से की जा सकती है यानी जेब में ज्यादा पैसा न हो तब भी यह स्कीम शुरू की जा सकती है। इस स्कीम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि हर साल मिलने वाला ब्याज वापस उसी स्कीम में जुड़ता रहता है जिससे कंपाउडिंग का पूरा फायदा मिलता है। NSC को बैंकों या हाउसिंग फाइनेंस कंपिनयों के पास लोन के लिए कॉलेट्रल के तौर पर भी रखा जा सकता है। Section 80C में टैक्स छूट का फायदा भी मिलता है। 

 

यह भी पढ़ें: नकद से नेटवर्क तक, आखिर क्या है भारत की Hidden Economy की दुनिया?

5. सुकन्या समृद्धि योजना (Sukanya Samriddhi Yojana)

बेटी के भविष्य के लिए यह सबसे पॉपुलर और सबसे ज्यादा रिटर्न देने वाली सरकारी योजना है। SSY पर फिलहाल 8.2% सालाना ब्याज मिल रहा है जो सालाना कंपाउंड होता है। एक वित्तीय वर्ष में कम से कम 1,000 रुपये और अधिकतम 1.5 लाख रुपये जमा किए जा सकते हैं। 10 साल से कम उम्र की बेटी के नाम पर यह अकांउट खुलता है। खाता खुलने की तारीख से 21 साल बाद या बेटी की 18 साल की उम्र के बाद शादी होने पर यह मैच्योर होता है। इस स्कीम पर निवेश, ब्याज और मैच्योरिटी तीनों पर टैक्स छूट मिलती है। इसे 'triple tax benefit' स्कीम भी कहते हैं। बेटी की पढ़ाई के लिए 18 साल की उम्र में 50% तक रकम निकाली भी जा सकती है।