भारतीय फिल्म जगत के सितारों के लिए स्क्रीन से हटकर अपना खुद का साम्राज्य खड़ा करना अब एक बड़ा ट्रेंड बन चुका है लेकिन बिजनेस की असल दुनिया फिल्मी चकाचौंध से कोसों दूर है। हालिया मार्केट रिसर्च और कॉर्पोरेट रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत में शुरू होने वाले लगभग 65% सेलिब्रिटी ब्रांड्स अपने शुरुआती 5 सालों के भीतर ही संघर्ष करने लगते हैं। 

 

डेटा स्पष्ट रूप से दिखाता है कि आज का ग्राहक केवल 'चेहरा' देखकर सामान नहीं खरीदता बल्कि उनके प्रोडक्ट की क्वालिटी और सही कीमत भी चाहिए। इसी वजह से कई बड़े सितारों के ब्रांड्स आज या तो भारी घाटे में हैं या फिर बाजार से लगभग गायब हो चुके हैं।

 

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बिजनेस के असली सुपरस्टार

बिजनेस की पिच पर ऋतिक रोशन और कैटरीना कैफ जैसे सितारे सबसे आगे नजर आते हैं। इन सितारों ने न केवल निवेश किया, बल्कि ब्रांड को अपनी पहचान के साथ जोड़ा।

 

HRX (ऋतिक रोशन): साल 2013 में शुरू हुआ यह ब्रांड आज भारत का सबसे बड़ा घरेलू एक्टिववियर ब्रांड है। फाइनेंशियल रिपोर्ट्स के अनुसार, इसका सालाना रेवेन्यू ₹1,000 करोड़ रुपये के पार जा चुका है। इसकी सफलता का मुख्य कारण मिंत्रा के साथ इसकी 51% की कूटनीतिक साझेदारी है।

 

 

Kay Beauty (कैटरीना कैफ): नायका (Nykaa) के साथ साझेदारी में लॉन्च हुआ यह ब्रांड अब पूरी तरह प्रॉफिटेबल है। रिपोर्ट्स के अनुसार, लॉन्च के पहले ही साल में इसने 100 करोड़ रुपये से ज्यादा का रेवेन्यू टच किया था और आज यह भारत के टॉप 3 सेलिब्रिटी मेकअप ब्रांड्स में शामिल है।

बड़े नामों के व ब्रांड्स जो मार्केट में रहे फ्लॉप

सिर्फ बड़ा नाम होना बिजनेस की सफलता की गारंटी नहीं है। बॉलीवुड के कई 'ए-लिस्टर' सितारों ने ऐसे ब्रांड्स लॉन्च किए जो आज या तो बंद हो चुके हैं या फिर पूरी तरह गुमनाम हैं। इन ब्रांड्स की विफलता के पीछे का मुख्य कारण गलत मार्केटिंग और मार्केट की समझ में कमी रही है।

 

Nush (अनुष्का शर्मा): 2017 में लॉन्च हुए इस क्लॉथिंग ब्रांड को डिजाइन कॉपी करने के आरोपों ने भारी नुकसान पहुंचाया। रिपोर्ट्स के अनुसार, लॉन्च के दो साल के अंदर ही इसकी सेल्स में 40% की गिरावट आई और धीरे-धीरे इसकी मार्केटिंग और स्टॉक सप्लाई लगभग बंद कर दी गई।

 

 

SKULT (शाहिद कपूर): एथलीजर सेगमेंट में शाहिद कपूर ने SKULT लॉन्च किया था। आदित्य बिरला ग्रुप के प्लेटफॉर्म के साथ जुड़ने के बावजूद, डिस्ट्रीब्यूशन और ऑपरेशंस की कमी के चलते यह ब्रांड आज मार्केट से लगभग गायब है।

 

Rheson (सोनम और रिया कपूर): फैशन दीवा कही जाने वाली सोनम कपूर का ब्रांड 'Rheson' उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा। डेटा बताता है कि इसके 70% से ज्यादा स्टॉक को भारी डिस्काउंट पर बेचना पड़ा, क्योंकि ग्राहक बिना सेल के इन प्रोडक्ट्स को खरीदने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे थे।

 

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वे ब्रांड्स जो अभी भी संघर्ष कर रहे हैं

मार्केट में कुछ ऐसे भी सेलिब्रिटी ब्रांड्स हैं जो चल तो रहे हैं लेकिन उनकी आर्थिक स्थिति चिंताजनक है। इन ब्रांड्स में निवेश तो भारी हुआ है लेकिन मुनाफा अभी भी कोसों दूर है।

 

82°E (दीपिका पादुकोण): दीपिका का स्किनकेयर ब्रांड प्रीमियम सेगमेंट में है। अवेन्डस कैपिटल की एक रिसर्च रिपोर्ट बताती है कि भारत का 80% ब्यूटी मार्केट 1,000 रुपये के नीचे के सामान पर आधारित है, जबकि इनके सामान की एवरेज प्राइज 2,500 रुपये से शुरू होती है। इस हाई-प्राइसिंग मॉडल की वजह से ब्रांड को मास-मार्केट में पहुंचने में बहुत मुश्किल हो रही है। 

 

 

Wrogn (विराट कोहली): इसका ब्रांड रेवेन्यू 400 करोड़ रुपये के करीब है लेकिन पिछले वर्षो की ऑडिट रिपोर्ट्स बताती हैं कि कंपनी को अपनी मार्केटिंग और फैलाव के कारण 40-50 करोड़ रुपये का नेट लॉस उठाना पड़ा है। यानी जितना पैसा कमाया जा रहा है, उससे ज्यादा विज्ञापन पर खर्च हो रहा है।

 

Prowl (टाइगर श्रॉफ): जिम वियर के बाजार में ऋतिक के HRX के आगे टाइगर का ब्रांड टिक नहीं पा रहा। मार्केट में इसका हिस्सा 2% से भी कम है।

क्यों फेल हो रहे हैं सितारों के ब्रांड्स?

मार्केट एक्सपर्ट्स और रेडसीर जैसी कंपनियों का कहना है कि इन ब्रांड्स के फेल होने की सबसे बड़ी वजह इनका बहुत महंगा होना है। अक्सर सितारे सामान की कीमत इतनी ज्यादा रख देते हैं कि आम आदमी उसे नहीं खरीद पाता। साथ ही, सिर्फ नाम के भरोसे रहने और क्वालिटी पर ध्यान न देने की वजह से लोग दोबारा सामान नहीं खरीदते।

 

डेटा बताता है कि इन ब्रांड्स के विज्ञापन और दिखावे पर आम कंपनियों से 1.5 गुना ज्यादा खर्च होता है। इसी भारी खर्चे और कम मुनाफे की वजह से विराट कोहली का Wrogn जैसा ब्रांड भी आज करोड़ों के घाटे में चल रहा है।