इन दिनों के चांदी के दाम खूब चर्चा में हैं। कभी चांदी खूब महंगी होती है तो कभी अचानक से दाम कम होते हैं। लगातार दाम में इजाफा देखकर निवेशक भी चांदी के पीछे भाग रहे हैं। प्रॉफिट बनाने के चक्कर में कई बार वे धोखा भी खा जा रहा है। ऐसे ही धोखा खाने वाले लोग पिछले कुछ दिनों में ही 3 लाख करोड़ से ज्यादा पैसे गंवा चुके हैं। अब लोगों को शक होने लगा है कि कहीं ये सब सिर्फ लोगों को फंसाकर उनके पैसे निवेश करा लेने का तरीका भर तो नहीं है। कई लोगों ने अपना यह दुख अब सार्वजनिक तौर पर शेयर करना भी शुरू कर दिया है।

गुरुवार को चांदी के दाम 4 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गए थे। शुक्रवार जैसे ही मार्केट खुला तो चांदी के दाम में लगभग 20 हजार रुपये तक की कमी आई गई। इसी तरह सोने के दाम में भी कभी बढ़ोतरी तो कभी कमी हो रही है जिसके चलते निवेशक परेशान हैं।

 

दुनियाभर के निवेशक इस समय सोने और चांदी के ट्रेंड को समझ नहीं पा रहे हैं। इसकी वजह है कि एक दिन तो दाम रिकॉर्ड कीमत पर पहुंच जाते हैं और फिर कुछ ही घंटों में दाम इतने कम हो जाते हैं कि निवेशकों के पैसे ही डूब जाते हैं। यही वजह है कि लोगों को शक हो रहा है कि कहीं दाम के बढ़ने और गिरने के पीछे कोई खेल तो नहीं चल रहा है। हाल ही में देखा गया कि सोने के दाम में लगभग 5 पर्सेंट तो चांदी के दाम में 8 पर्सेंट की गिरावट हो गई। ट्रेडर्स ने जो शिकायत की है उससे अनुमान लगाया जा रहा है कि दुनियाभर में लगभग 3 लाख करोड़ डॉलर का नुकसान हो चुका है। 

 

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कहीं मैनिपुलेशन तो नहीं?

 

बहुत सारे लोगों को शक है कि यह जो अचानक से दाम कम हो रहे हैं, इसके पीछे मैनिपुलेशन हो रहा है। इसके बारे एक्सपर्ट्स का कहना है कि ऐसा संभव है कि या तो लोग बड़े स्तर पर प्रॉफिट बुक करने के चक्कर में एकसाथ बेच रहे हैं या फिर बड़े निवेशक मिलकर यह काम कर रहे हैं। एक और वजह है कि चांदी, प्लेटिनम और पैलेडियम का मार्केट पहले से भी काफी संवेदनशील रहा है और इस मार्केट में पैसे निकालने या डालने से इसमें काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है। हालांकि, अभी तक मैनिपुलेशन के स्पष्ट सबूत नहीं मिले हैं।

 

चांदी के दाम में बढ़ोतरी की बड़ी वजह यह है कि इसकी मांग तेजी से बढ़ी है लेकिन सप्लाई सीमित है। इसके अलावा क्रिप्टो इन्वेस्टर भी इसमें रुचि दिखा रहे हैं जिसके चलते इसकी मांग और तेजी से बढ़ गई है। Tether के CEO ने एलान किया है कि वह अपने इन्वेस्टमेंट पोर्टफोलियो का 10 से 15 प्रतिशत हिस्सा सिर्फ फिजिकल गोल्ड में लगाएंगे। 

 

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अचानक क्यों गिर रहे चांदी के दाम?

 

चांदी के दाम में पहले कभी इतनी तेजी देखी नहीं गई इसलिए लोग अभी उतना भरोसा नहीं कर पा रहे हैं। नतीजा यह हो रहा है कि लोग प्रॉफिट बुकिंग कर रहे हैं। इसका मतलब हुआ कि अगर किसी ने 100 रुपये लगाए हैं और उसकी चांदी के दाम दोगुना तक हो गए हैं तो वह इतने पर ही चांदी बेच दे रहा है। दोबारा दाम गिरने पर वही लोग फिर से चांदी खरीद ले रहे हैं जिसके चलते बार-बार इसके दाम बढ़ भी जा रहे हैं।

 

उधर, वैश्विक स्तर पर हलचल भी मची है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एलान किया है कि उनकी सेना ईरान की तरफ बढ़ रही है, माना जा रहा है कि ईरान पर हमला हो सकता है। इसका असर मार्केट पर भी देखने को मिला है और चांदी के साथ-साथ सोने और अन्य धातुओं के दाम में भी लगातार और तेज बदलाव देखने को मिल रहे हैं।