केंद्रीय बजट 2026-27 की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को अपना लगातार नौवां बजट पेश करने वाली हैं। मोदी 3.0 सरकार के इस तीसरे पूर्ण बजट से देश के करोड़ों टैक्सपेयर्स, विशेषकर मध्यम वर्ग, वरिष्ठ नागरिकों और निवेशकों को बड़ी उम्मीदें हैं।
साल 2025 और 2026 में नई टैक्स व्यवस्था के तहत 12 लाख रुपये तक की आय को टैक्स फ्री करने के ऐतिहासिक फैसले के बाद, इस बार उम्मीदों का बाजार और भी गर्म है। टैक्सपेयर्स चाहते हैं कि फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण इस बार इनकम टैक्स में क्या राहत देंगी। पिछले बजट में नए टैक्स रिजीम में 12 लाख तक की इनकम को टैक्स-फ्री कर दिया गया था, अब लोग और ज्यादा राहत की उम्मीद कर रहे हैं।
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नौकरीपेशा लोग क्या चाहते हैं?
वेतनभोगी कर्मचारियों की सबसे बड़ी मांग पुरानी टैक्स व्यवस्था में बदलाव को लेकर है। 2014 के बाद से धारा 80C के तहत 1.5 लाख रुपये की निवेश सीमा में कोई बदलाव नहीं हुआ है, जिसे इस बार बढ़ाकर 3 लाख रुपये करने की मांग की जा रही है। होम लोन के ब्याज पर मिलने वाली छूट को 2 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने और स्टैंडर्ड डिडक्शन में बढ़ोतरी करने की मांग की जा रही है।
निवेशकों को क्या उम्मीद है?
लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन (LTCG) टैक्स में बदलाव की उम्मीद है, खासकर इक्विटी और म्यूचुअल फंड पर, ताकि निवेशकों को बेहतर रिटर्न मिले। कुछ एक्सपर्ट्स चाहते हैं कि सरचार्ज कम हो और पीक टैक्स रेट 30 फीसदी के आसपास कैप हो जाए। सरचार्ज, किसी सामान की मूल लागत पर लगाया गया अतिरिक्त टैक्स होता है, इसका असर, ज्यादा कमाई वाले लोगों पर ज्यादा पड़ता है।
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विवाहित जोड़े क्या उम्मीद कर रहे हैं?
मैरिड कपल्स के लिए जॉइंट टैक्सेशन की पुरानी डिमांड फिर से उठ रही है, जिससे सिंगल-इनकम फैमिली को फायदा हो सकता है। इसके तहत विवाहित जोड़ों की आय पर मिलकर टैक्स लगाने का सुझाव दिया गया है, जिससे परिवार के कुल टैक्स बोझ में कमी आ सके। साथ ही ITR फाइलिंग आसान करने, रिफंड जल्दी मिलने की भी उम्मीद की जा रही है।
ट्रंप के टैरिफ की क्या काट हो सकती है?
भारत सरकार ट्रंप के टैरिफ से बचने के लिए कई स्तरीय सुधारों की कवायद कर रही है। भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की दिशा में बातचीत अब तेज हुई है। कुछ रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि रूस के साथ भारत ने अपना तेल आयात कम किया है। बजट 2026 में टैरिफ सिस्टम को और सहज किया जा सकता है, निर्यातकों की मदद के लिए प्रोडक्शन लिंक्ड इनसेंटिव पर जोर दिया जा सकता है, घरेलू मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर सुधारने की कवायद की जा सकती है।
नई टैक्स रिजीम से क्या उम्मीद है?
सैलरीड क्लास के लोग पुराने टैक्स रिजीम में स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ाने, सेक्शन 80C और 80D जैसी डिडक्शन की लिमिट बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। नए रिजीम में भी 80C, होम लोन इंटरेस्ट जैसी डिडक्शन देने की डिमांड है ताकि ज्यादा लोग नए रिजीम को चुनें। कई लोग चाहते हैं कि 30 फीसदी टैक्स स्लैब की लिमिट 24 लाख से बढ़ाकर 30 लाख या उससे ज्यादा कर दी जाए।
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बुजुर्गों को क्या उम्मीद है?
सीनियर सिटिजन्स के लिए स्पेशल राहत की उम्मीद है। नए रिजीम में हायर बेसिक एग्जेम्प्शन लिमिट, हेल्थ इंश्योरेंस पर ज्यादा डिडक्शन और पेंशन-इंटरेस्ट इनकम पर छूट सरकार दे सकती है। सीनियर सिटीजन चाहते हैं कि उनकी फिक्स्ड इनकम पर टैक्स कम हो। पेंशनभोगियों की मांग है कि नई टैक्स व्यवस्था में उनके लिए अलग से बुनियादी छूट की सीमा तय की जाए, जो कम से कम 5 लाख रुपये हो। साथ ही एफडी ब्याज पर टैक्स छूट बढ़ाने की भी उम्मीद है।
महिलाएं क्या चाहती हैं?
बजट 2026 से महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण की उम्मीद है। जन धन खातों से जुड़े आसान क्रेडिट, छोटे लोन, क्रेडिट कार्ड और बेसिक इंश्योरेंस की सुविधाएं सरकार बढ़ा सकती है। जेंडर-इंटेंशनल फाइनेंशियल डिजाइन से महिलाओं की वित्तीय समावेशन तेज करने की कवायद की जा सकती है। महिलाओं के लिए स्किलिंग, रोजगार के नए अवसरों की कवायद की जा सकती है। STEM और MSME उद्योग को और बढ़ावा मिल सकता है।