आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और तकनीक से जुड़ी नौकरियों में जहां एक तरफ महिलाओं की भागीदारी बढ़ती जा रही है, वहीं हाल ही में इंस्टाहायर कंपनी में 31 फीसदी महिला कर्मचारियों की बढ़ोतरी देखी गई है। एआई कंपनियों में महिलाएं सिर्फ साधारण काम ही नहीं बल्कि डिजाइन इंजीनियर के तौर पर भी काम कर रही हैं, जो अपने आप में बहुत बड़ी बात है। वहीं दूसरी तरफ यह भी देखा जा रहा है कि आज भी एआई कंपनियों में बड़े पदों पर महिलाओं के बजाय पुरुष ज्यादा हैं। इंस्टाहायर के आंकड़ों के मुताबिक एआई कंपनियों में आज भी टॉप पदों पर महिलाओं की संख्या सिर्फ 17 प्रतिशत ही रह गई है।

 

यह आंकड़े बताते हैं कि एक तरफ महिलाएं एआई कंपनियों में अपनी सकारात्मक भूमिका निभा रही हैं। हालांकि ये आंकड़े यह भी साफ करते हैं कि आज भी महिला कर्मचारी पुरुषों की तुलना में बेहद कम लीडरशिप पोजिशन तक पहुंच पाई हैं। अब सवाल उठता है कि महिलाएं आज भी एआई कंपनियों में बड़े पदों तक क्यों नहीं पहुंच पाई हैं।

 

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 महिलाएं ऊंचे पद पर क्यों नहीं?

महिलाओं के एआई या टेक कंपनियों में ऊंचे पदों पर न होने की कई वजहें हो सकती हैं, जैसे परिवार की जिम्मेदारियां, करियर गैप, कमजोर शिक्षा व्यवस्था और सही मार्गदर्शन का अभाव हो सकता है।

 

  • करियर ब्रेक - कई बार कामकाजी महिलाएं शादी के बाद और बच्चा होने के बाद अपने करियर से ब्रेक ले लेती हैं ताकि बच्चों का ख्याल रखा जा सके। इसी करियर गैप की वजह से महिलाओं का करियर कई बार रुक जाता है और कई बार बच्चा होने के बाद महिलाएं अपना करियर खत्म भी कर देती हैं। जिस वजह से महिलाएं पुरुषों के मुकाबले कम संख्या में ऊंचे पदों तक पहुंच पाती हैं।

  • शिक्षा व्यवस्था- कई जगहों पर महिलाओं को बचपन से ही गणित सीखने पर ज्यादा जोर नहीं दिया जाता था, जिस वजह से महिलाएं शिक्षा में गणित के बजाय दूसरे विषय चुनती हैं। इसी कारण कई महिलाएं टेक्नोलॉजी और एआई कंपनियों में अपना करियर नहीं बना पाती हैं।

  • मार्गदर्शन का अभाव- कई बार महिलाओं को सही सलाह या मार्गदर्शन नहीं मिल पाता है। इस वजह से वे ऊंचे पदों पर काम करने के बजाय छोटे पदों पर ही काम करती रह जाती हैं।

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  • नेटवर्क गैप- लिंक्डइन की एक रिसर्च के मुताबिक ऊंचे पदों पर नियुक्तियां अक्सर रेफरेंस और प्रोफेशनल नेटवर्क के आधार पर होती हैं। कई महिलाओं के पास पुरुषों की तुलना में मजबूत पेशेवर नेटवर्क कम होते हैं। इस वजह से उन्हें टॉप मैनेजमेंट की खाली जगहों की जानकारी नहीं मिल पाती और वे पुरुषों के मुकाबले पीछे रह जाती हैं।