देश के सबसे प्रतिष्ठित सरकारी स्कूलों, केंद्रीय विद्यालय (KV) और जवाहर नवोदय विद्यालय (JNV) में शिक्षकों की भारी कमी का मामला सामने आया है। शिक्षा मंत्रालय ने सोमवार को लोकसभा में जानकारी दी कि इन दोनों संस्थानों में वर्तमान में शिक्षकों के 13,701 पद खाली पड़े हैं। केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने एक लिखित सवाल के जवाब में यह आंकड़े पेश किए, जो देश की स्कूली शिक्षा व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती की ओर इशारा करते हैं।
डेटा के मुताबिक, देश भर के केंद्रीय विद्यालयों में 8,618 टीचर की पोस्ट खाली हैं, जबकि जवाहर नवोदय विद्यालयों में 5,083 पोस्ट खाली हैं। मंत्री ने साफ किया कि ये खाली पोस्ट मुख्य रूप से नए स्कूल खुलने, टीचर के रिटायरमेंट, इस्तीफे, प्रमोशन और कर्मचारियों के दूसरे डिपार्टमेंट में डेपुटेशन की वजह से हैं।
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भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने पर जोर
रिक्त पदों को भरने के मुद्दे पर सरकार ने कहा कि केंद्रीय विद्यालय संगठन और नवोदय विद्यालय समिति अपने संबंधित भर्ती नियमों के प्रावधानों के अनुसार स्थायी शिक्षकों की भर्ती के लिए लगातार कदम उठा रहे हैं। मंत्रालय का लक्ष्य है कि जल्द से जल्द नियमित शिक्षकों की तैनाती की जाए ताकि छात्रों के हितों की पूर्ण रक्षा हो सके। इसके साथ ही स्कूलों के अपग्रेडेशन और विस्तार से बढ़ी हुई शिक्षकों की मांग को पूरा करने के लिए भी विशेष योजना पर काम किया जा रहा है।
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देश में कितने KV और JNV स्कूल हैं?
2026 की शुरुआत तक, भारत में 1,289 केंद्रीय विद्यालय (KVs) चल रहे हैं। जिसमें विदेश में मॉस्को, काठमांडू और तेहरान में तीन स्कूल शामिल हैं। 2023 तक, जवाहर नवोदय विद्यालयों की संख्या 661 है। जहां केंद्रीय विद्यालय 25 अलग-अलग रीजन्स में चल रहे हैं, वहीं जवाहर नवोदय विद्यालय आठ अलग-अलग रीजन्स में चल रहे हैं।
