पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनावों में जीत हासिल करने के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) एड़ी-चोटी का जोर लगा रही है। पार्टी ने उन चेहरों पर भरोसा जताया है, जिनके साथ संवेदना भी है, बड़ा जनसमर्थन भी। तृणमूल कांग्रेस (TMC) साल 2011 से ही राज्य की सत्ता में काबिज है। पहले लेफ्ट, फिर कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी का भी जनाधार खिसक रहा है।
पश्चिम बंगाल के पूर्व बीजेपी अध्यक्ष दिलीप घोष ने दावा किया है कि बीजेपी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को उनकी भवानीपुर सीट पर फंसा दिया है। बीजेपी ने विधानसभा चुनावों के लिए सुवेंदु अधिकारी को भवानीपुर से उम्मीदवार बनाया है। सुवेंदु अधिकारी ने उन्हें नंदीग्राम विधानसभा सीट से भी 2021 में करारी हार दी थी।
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किन चेहरों की बदौलत जीत का सपना देख रही BJP?
- दिलीप घोष: खडगपुर सदर सीट से विधानसभा चुनाव में उतरे हैं। साल 2016 में भी उन्होंने इस सीट से जीत हासिल की थी। वह राज्य बीजेपी के सबसे सफल अध्यक्ष रहे हैं। साल 2019 में बीजेपी ने उनके कार्यकाल के दौरान 18 लोकसभा सीटें जीती थीं, 2021 के विधानसभा चुनाव में 70 सीटें।
2024 के लोकसभा चुनाव में दुर्गापुर से चुनाव हारने के बाद अब वह वापस लौटे हैं। उन्हें उम्मीद है कि समिक भट्टाचार्य की अगुवाई में बीजेपी जीत हासिल करेगी। - रेखा पात्रा: हिंगलगंज, आरक्षित विधानसभा सीट है। यहां से बीजेपी ने साल 2024 के लोकसभा चुनाव में हारी हुई उम्मीदवार रेखा पात्रा पर एक बार फिर भरोसा जताया है। वह संदेशखाली आंदोलन का चेहरा रही हैं। उत्तर 24-परगना में वह अब चर्चित नाम हैं। वह तृणमूल कांग्रेस के नेताओं के यौन उत्पीड़न की शिकार महिलाओं की आवाज उठाती हैं। उन्होंने ही ममता बनर्जी के करीबी रहे और संदेशखाली के कथित मास्टरमाइंड शाहजहां शेख के खिलाफ केस दर्ज कराई थी। रेखा को प्रधानमंत्री मोदी तक जानते हैं। वह पीड़िताओं की आवाज भी हैं। उनके साथ लोगों की संवेदना भी हैं। वह खुद को भी टीएमसी नेताओं के उत्पीड़न की शिकार महिला मानती हैं। वह तृणमूल कांग्रेस के आनंद सरकार के खिलाफ चुनाव लड़ेंगी।
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- रूपा गांगुली: 2024 के लोकसभा चुनाव में भले ही कामयाबी नहीं मिली लेकिन रूपी गांगुली, एक पार फिर सियासी मैदान में उतरने के लिए तैयार हैं। वह सोनारपुर दक्षिण से चुनाव लड़ रही हैं। उनके खिलाफ तृणमूल कांग्रेस ने लवली मैत्रा को उतारा है। रूपा गांगुली, बीआर चोपड़ा के धारावाहिक 'महाभारत' से घर-घर में लोकप्रिय हुईं थी। उन्होंने द्रौपदी का किरदार निभाया था। वह राज्य की चर्चित नेताओं में से एक हैं। पश्चिम बंगाल की राजनीति के लोकप्रिय चेहरे हैं। वह साल 2019 तक तृणमूल कांग्रेस के सदस्य रहे हैं।
- निशिथ प्रामाणिक: माथाभंगा से चुनावी मैदान में किस्मत आजमा रहे निशिथ, केंद्रीय मंत्री रहे हैं। पश्चिम बंगाल के चर्चित चेहरों में शुमार हैं। यह आरक्षित विधानसभा है। तृणमूल कांग्रेस ने इस सीट से सबलू बर्मन को उतारा है।
- दिव्येंदु अधिकारी: भारतीय जनता पार्टी ने शुभेंदु अधिकारी के भाई, दिब्युंदु अधिकारी को एगरा विधनसभा सीट से चुनावी मैदान में उतारा है। वह 2019 में तामलुक लोकसभा सीट से तृणमूल कांग्रेस के सांसद रहे। अब वह विधानसभा चुनाव में उतर रहे हैं। साल 2009 से 2016 तक वह पहले भी विधायक रह चुके हैं। उनके खिलाफ तरुण मैती को टिकट मिला है।
- हिरण चटर्जी: खड़गपुर सदर सीट से बीजेपी विधायक हिरण चटर्जी की सीट बीजेपी ने बदल दी है। अब उन्हें हावड़ा के श्यामपुर से चुनावी मैदान में उतारा है। उनके खिलाफ तृणमूल कांग्रेस ने नादेूबसी जाना को उतारा है। हिरण चटर्जी, पश्चिम बंगाल के चर्चित नेताओं में शामिल हैं।
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- अर्जुन सिंह: नोआपाड़ा से विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने अर्जुन सिंह को उतार दिया है। वह पश्चिम बंगाल के लोकप्रिय नेता रहे हैं। वह सांसद रह चुके हैं। उनके खिलाफ त्रिनांकुर भट्टाचार्य चुनाव लड़ रहे हैं।
- तपस चंद्र रॉय: पश्चिम बंगाल बीजेपी के उपाध्यक्ष हैं और मणिकतला से चुनावी मैदान में हैं। वह पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री रह चुके हैं। टीएमसी के एक जमाने में भरोसेमंद सिपाही रहे हैं। अब उन्हें बीजेपी ने मणिकतला में उतारने का फैसला किया है। TMC ने इस सीट से श्रेया पांडेय को उतारा है।
क्या है BJP की रणनीति?
पश्चिम बंगाल में कुल 294 विधानसभा सीटें हैं। बीजेपी ने 255 सीटों पर उम्मीदवारों का एलान कर दिया है। पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को चुनाव होने वाले हैं। वोटों की गिनती 4 मई को होगी। भारतीय जनता पार्टी का कहना है कि पश्चिम बंगाल में इस बार बीजेपी की सरकार बननी तय है। टीएमसी को उम्मीद है कि एक बार फिर पार्टी सत्ता में आएगी।
