मां, माटी, मानुष पर BJP का जोर TMC से ज्यादा क्यों? 'जंगलराज' वाला प्लान समझिए
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल की कानून व्यवस्था को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए हैं। बिहार की तरह बंगाल के लिए BJP का प्लान क्या है, आइए समझते हैं।

कोलकाता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। Photo Credit: PTI
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अब अपने आक्रामक कैंपेनिंग की शुरुआत कर दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोलकाता पहुंचे और अब गृहमंत्री अमित शाह भी पश्चिम बंगाल जाने वाले हैं। दोनों नेता, पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था को लेकर ममता बनर्जी सरकार को घेर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोलकाता में चुनावी रैली के दौरान शनिवार को पश्चिम बंगाल को भ्रष्टाचार और कमीशन संस्कृति का केंद्र तक बता दिया है।
भारतीय जनता पार्टी, बिहार में जैसे राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और कांग्रेस को लालू यादव और राबड़ी देवी के मुख्यमंत्री कार्यकाल को लेकर घेर रही थी, ठीक वैसे ही पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी को घेर रही है। ममता बनर्जी, एक तरफ स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के मुद्दे पर बीजेपी को घेर रही हैं, दूसरी तरफ बीजेपी ने 'मां, माटी, मानुष और महाजंगलराज' पर ममता बनर्जी को घेरना शुरू कर दिया है।
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क्यों 'महाजंगलराज' पर TMC को घेर रही है BJP?
नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री:-
TMC मां, माटी, मानुष के नारे पर सत्ता में आई थी। आज वही मां रो रही है, माटी को लूटा जा रहा है और बंगाली मानुष बंगाल छोड़ने पर मजबूर हो रहा है।
क्यों BJP छेड़ रही है महाजंगलराज का राग?
पश्चिम बंगाल में हाल के दिनों में हुई कुछ घटनाएं, बीजेपी के लिए आधार बन रही हैं। आरजी कर मेडिकल रेप केस से लेकर त्योहारों पर होने वाली सांप्रदायिक घटनाओं तक, पश्चिम बंगाल, कानून व्यवस्था के मामले में हमेशा सबके निशाने पर रहा है। बीजेपी, पश्चिम बंगाल सरकार पर घुसपैठियों को आश्रय देने का आरोप लगाती रही है। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़े बताते हैं कि पश्चिम बंगाल में सबसे ज्यादा अपराध भी विदेशी ही कर रहे हैं।
नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की 'क्राइम इन इंडिया 2023' रिपोर्ट के मुताबिक राज्य में 1,021 ऐसे मामले दर्ज हुए, जिनके आरोपी विदेशी निकले। पूरे देश में यह दर सबसे अधिक हैं। इन मामलों में 989 मामले विदेशियों से संबंधित कानूनों के उल्लंघन से जुड़े थे।
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कई विदेशी नागरिकों पर फॉरेनर्स एक्ट, 1946 और रजिस्ट्रेशन ऑफ फॉरेनर्स एक्ट, 1939 के तहत अपराध दर्ज हैं। ये कानून विदेशी नागरिकों के भारत में आने-जाने, रहने, रजिस्ट्रेशन और उनकी गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए बने हैं।
नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री:-
बंगाल की धरती से अब अन्याय का अंत निश्चित है। पीएम मोदी की हुंकार ने साफ कर दिया है कि TMC सरकार के महाजंगलराज के दिन अब गिनती के बचे हैं। जो कानून तोड़ेगा, जो अत्याचार करेगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
NCRB की रिपोर्ट बताती है कि पश्चिम बंगाल में विदेशी हथियारों की तस्करी, ड्रग सिंडिकेट, धोखधड़ी, गंभीर चोट पहुंचाने और मानव तस्करी जैसे अपराधों से जुड़े हैं। पश्चिम बंगाल इस मामले में पहले नंबर पर है। ऐसे मामले, साल 2022 में 723, 2021 में 1,287 और 2020 में 635 सामने आए थे। 2014 से हर साल यहां कम से कम 500 मामले फॉरेनर्स एक्ट के तहत आते रहे हैं। ये आंकड़े हमेशा देश में सबसे ज्यादा रहते हैं।
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पश्चिम बंगाल महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामले में भारत के शीर्ष राज्यों में शामिल है। 2023 की रिपोर्ट बताती है कि उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान के साथ पश्चिम बंगाल उन राज्यों में से एक है जहां सबसे अधिक मामले दर्ज किए गए। पश्चिम बंगाल देश में एसिड हमलों का केंद्र बना हुआ है। 2023 में भारत में हुए कुल एसिड हमलों का लगभग पांचवां हिस्सा अकेले पश्चिम बंगाल में दर्ज किया गया। पश्चिम बंगाल उन राज्यों में शामिल है जहां हिंसक अपराध की दर राष्ट्रीय औसत से ज्यादा है।
BJP इन दावों पर टिकी क्यों है?
बीजेपी, तृणमूल कांग्रेस के 'मां, माटी, मानुष' के नारे पर ही ममता बनर्जी को घेर रही है। बीजेपी का कहना है कि इन तीनों शब्दों से ममता बनर्जी सरकार का नाता नहीं है। न माताएं सुरक्षित हैं, न ही माटी, न ही मानुष। बीजेपी का तर्क है कि पश्चिम बंगाल में महिलाओं के खिलाफ बड़े शैक्षणिक संस्थाओं तक में अपराध हो जा रहे हैं, माटी कैसे सुरक्षित रहेगी, जब घुसपैठियों को आश्रय दिया जा रहा है और मानुष, दमन का शिकार है।
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- कानून व्यवस्था: बीजेपी का कहना है कि पश्चिम बंगाल में कानून नहीं, महाजंगलराज का शासन है। संदेशखाली और आरजी कर मेडिकल कॉलेज जैसी घटनाओं को आधार बनाकर बीजेपी महिला सुरक्षा और बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर सरकार से सवाल कर रही है। बीजेपी, उन लोगों को लुभा रही है, जो इससे प्रभावित हो रहे हैं, जिनकी आस्था किसी पार्टी में नहीं है।
- भ्रष्टाचार और सिंडिकेट: बीजेपी, जंगलराज के बहाने संस्थागत भ्रष्टाचार को लेकर टीमएमसी सरकार को घेर रही है। पश्चिम बंगाल सरकार राशन और शिक्षक भर्ती घोटाले को लेकर घिरी हुई है। युवाओं में सरकार के खिलाफ रोजगार को लेकर आक्रोश भी है।
- ध्रुवीकरण: बीजेपी का कहना है कि ममता बनर्जी, ध्रुवीकरण को बढ़ावा देती हैं। वह मुस्लिमों की सुनती हैं, हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों पर मौन रहती हैं। बीजेपी यह देश दे रही है कि TMC की नीतियां 'माटी' और 'मानुष' के मूल हितों के खिलाफ हैं।
- लोकतंत्र की लड़ाई: बीजेपी, अपने शासन को सुशासन कहती है। बिहार से लेकर गुजरात तक के मॉडल को आधार बनाकर, बीजेपी, टीएमसी को घेर रही है। बीजेपी, खुद को लोकतंत्र का रक्षक पार्टी बता रही है। बीजेपी यह संदेश देने की कोशिश में है कि उनकी पार्टी, केवल सत्ता के लिए नहीं, बल्कि 'लोकतंत्र बचाने' के लिए लड़ रही है।
मिल क्या सकता है?
पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों पर बीजेपी, अपने उम्मीदवार उतार सकती है। 2011 की जनगणना के मुताबिक पश्चिम बंगाल में हिंदू आबादी लगभग 70.54 फीसदी और मुस्लिम आबादी लगभग 27.01 फीसदी है। बीजेपी सारा जोर, धार्मिक समीकरणों को साधने में जुटी है।
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ममता बनर्जी घिर क्यों जाती हैं?
ममता बनर्जी, बीजेपी के आरोपों को एक सिरे से खारिज करती हैं। पश्चिम बंगाल में नवरात्रि या शोभा यात्राओं में अक्सर हिंसा होती है। हर बार हिंसा भड़कने के बाद ममता बनर्जी कानून व्यवस्था को सुधारने की जगह, बीजेपी पर ही हिंसा फैलाने का आरोप लगाती हैं।
दूसरी तरफ बीजेपी विधानसभा चुनाव में बांग्लादेशी घुसपैठ को बड़ा मुद्दा बना रही है। बीजेपी का कहना है कि ममता बनर्जी सरकार ने बॉर्डर फेंसिंग के लिए पर्याप्त जमीन नहीं दी।
केंद्र सरकार का कहना है कि पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश बॉर्डर की कुल लंबाई 2,216.7 किमी है, जिसमें से 1,647 किमी पर फेंसिंग हो चुकी है। राज्य सरकार ने 77 किलोमीटर की जमीन बीएसएफ को दी है, लेकिन 148 किमी पर अभी काम शुरू नहीं हुआ। बीजेपी का कहना है कि ममता बनर्जी, घुसपैठियों को शरण देती हैं।
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