कांग्रेस ने असम विधानसभा चुनाव के लिए शनिवार को 23 उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट जारी की दी। इस लिस्ट में पूर्व सांसद अब्दुल खालिक समेत प्रदेश इकाई के कई सीनियर नेताओं के नाम शामिल हैं। इससे पहले कांग्रेस ने तीन मार्च को 42 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की थी, जिसमें प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई का नाम भी शामिल था, जिन्हें जोरहाट से टिकट दिया गया है। पार्टी अब तक कुल 65 उम्मीदवार घोषित कर चुकी है।
पार्टी उम्मीदवारों की दो लिस्ट असम विधानसभा चुनाव का कार्यक्रम घोषित होने से पहले जारी की गई है। प्रदेश में इस साल अप्रैल-मई में विधानसभा आगामी चुनाव होने हैं। कांग्रेस की ओर से घोषित उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट के अनुसार, पूर्व सांसद खालिक को मंडिया विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया गया है। शांतनु बोरा को न्यू गुवाहाटी, नूरुल इस्लाम को श्रीजनगराम, डेविड फूकन को तिनसुकिया और बिपुल गोगोई को टिंगखोंग से टिकट दिया गया है।
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रिपुन बोरा बरचल्ला से उम्मीदवार
पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रिपुन बोरा को बरचल्ला निर्वाचन क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया गया है। कांग्रेस 2016 से असम की सत्ता से बाहर है जबकि बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार लगातार तीसरी बार सत्ता में आने की कोशिश करेगी।
126 सदस्यीय विधानसभा का समीकरण
वर्तमान में, 126 सदस्यीय विधानसभा में सत्तारूढ़ बीजेपी के पास 64 विधायक हैं जबकि उसकी सहयोगी असम गण परिषद के नौ विधायक, यूपीपीएल के सात और बीपीएफ के तीन विधायक हैं। असम में विधानसभा की कुल 126 सीट हैं। विपक्ष में कांग्रेस के 26 विधायक, एआईयूडीएफ के 15 और माकपा का एक विधायक है। सदन में एक निर्दलीय विधायक भी है।
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15 सीटें सहयोगी दलों के लिए छोड़ी
इस लिस्ट के जारी करने के साथ ही पार्टी ने 15 सीट सहयोगी दलों के लिए छोड़ने का भी निर्णय लिया। कांग्रेस ने जो सीट सहयोगी दलों के लिए छोड़ी हैं उनमें प्लासबारी, गुवाहाटी सेंट्रल, मोरीगांव, गोरेश्वर और ब्रह्मपुर जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
कांग्रेस, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और असम जातीय परिषद सहित विपक्षी दलों के गठबंधन का नेतृत्व कर रही है। इसे शनिवार को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा)-मार्क्सवादी लेनिनवादी (माले) लिबरेशन ने भी अपना समर्थन दिया।
रायजोर दल पूर्व के चुनावों में विपक्षी गठबंधन का हिस्सा था लेकिन आगामी चुनाव के लिए यह समझौता नहीं हो पाया है। दल के प्रमुख अखिल गोगोई ने पिछला विधानसभा चुनाव निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जीता था।
