पश्चिम बंगाल में विधानसभा का चुनाव हर दिन जुबानी जंग का गवाह बन रहा है। एक तरफ सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) है तो दूसरी तरफ लगातार दम झोंक रही भारतीय जनता पार्टी। अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी का एक बयान खूब चर्चा में है। उन्होंने दूसरे राज्यों में काम करने वाले प्रवासी कामगारों को धमकाते हुए कहा है कि वे नारेबाजी करते समय यह ना भूलें कि उन्हें उन राज्यों में लौटना है जहां बीजेपी की सरकारें हैं। सुवेंदु अधिकारी ने यह भी कहा कि वह सब कुछ नोट कर रहे हैं। उनके इस बयान पर नंदीग्राम से टीएमसी के उम्मीदलवार पबित्र कर का कहना है कि सुवेंदु अधिकारी की पूरी राजनीति सिर्फ डराने और धमकाने पर ही टिकी हुई है।
नंदीग्राम और भवानीपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे सुवेंदु अधिकारी बीजेपी के सबसे बड़े नेताओं में से एक हैं। अब उनका यह बयान चर्चा में आ गया है। टीएमसी का कहना है कि वह इसकी शिकायत चुनाव आयोग से करेगी। बता दें कि सुवेंदु अधिकारी अभी नंदीग्राम विधानसभा सीट से विधायक हैं। इस बार वह नंदीग्राम के अलावा भवानीपुर से ममता बनर्जी के खिलाफ भी चुनाव लड़ रहे हैं। पिछली बार सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को नंदीग्राम से चुनाव हरा दिया था और इस बार वह दावा कर रहे हैं कि वह भवानीपुर से भी ममता बनर्जी को हराएंगे।
क्या बोल गए सुवेंदु अधिकारी?
नंदीग्राम में लोगों को संबोधित करते हुए सुवेंदु अधिकारी ने कहा, '30 हजार प्रवासी मजदूर हैं। गुजरात में नंदीग्राम के 1100 मुस्लिम लोग रहते हैं। ओडिशा में 800 और महाराष्ट्र में 3300 लोग रहते हैं। ओडिशा में किसकी सरकार है? महाराष्ट्र में किसकी है? गुजरात में किसकी सरकार है? बीजेपी की है। तो गलती मत करो। अपना रास्ता बदल लो ताकि 4 मई के बाद कोई दिक्कत न हो। आप अभी डराने वाले लुक्स देकर 'जय बांग्ला' बोल सकते हैं लेकिन मैं सब कुछ नोट कर रहा हूं।'
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नंदीग्राम में सुवेंदु अधिकारी के खिलाफ चुनाव लड़ रहे पबित्र कर कभी उन्हीं के करीबी हुआ करते थे। इस बार वह टीएमसी में शामिल हो गए हैं और नंदीग्राम से उम्मीदवार हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में पबित्र कर का कहना है कि एक चुने हुए प्रतिनिधि के रूप में सुवेंदु को ऐसा नहीं बोलना चाहिए लेकिन इस बार जनता उनको इसका जवाब देगी।
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बता दें कि सुवेंदु अधिकारी उन लोगों को धमका दे रहे थे जो बीजेपी कार्यकर्ताओं के सामने नारेबाजी कर रहे थे। बता दें कि पश्चिम बंगाल के हजारों प्रवासी मजदूर हर बार चुनाव के समय लौट आते हैं और भारी संख्या में मतदान करते हैं। इस बार SIR के चलते बहुत सारे प्रवासी मजदूर यह कहते हुए वोट डालने आ रहे हैं कि वोट नहीं डाले तो उनके वोट कट जाएंगे। यही वजह है कि कई जगहों पर टकराव की स्थिति भी बन रही है और कई मौकों पर टीएमसी और बीजेपी के कार्यकर्ता आमने सामने आ जा रहे हैं।
