पश्चिम बंगाल में हुगली जिले के आरामबाग में रह रहे, 6 लोगों ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मौत की गुहार लगाई है। स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की प्रक्रिया के बाद उनका नाम वोटर लिस्ट से हटा दिया गया है। अब उनकी मांग को लेकर पश्चिम बंगाल में खूब चर्चा है।
आरामबाग के सब डिविजनल अधिकारी ने के जरिए यह गुहार लागई गई है। द्रौपदी मुर्मू के सामने यह गुहार लगाई गई है। अधिकारी ने बताया कि आवेदकों में एक रिटार्यड सरकारी स्कूल शिक्षक भी शामिल हैं, जिन्होंने SDO कार्यालय जाकर अपने आवेदन के साथ सहायक दस्तावेज जमा किए।
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क्यों चिट्ठी लिखी है?
भाषा की एक रिपोर्ट के मुताबिक चुनाव अधिकारियों का कहना है, 'ये सभी 6 लोग आरामबाग नगरपालिका के वार्ड नंबर छह के निवासी हैं, जहां कथित तौर पर कुल 206 नाम सूची से हटा दिए गए थे।'
मौत मांगने लोग कौन हैं?
राष्ट्रपति से मौत मांगने वाले लोगों में एक नाम तैबुनेसा बेगम का भी है। वह करीब 20 साल तक गोघाट स्थित गोचर भगवती गर्ल्स स्कूल की प्रिंसिपल रहीं हैं। अधिकारी के अनुसार, उन्होंने दावा किया कि पेंशन संबंधी कागजात और पासपोर्ट सहित अन्य आधिकारिक दस्तावेज होने के बावजूद उसका नाम सूची से हटा दिया गया था।
तैबुनेसा बेगम:-
हमने इच्छा मृत्यु के लिए आवेदन जमा कर दिया है, क्योंकि हम अब और यह पीड़ा सहन नहीं कर सकते। आवेदकों के साथ स्थानीय पार्षद स्वपन नंदी भी थे।
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तैबुनेसा बेगम ने आशंका जाहिर की है कि SIR के बाद मतदाता सूची से उनके नाम 'हटा दिए जाने' की वजह से, उन्हें अब डिटेंशन सेंटर भेजा जाएगा। उन्होंने कहा, 'हम हिरासत का सामना करने के बजाय मौत को गले लगाना पसंद करेंगे।'
ममता बनर्जी ने खोला है मोर्चा
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी SIR को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) की आलोचना करती रही हैं। उन्होंने हाल ही में एक चुनावी रैली में कहा था कि बंगाल में कोई भी डिटेंशन सेंटर में नहीं जाएगा। उन्होंने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर भेदभावपूर्ण कार्रवाई करने का आरोप लगाया है।
पश्चिम बंगाल में कब हैं चुनाव?
पश्चिम बंगाल में विधानसभा के चुनाव दो चरणों में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को होंगे। मतगणना चार मई को होगी।