असम विधानसभा चुनाव 2026 के दौरान पवन खेड़ा ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुइयां सरमा पर कई गंभीर आरोप लगाए थे। इसके बाद गुवाहाटी क्राइम ब्रांच में उनके खिलाफ जालसाजी और मानहानि का मामला दर्ज कराया गया था। अब चुनाव जीतने के बाद हिमंत बिस्वा सरमा ने एक बार फिर अपना पुराना वादा दोहराया है। जीत के बाद उन्होंने कहा कि पेड़ा तो जरूर बनेगा।

 

9 अप्रैल को असम में 126 सीटों पर विधानसभा चुनाव हुए थे और इसका रिजल्ट 4 मई को आया। नतीजों में एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी (BJP) सबसे बड़ी पार्टी बनकर सामने आई है। BJP ने 82 सीटों पर जीत हासिल की, जबकि NDA को कुल मिलाकर 102 सीटें मिलीं। वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस ने 16 सीटों पर जीत दर्ज की है और अभी भी 3 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है।

 

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पवन खेड़ा पर क्या बोले हिमंत बिस्वा सरमा?

जीत के बाद पार्टी ऑफिस में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए हिमंत बिस्वा सरमा ने पवन खेड़ा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'पवन खेड़ा के लिए मेरा एक कमिटमेंट था। जब हिमंत बिस्वा सरमा कुछ बोल देता है तो फिर हम पीछे नहीं हटते। मैं पवन खेड़ा जी को धन्यवाद देना चाहता हूं। उन्होंने जो आरोप लगाए, खासकर असम की बेटियों को लेकर उससे लोगों की भावनाएं काफी आहत हुईं। अगर वे प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं करते और उनके साथ गौरव गोगोई नहीं बैठे होते, तो शायद गौरव गोगोई नहीं हारते।'

 

आगे उन्होंने कहा, 'इसलिए वह आरोप सिर्फ मुझ पर नहीं था, बल्कि असम की बेटियों पर था। असम की जनता ने इसका जवाब दे दिया है, उन्हें पेड़ा बना दिया है। आगे भी मेरी कुछ जिम्मेदारी बाकी है, उसे भी मैं जरूर पूरा करूंगा।'

 

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क्या है पूरा मामला?

गुवाहाटी हाई कोर्ट से 24 अप्रैल को अग्रिम जमानत की अर्जी खारिज होने के बाद पवन खेड़ा सीधे सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए थे। जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने पवन खेड़ा को अग्रिम जमानत दे दी। दरअसल, खेड़ा ने असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी पर आरोप लगाया था कि उनके पास कई पासपोर्ट हैं और विदेश में अघोषित संपत्तियां भी हैं। इसके बाद रिंकी भुइंया ने गुवाहाटी क्राइम ब्रांच थाने में खेड़ा और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की अलग-अलग धाराओं में केस दर्ज करा दिया।