पश्चिम बंगाल का हावड़ा शहर हुगली नदी के तट पर बसा है। कोलकता से जुड़े होने के कारण इसे ट्विन सिटी कहा जाता है। यहां का हावड़ा ब्रिज दुनियाभर में प्रसिद्ध है। हावड़ा अपने अंदर हजारों वर्ष का समृद्ध इतिहास समेटे हैं। माना जाता है कि इसका नाम बंगाली शब्द 'हाओर' से लिया गया है। इसका अर्थ जलमग्न दलदली जमीन से है। कोलकाता के बाद हावड़ा पश्चिम बंगाल का दूसरा सबसे बड़ा शहर है। औद्योगिक तौर पर हावड़ा काफी समृद्ध है। यहां बैटरी, होजरी, कांच, आटा, चावल, कपास, इस्पात और रोलिंग मिले हैं।
इतिहास: एक समय हावड़ा प्राचीन बंगाली भूर्शूत राज्य का हिस्सा था। माना जाता है कि हावड़ा शहर का इतिहास करीब 500 वर्ष पुराना है। भारत की यात्रा करने वाले वेनिस के खोजकर्ता सीजर फेडरिक ने 1578 में अपनी डायरी में बटोर नामक जगह का जिक्र किया है। 1495 में बिप्रदास पिपिलाई ने अपनी बंगाली कविता 'मनसमंगल' में बटोर का उल्लेख किया। माना जाता है कि हुगली नदी के किनारे बसे बटोर के अलावा चार अन्य गावों को मिलाकर हावड़ा है।
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हावड़ा का रेलवे स्टेशन भी काफी प्रसिद्ध हैं। यहां ही हुगली नदी के किनारे बेलूर मठ है। यह रामकृष्ण मिशन और रामकृष्ण मठ का वैश्विक मुख्यालय है। यहां संतरागाछी झील, आचार्य जगदीश चंद्र बोस भारतीय वनस्पति उद्यान और रासपुर में तारणी माझी घाट रमणीय स्थल हैं। हावड़ा के धुलासिमला, रंगमहल, मैखाली और दादपुर गांवों में फैला संगीत वाद्ययंत्र केंद्र देश के सबसे बड़े संगीत वाद्ययंत्र केंद्रों में से एक है।
जातीय समीकरण
हावड़ा में अल्पसंख्यक समहू के अलावा बड़ी संख्या में उड़िया, बिहारी और मारवाड़ी समुदाय के लोग रहते हैं। जिले में करीब 72.9 फीसद हिंदू, 26.2 फीसद मुस्लिम और 0.9 फीसद अन्य धर्म के लोग रहते हैं। जिले की करीब 63 फीसद आबादी शहरी या अर्ध शहरी क्षेत्र में रहती है।
हावड़ा जिले पर एक नजर
हावड़ा में सदर उपखंड और उलुबेरिया उपखंड हैं। यह जिला हुगली नदी के तट पर कोलकाता के ठीक सामने बसा है। अगर हावड़ा सदर उपखंड की बात करें तो यहां हावड़ा नगर निगम के अलावा एक नगर पालिका और पांच सामुदायिक विकास खंड हैं। वहीं उलुबेरिया उपखंड में एक नगरपालिका और नौ सामुदायिक विकास खंड हैं। जिले में कुल 30 थाने हैं। हावड़ा कमिश्नरेट में कुल 16 थाने आते हैं। वहीं ग्रामीण पुलिस के क्षेत्र में 10 थाने हैं। जिले में दो महिला थाना और दो साइबर क्राइम थाने हैं। साल 2021 की जनगणना के मुताबिक हावड़ा जिले की करीब 48.5 लाख जनसंख्या है। लिंगानुपात की बात करें तो 1000 में 935 महिलाएं हैं। यहां बंगाली के अलावा यहां लोग हिंदी, ऊर्दू और अंग्रेजी भाषा जानते हैं।
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विधानसभा: बैली, हावड़ा उत्तर, हावड़ा मध्य, शिबपुर, हावड़ा दक्षिण, सांकराइल, पंचला, उलुबेरिया पूर्व, उलुबेरिया उत्तर, उलुबेरिया दक्षिण, श्यामपुर, बगनान, अमता, उदयनारायणपुर, जगतबल्लबपुर और डोमजूर।
भौगोलिक ताना बाना
हावड़ा जिले की पूर्व और दक्षिण पूर्व सीमा भागीरथी और हुगली नदी बनाती है। पश्चिम और दक्षिण-पश्चिम सीमा का निर्धारत रूपनारायण नदी करती है। जिले पूर्व में उत्तर 24 परगना और दक्षिण 24 परगना जिले पड़ते हैं। उत्तर में हुगली जिला है। दक्षिण में मिदनापुर पूर्वी जिले की सीमा लगती है। पश्चिम में मिदनापुर पश्चिमी जिला बसा है। उत्तर-पश्चिम में हुगली जिले का आरामबाग और दक्षिण पश्चिम में मिदनापुर पूर्वी जिला पड़ता है। जिले का कुल क्षेत्रफल 1,467 वर्ग किमी है। कोलकाता और कलिम्पोंग के बाद यह बंगाल का तीसरा सबसे छोटा जिला है। हावड़ा में जिला मुख्यालय है।
विधानसभा पर नजर: जिले में कुल 16 विधानसभा सीटें हैं। उलुबेरिया उत्तर और संकराइल विधानसभा सीटें अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं। 2021 विधानसभा चुनाव में यहां की सभी सीटों पर तृणमूल कांग्रेस ने जीत हासिल की थी। 2024 के लोकसभा चुनाव में भी टीएमसी को बढ़त मिली थी।
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हावड़ा लोकसभा में बैली, हावड़ा उत्तर, हावड़ा मध्य, शिबपुर, हावड़ा दक्षिण, संकराइल और पंचला विधानसभा सीटें आती हैं। वहीं उलुबेरिया लोकसभा सीट में उलुबेरिया पूर्व, उलुबेरिया उत्तर, उलुबेरिया दक्षिण, श्यामपुर, बगनान, अमता और उदयनारायणपुर विधानसभा सीटे आती हैं। जगतबल्लबपुर और डोमजूर श्रीरामपुर लोकसभा सीट का हिस्सा हैं।
- विधानसभा विधायक पार्टी
- बैली राणा चटर्जी टीएमसी
- हावड़ा उत्तर गौतम चौधरी ''
- हावड़ा मध्य अरुप रॉय ''
- शिबपुर मनोज तिवारी --
- हावड़ा दक्षिण नंदिता चौधरी --
- संकराइल प्रिया पॉल --
- पंचला गुलशन मलिक --
- उलबेरिया पूर्व बिदेश रंजन बोस --
- उलबेरिया उत्तर निर्मल माझी --
- उलबेरिया दक्षिण पुलक राय --
- श्यामपुर कालीपद मंडल ---
- बगनान अरुणावा सेन --
- अमता सुकान्ता कुमार पॉल ---
- उदयनारायणपुर समीर कुमार पांजा --
- जगतबल्लबपुर सीतानाथ घोष --
- डोमजूर कल्याण घोष ---
जिले की स्थिति
क्षेत्रफल- 1,467 वर्ग किलोमीटर
साक्षरता दर- 83.31 %
विधानसभा सीटें- 16
नगर पालिका- 2
ब्लॉक पंचायत- 14
ग्राम पंचायत- 157
