तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों में तिरुपत्तूर सीट ने ऐसा परिणाम दिया है जिसने पूरे देश को चौंका दिया है। यहां द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के वरिष्ठ नेता और मंत्री केआर पेरियाकरुप्पन को महज एक वोट के अंतर से हार का सामना करना पड़ा है। उन्हें विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) के उम्मीदवार एस सेतुपति ने बेहद करीबी मुकाबले में मात दी है।
मुकाबला शुरू से आखिर तक कड़ा रहा और आखिरी राउंड तक कोई साफ बढ़त नहीं मिली। पेरियाकरुप्पन अंतिम चरण से पहले तक मामूली बढ़त बनाए हुए थे लेकिन आखिरी राउंड की गिनती ने पूरा खेल बदल दिया और नतीजा TVK के पक्ष में चला गया। आपको बता दें कि पेरियाकरुप्पन पिछले दो दशकों से इस सीट पर लगातार जीत दर्ज करते आ रहे थे।
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आखिरी राउंड में पलटा पूरा समीकरण
चुनाव आयोग के आखिरी आंकड़ों के मुताबिक, TVK के सीनिवास सेतुपति को कुल 83,365 वोट मिले, जबकि DMK के पेरियाकरुप्पन 83,364 वोटों से हार गए। सिर्फ 1 वोट का यह अंतर इस मुकाबले को भारतीय चुनावी इतिहास के सबसे करीबी मुकाबलों में से एक बनाता है। यह नतीजा न सिर्फ गणितीय रूप से दुर्लभ है, बल्कि तिरुपत्तूर जैसे DMK के गढ़ में वोटरों के बदलते मूड को भी दिखाता है।
20 साल पुराने सियासी किले का पतन
पेरियाकरुप्पन की यह हार तमिलनाडु की राजनीति की सबसे बड़ी खबरों में से एक बन गई है। साल 2006 से लगातार इस सीट पर काबिज रहने वाले दिग्गज नेता का जादू अब खत्म हो चुका है। लगभग 20 वर्षों तक क्षेत्र में मजबूत पकड़ रखने वाले मंत्री की हार यह संकेत देती है कि चुनावी रण में कोई भी गढ़ अजेय नहीं है और जनता की पसंद किसी भी वक्त करवट ले सकती है। लीड का अंतिम क्षणों में गिरना यह दर्शाता है कि चुनावी जंग आखिरी वोट की गिनती तक खत्म नहीं होती।
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विजय की TVK ने बिगाड़ा द्रविड़ दलों का खेल
तिरुपत्तूर का यह परिणाम राज्य की राजनीति में आए बड़े बदलाव का हिस्सा है। सुपरस्टार विजय के नेतृत्व वाली TVK ने तमिलनाडु के पारंपरिक सियासी समीकरणों को पूरी तरह बदल दिया है। पार्टी ने 234 सदस्यीय विधानसभा में 108 सीटों पर जीत दर्ज की है, जो बहुमत के 118 के आंकड़े से कुछ ही दूर है। TVK के इस प्रदर्शन ने DMK और AIADMK के दशकों पुराने वर्चस्व को कड़ी चुनौती देते हुए राज्य में तीसरे मजबूत विकल्प के रूप में अपनी जगह बना ली है।
