दिल्ली हाई कोर्ट ने सिंगर हनी सिंह और बादशाह के पुराने और विवादित गाने 'वॉल्यूम 1' को सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म से तुरंत हटाने का सख्त आदेश दिया है। जस्टिस पुरुषेंद्र कुमार कौरव ने कहा कि इस गाने के शब्द बेहद गंदे और महिलाओं का अपमान करने वाले हैं। कोर्ट के मुताबिक, कोई भी सभ्य समाज ऐसे आपत्तिजनक गाने को इंटरनेट पर चलने की इजाजत नहीं दे सकता है।

 

जज ने सुनवाई के दौरान कहा कि इस गाने के बोल इतने ज्यादा खराब हैं कि इन्हें सरकारी आदेश में लिखना भी मुमकिन नहीं है। कोर्ट ने इसे एक ऐसा मामला बताया जिसने कानून की सोच को हिलाकर रख दिया है। कोर्ट ने साफ किया कि कला या अपनी बात रखने की आजादी के नाम पर समाज में ऐसी गंदगी नहीं फैलाई जा सकती, जिसे बच्चे और युवा भी देख या सुन सकें।

 

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गाना हटाने का आदेश

कोर्ट ने हनी सिंह और बादशाह को आदेश दिया है कि वे इस गाने के सभी असली लिंक, रीमिक्स और दूसरे वर्जन को सोशल मीडिया और म्यूजिक ऐप्स जैसे यूट्यूब, स्पॉटिफाई और गूगल से हटा दें। इसके अलावा, जो भी लोग इस गाने से जुड़े हैं या इसके अधिकार रखते हैं, उन पर भी यह आदेश लागू होगा।

 

यह पूरा मामला 'हिंदू शक्ति दल' नाम की संस्था की याचिका के बाद शुरू हुआ। संस्था ने कोर्ट में मांग की थी कि इस गाने को हटाया जाए क्योंकि यह समाज पर बुरा असर डाल रहा है। याचिका में यह भी बताया गया कि हाल ही में एक प्रोग्राम के दौरान हनी सिंह ने इस गाने की कुछ लाइनें गाई थीं, जिससे यह साफ हो गया कि यह गाना उन्हीं का है।

 

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सरकार का एक्शन

हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार को आदेश दिया है कि अगर गाने के और भी लिंक मिलते है, तो उन्हें तुरंत बंद किया जाए। याचिकाकर्ता को यह छूट दी गई है कि वे नए लिंक मिलने पर सरकार और गूगल को इसकी जानकारी दें। सरकार की तरफ से कोर्ट में भरोसा दिया गया है कि शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।

 

कोर्ट ने दोनों गायकों को नोटिस जारी कर अपनी बात रखने को कहा है। अब इस जरूरी मामले की अगली सुनवाई 7 मई को होगी। इस फैसले के बाद अब इंटरनेट से इस गाने को पूरी तरह खत्म करने की तैयारी कर ली गई है।