हम सभी ने 'पटाखा गुड्डी', 'टुंग टुंग बजता', 'दम लगाके हईशा', घनी बावरी जैसे पॉपुलर गानों को जरूर सुना है। इन गानों में बेहद बुलंद आवाज सुनाई देती है। क्या आप जानते है इन गानों को गाने वाली नूरां सिस्टर्स को उनकी मर्दाना आवाज की वजह से रिजेक्शन झेलना पड़ा था। वहीं उनके पिता का मानना था कि उनकी बुलंद और खुरदरी आवाज ही उनकी पहचान बनेगी।

 

नूरां सिस्टर्स का नाम सुल्ताना नूरान और ज्योति नूरान है। ये दोनों बहने सूफी घराने श्याम चौरसिया घराने से आती हैं। दोनों बहनों को सबसे पहले साल 2012 में एमटीवी के शो साउंड ट्रिपिन में देखा गया था। इसी शो में उन्होंने 'टुंग टुंग बजता' गाया था। इस गाने से उन्हें पहचान मिली थी। इस गाने को इस्तेमल साल 2015 में फिल्म 'सिंह इज ब्लिंग' में हुआ था।

 

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नूरां सिस्टर्स को इस हिंदी गाने से मिला ब्रेक

2015 में नूरां सिस्टर्स ने आलिया भट्ट की फिल्म 'हाइवे' के लिए 'पटाखा गुड्डी' गाया था। यह उनकी पहली हिंदी फिल्म थी। इस गाने के लिए उस साल उन्हें कई आवार्ड मिले थे। इसी साल के आखिरी में उनका पहला एलब्म 'यार गरीबां दा' आया था जो खूब पॉपुलर हुआ था।

 

उन्होंने कंगना रनौत ी की फिल्म 'तनु वेड्स मनु' का गाना 'घनी बावरी' गाया था। इन गानों ने नूरां सिस्टर्स को इंडस्ट्री में अलग पहचान दिलाई है। इसके बाद उन्होंने कई गाने गाए हैं। नूरा सिस्टर्स ने 2026 की सबसे बड़ी फिल्म ' धुरंधर : द रिवेंज' में 'वारी जावां' और 'तेरे इश्क ने' गाया है। इन दोनों गानों को कुछ खास पॉपुलैरिटी नहीं मिली।

 

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पिता से ली संगीत की ट्रेनिंग

नूरां सिस्टर्स ने बचपन से ही अपने पिता उस्ताद गुलशन मीर से ट्रेनिंग ली थी। जब गरीबी के दिन थे तब गुलशन मीर अपने बेटियों को संगीत की तालिम देते थे लेकिन आर्थिक तंगी की वजह से दोनों अपनी स्कूली पढ़ाई नहीं पूरी कर पाई। दोनों बहनें सबसे पहले दूरदर्शन के पंजाबी शो 'जश्न दी रात' में साल 2005 में परफॉर्म किया था। ज्योति ने 2007 में पंजाबी चैनल एमएच 1 के सिंगिंग शो 'निक्की आवाज पंजाबी दी' में गाया था।