बॉलीवुड के 'चीची' यानी गोविंदा एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार वजह उनकी फिल्म नहीं बल्कि उनके बेटे के करियर को लेकर उठ रहे सवाल हैं। सोशल मीडिया और गलियारों में यह चर्चा थी कि गोविंदा अपने बेटे की प्रोफेशनल लाइफ में दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं जिस पर अब ऐक्टर ने चुप्पी तोड़ी है। यह सभी आरोप गोविंदा की पत्नी ने ही लगाया है जिसकी बहुत चर्चा हो रही है।
गोविंदा ने इन बातों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उनके लिए परिवार हमेशा सबसे ऊपर रहा है। उन्होंने बताया कि सालों पहले जब उन्होंने राजनीति छोड़ी थी, तो उसका सबसे बड़ा कारण उनका परिवार ही था। वे नहीं चाहते थे कि राजनीति की आपाधापी का बुरा असर उनके बच्चों या उनके पारिवारिक जीवन पर पड़े।
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बेटे की मदद पर क्या बोले गोविंदा?
गोविंदा ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए सफाई दी है कि उन्होंने राजनीति इसलिए छोड़ी ताकि वे अपने बच्चों को एक सामान्य और खुशहाल माहौल दे सकें। वे राजनीति और निजी जीवन को आपस में उलझाना नहीं चाहते थे। बेटे की मदद न करने के आरोपों पर उन्होंने बताया कि उन्होंने फिल्म मेकर साजिद नाडियाडवाला से खुद बात की थी।
गोविंदा ने कहा, 'मैं जिस समय राजनीति से बाहर निकला, मैंने यही सोचा कि मेरी वजह से मेरे बच्चों को किसी भी तरह की तकलीफ न हो। मैंने साजिद नाडियाडवाला से कहा तो उन्होंने अपना केबिन मेरे बेटे को दे दिया। मुझसे ज्यादा पूछा नहीं गया और घर में ऐसा माहौल तैयार किया गया जिसमें बोला गया कि मैं फिल्मी करियर में नाकामयाब हूं।'
गोविंदा ने बताया कि उन्होंने फिल्म मेकर से गुजारिश की थी कि उनके बेटे का मार्गदर्शन करें। उन्हीं की देखरेख में उनके बेटे ने फिल्म प्रोडक्शन के अलग-अलग तकनीकी बारीकियों को करीब से सीखा है।
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कुल मिलाकर, गोविंदा का कहना है कि उन्होंने पर्दे के पीछे रहकर अपने बेटे को काबिल बनाने की पूरी कोशिश की है, ताकि वह खुद अपने पैरों पर खड़ा हो सके।
