अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमले के बाद ईरान दोनों देशों को मुंहतोड़ जवाब दे रहा है। इस नई जंग के छिड़ने के बाद मिडिल ईस्ट में हालात खराब हो रहे हैं। इस बीच पीछले तीन दिनों से शांत पड़े ड्रैगन (चीन) ने प्रतिक्रिया दी है। चीन ने इस युद्ध को पूरी तरह से रोकने और इसे फैलने से रोकने की अपील की है। एक बयान में चीन के विदेश मंत्रालय ने ईरान युद्ध पर कहा, 'लड़ाई को फैलने से रोकें।'

 

विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा, 'सबसे जरूरी काम मिलिट्री ऑपरेशन रोकना और झगड़े को फैलने से रोकना है। बातचीत और कुटनीतिक तरीके से हल निकाला जाना चाहिए।'

 

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क्षेत्र में टकराव तेज 

चीन का बयान ऐसे समय में आया है जब ईरानी ठिकानों पर अमेरिका और इजरायली हमले तेज हो गए हैं। वहीं, ईरान ने मिडिल ईस्ट में जवाबी हमले में मिसाइल और ड्रोन से हमला कर रहा है, जिससे क्षेत्र में टकराव तेज हो गया है। 

 

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चीन से हथियार खरीदेगा ईरान?

विदेश मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय रिश्तों में ताकत के इस्तेमाल की भी निंदा की। साथ ही सभी देशों से मिलिट्री ऑपरेशन तुरंत रोकने की अपील की। ​​रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन ने कहा कि अमेरिकी मिलिट्री कार्रवाई के बारे में चीन को पहले से जानकारी नहीं दी गई थी। वहीं, चर्चाएं शुरू हो गई हैं कि ईरान, चीन से मिसाइलें खरीदेगा। इसपर जवाब देते हुए चीन ने कहा, 'हम ऐसे दावों और इरादे वाली अटकलों को झूठा मानते हैं।'

एक चीनी की मौत, 3000 को ईरान से निकाला

इस बीच ईरान में अमेरिकी हमले में एक चीनी नागरिक की मौत हो गई है। इस घटना के बाद चीन ने अपने नागरिकों को जल्द से जल्द वहां से निकलने की चेतावनी दोहराई है। चीन ने पिछले हफ्ते अपने नागरिकों को मौजूदा सुरक्षा स्थिति का हवाला देते हुए ईरान की यात्रा न करने की चेतावनी दी थी।

चीन के विदेश मंत्रालय ने आगे बताया कि सोमवार तक 3,000 से अधिक चीनी नागरिक ईरान से निकल चुके हैं।