इजरायल, अमेरिका और ईरान की जंग अब मिडिल ईस्ट में तबाही ला रही है। सुप्रीम लीडर आयतुल्ला खामेनेई की मौत हो गई है, जिसे लेकर लोग भड़के हैं। एक तरफ कई लोग उनकी मौत का शोक मना रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कुछ लोग उनकी मौत पर जश्न भी मना रहे हैं। इसी सिलसिले में ऑस्ट्रेलिया की एक महिला न्यूज एंकर ने खामेनेई की मौत पर कुछ ऐसा कहा है, जो वायरल हो रहा है।
यह महिला ऑस्ट्रेलिया के स्काई न्यूज में एंकर के तौर पर काम करती हैं, जिनका नाम रीता है। स्काई न्यूज चैनल पर रीता ने बताया कि उनका जन्म ईरान में हुआ था, लेकिन बचपन में ही वह ईरान से पलायन कर ऑस्ट्रेलिया आ गई थीं। स्काई न्यूज चैनल के लाइव प्रसारण में उन्होंने अपनी कड़ी प्रतिक्रिया दी, जिसे सुनकर कई लोग उनका समर्थन कर रहे हैं, तो कई लोग उनके विचारों का विरोध भी कर रहे हैं।
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रीता ने क्या कहा है?
रीता ने न्यूज चैनल में ब्रॉडकास्टिंग के दौरान कहा, 'मैं बस इतना ही कहना चाहती हूं कि 47 साल के इस्लामी अत्याचार के बाद एक तानाशाही का अंत हो गया है और इस वक्त ईरान आजादी के कगार पर है। इसके बाद रीता ने कहा, 'मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं अपने जीवन में यह दिन देख पाऊंगी।'
रीता ने अपने बयानों के जरिए अमेरिका के राष्ट्रपति का शुक्रिया अदा करते हुए उनकी तारीफ की और कहा कि अमेरिका और इजराइल ने अपने ताकतवर मिसाइलों के जरिए यह कारनामा कर दिखाया है। रीता के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर खलबली मच गई है।
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ने अपने इस बयान को एक्स पर भी पोस्ट किया है। इस पोस्ट को कुछ ही घंटों में 100,000 से ज्यादा लोगों ने देख लिया। हालांकि, कई लोग ऐसे भी हैं जो खामेनेई की मौत पर शोक व्यक्त कर रहे हैं। ईरान के कई टीवी एंकर लाइव प्रसारण में दुख व्यक्त करते हुए भावुक नजर आए।
अमेरिका के राष्ट्रपति ने क्या कहा था?
जहां एक तरफ डोनाल्ड ट्रंप ने खामेनेई की मौत की घोषणा करते हुए कहा कि वह इतिहास के सबसे बुरे लोगों में से एक थे और उनकी मौत पर खुशी व्यक्त की, वहीं दूसरी तरफ रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने दुख जताते हुए कहा, 'ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई और उनके परिवार के सदस्यों की हत्या पर मेरी गहरी संवेदना स्वीकार करें, जो मानवीय नैतिकता और अंतरराष्ट्रीय कानून के सभी नियमों का उल्लंघन करते हुए की गई है।'
इन बयानों से साफ होता है कि खामेनेई की मौत पर लोगों की दो अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कई लोग उनकी मौत पर दुख और शोक जता रहे हैं, जबकि कई लोग इसे जश्न के रूप में देख रहे हैं।