अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अरबपित एलन मस्क कभी दोस्त हुआ करते थे लेकिन अब दोनों में कड़वाहट बढ़ गई है। यह कड़वाहट तब सामने आई, जब पिछले हफ्ते एलन मस्क ने ट्रंप सरकार से नाता तोड़ दिया। ट्रंप ने उन्हें डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी यानी DOGE की कमान सौंपी थी लेकिन पिछले हफ्ते मस्क इससे अलग हो गए। ट्रंप ने इस डिपार्टमेंट को सरकारी खर्च में कटौती करने के लिए बनाया था और इसकी जिम्मेदारी मस्क को सौंपी थी। DOGE से अलग होने के बाद मस्क ने X पर लिखा, 'मैं राष्ट्रपति ट्रंप का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं कि उन्होंने मुझे फालतू खर्च में कटौती करने का मौका दिया।'


ट्रंप ने मस्क को 'सरकारी कर्मचारी' का दर्जा दिया था और उन्हें साल के 130 दिनों तक नौकरी करने की इजाजत थी। वैसे तो उनका कार्यकाल मई में खत्म होने ही वाला था लेकिन उन्होंने इससे पहले ही अलग होने का ऐलान कर दिया। 


हालांकि, एलन मस्क की ट्रंप से नाराजगी की वजह कुछ और ही है। वह वजह क्या है? ट्रंप का 'बिग ब्यूटीफुल बिल', जिसमें कई तरह की टैक्स छूट और रक्षा खर्च को बढ़ाने के प्रावधान हैं। ट्रंप सरकार का यह बिल संसद के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में पास हो गया है। फिलहाल इस बिल पर ऊपरी सदन सीनेट में बहस हो रही है। यह बिल सीनेट से भी आसानी से पास हो जाएगा, क्योंकि वहां भी ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी का दबदबा है।

 


इस बिल को मस्क को 'डिस्गजस्टिंग' यानी 'घृणित' बताया है। उन्होंने X पर लिखा, 'जिन्होंने इस बिल के लिए वोट किया, उन्हें शर्म आनी चाहिए। आप जानते हैं कि आपने गलत किया है।' हालांकि, हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के स्पीकर माइक जॉनसन ने मस्क की आपत्तियों को खारिज करते हुए कहा, 'मेरे दोस्त एलन गलत हैं।'

 

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ट्रंप से नाराज क्यों हैं मस्क? 5 वजहें

  • पहलीः ट्रंप सरकार के बिल में इलेक्ट्रिक व्हीकल की खरीद पर मिलने वाली टैक्स छूट को खत्म करने का प्रस्ताव है। बाइडेन सरकार नई EV खरीदने पर 7,500 डॉलर की टैक्स छूट देती थी। ट्रंप इसे खत्म करने जा रहे हैं। बिल में प्रावधान है कि जो कंपनियां 2009 से 2025 के बीच 2 लाख EV बेच चुके हैं, उन्हें छूट नहीं मिलेगी। यह सीधे तौर पर एलन मस्क की टेस्ला के लिए झटका है।
  • दूसरीः अमेरिकी स्पेस एजेंसी NASA में एलन मस्क अपने भरोसेमंद जेरेड इसाकमैन को एडमिनिस्ट्रेटर के रूप में नियुक्त करवाना चाहते थे। मगर ट्रंप ने उनकी सिफारिश को नजरअंदाज कर दिया। मस्क का मानना था कि अगर इसाकमैन NASA में एडमिनिस्ट्रेटर बनते हैं, तो इससे उनकी कंपनी SpaceX को भी फायदा होगा। जब ट्रंप ने उनकी सिफारिश को मानने से इनकार कर दिया तो मस्क ने कहा, 'इसाकमैन जैसा व्यक्ति मिलना दुर्लभ है।'
  • तीसरीः ट्रंप ने मस्क को DOGE की जिम्मेदारी सौंपी थी, जिसका काम सरकारी खर्च में कटौती करना था। ट्रंप ने उन्हें एक तरह से 'बेकार और फालतू खर्च' कम करने को कहा था। इसके लिए DOGE ने हजारों-लाखों सरकारी कर्मचारियों की छंटनी की। इसने एलन मस्क की छवि को नुकसान पहुंचाया। ज्यादातर लोगों का मानना था कि मस्क अपनी मर्जी से लोगों को नौकरियों से निकाल रहे हैं। मस्क ने कहा था, 'यह सही नहीं है, क्योंकि DOGE हर चीज के लिए निशाना बनाया गया है।'

  • चौथीः मस्क की बदलती छवि का असर उनके कारोबार पर पड़ा। टेस्ला के कई शोरूम में तोड़फोड़ की गई। टेस्ला की बिक्री में भी गिरावट आई। इस कारण टेस्ला के शेयर रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद 50% तक गिर गए। मस्क की नेटवर्थ में भी 100 अरब डॉलर की गिरावट आई। उन्होंने कहा कि DOGE को 'कोड़े' मारे जा रहे हैं। इस कारण जब मस्क फंसते चले गए तो उन्होंने कहा, 'मैं सरकार के खिलाफ नहीं बोलना चाहता लेकिन मैं प्रशासन के हर काम की जिम्मेदारी भी नहीं लेना चाहता।'
  • पांचवींः एलन मस्क चाहते थे कि एयर ट्रैफिक कंट्रोल अपग्रेड का कॉन्ट्रैक्ट उनकी कंपनी Starlink को मिले, मगर ऐसा नहीं हुआ। फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) ने 2.4 अरब डॉलर का यह कॉन्ट्रैक्ट Verizon को दे दिया। मस्क ने कहा कि Verizon से यह कॉन्ट्रैक्ट लेकर Starlink को देना चाहिए। हालांकि, इसका विरोध करने वालों ने तर्क दिया कि अगर ऐसा हुआ तो यह 'हितों का टकराव' होगा, क्योंकि एक तरफ मस्क खुद सरकारी खर्च में कटौती का आदेश दे रहे हैं।

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अब इस बिल में ऐसा क्या है?

ट्रंप सरकार जो बिल लेकर आई है, उसका नाम 'वन बिग ब्यूटीफुल बिल ऐक्ट' है। शॉर्ट में इसे OBBBA या BBB कहा जा रहा है। एक हजार से ज्यादा पन्नों के इस बिल में टैक्स कटौती से लेकर कई सारे ऐसे प्रावधान हैं, जिनसे मस्क को आपत्ति है।

  • टैक्स में छूटः ट्रंप ने सोशल सिक्योरिटी इनकम पर टैक्स खत्म करने का वादा किया था। यह वादा तो पूरा नहीं किया लेकिन बिल में इसके लिए कुछ प्रावधान हैं। 65 साल से ऊपर के लोगों के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन को बढ़ाकर 4 हजार डॉलर कर दिया गया है। यह डिडक्शन 2025 से 2028 तक रहेगा। अगर शादीशुदा हैं तो 1.50 लाख और सिंगल हैं तो 75 हजार डॉलर तक की इनकम पर स्टैंडर्ड डिडक्शन घटता रहेगा।
  • डेट सीलिंग बढ़ाईः अमेरिका भले ही दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था हो, मगर उस पर भी भारी-भरकम कर्जा है। अमेरिका में कर्ज लेने की एक सीमा है, जिसे डेट सीलिंग कहा जाता है। ट्रंप के इस बिल में डेट सीलिंग की लिमिट को 4 ट्रिलियन डॉलर बढ़ाकर 40 ट्रिलियन डॉलर करने का प्रस्ताव है। अमेरिका पर अभी कर्ज 36 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा का है। बिल के पास होने के बाद अमेरिका 4 ट्रिलियन डॉलर का कर्ज और ले सकता है।
  • SALT छूट की लिमिट बढ़ीः इस बिल में स्टेट एंड लोकल टैक्स (SALT) में कटौती की लिमिट बढ़ाने का प्रस्ताव है। अभी सालाना 10 हजार डॉलर तक की टैक्स छूट मिलती है। यह छूट इस साल खत्म हो रही है। बिग ब्यूटीफुल बिल में इस लिमिट को बढ़ाकर 40 हजार डॉलर तक करने का प्रावधान किया गया है। हालांकि, यह छूट उन्हीं शादीशुदा लोगों को मिलेगी, जिनकी सालाना आय 5 लाख डॉलर से ज्यादा है।

  • अमीर और अमीर होंगेः इस बिल में अमीरों के लिए टैक्स में कटौती का प्रस्ताव है। इससे अमीर और अमीर जबकि गरीब और गरीब हो सकते हैं। येल यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स का अनुमान है कि 14 हजार डॉलर से कम की सालाना आय वाले परिवारों की कमाई 2027 तक 800 डॉलर कम हो जाएगी। वहीं, 1.28 लाख डॉलर से ज्यादा कमाने वालों की कमाई 9,700 डॉलर तक बढ़ सकती है।
  • गोल्डन डोम और रक्षा खर्चः ट्रंप ने हाल ही में गोल्डन डोम के डिजाइन को मंजूरी दी थी। यह एयर डिफेंस सिस्टम है, जो हवा में ही हर तरह की मिसाइल को मार देगा। इस बिल में गोल्डन डोम के लिए 25 अरब डॉलर का प्रस्ताव है। अनुमान है कि इस पूरे प्रोजेक्ट की लागत 500 अरब डॉलर तक पहुंच सकती है। इसके अलावा, इस बिल में गोला-बारूद के लिए 21 अरब डॉलर और नौसेना के बेड़े के लिए 34 अरब डॉलर का खर्च करने का प्रस्ताव भी रखा गया है।
  • इमिग्रेशन पर खर्चः अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अवैध अप्रवासियों के खिलाफ मुखर रहे हैं। उन्होंने अपने पहले कार्यकाल में अमेरिका-मेक्सिको बॉर्डर पर दीवार बनवाई थी, जिसके लिए 46 अरब डॉलर खर्च किए थे। इस नए बिल में मेक्सिको बॉर्डर पर पेट्रोलिंग बढ़ाने के लिए अफसरों की भर्ती की जाएगी, जिस पर 4 अरब डॉलर का खर्च किया जाएगा। इसके अलावा, बॉर्डर पेट्रोलिंग के लिए 2.1 अरब डॉलर का अतिरिक्त खर्चा भी किया जाएगा।

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मस्क को क्या है इस पर आपत्ति?

एलन मस्क ने ट्रंप सरकार के इस बिल पर आपत्ति जताई है। उन्होंने इसे 'डिसगस्टिंग' बताया है। एलन मस्क का तर्क है कि बिल के खर्च से पहले से ही बहुत बड़ा बजट घाटा 'और' बढ़ जाएगा। उनका दावा है कि इससे अमेरिकियों पर कर्ज का बोझ बढ़ेगा।

 


माना जा रहा है कि इस बिल से अमेरिका पर कर्जा और बढ़ सकता है। कांग्रेसनल बजट ऑफिस का अनुमान है कि नया बिल कर्ज को 3.8 ट्रिलियन डॉलर तक और बढ़ा देगा, जो अभी 36.2 ट्रिलियन डॉलर है। एलन मस्क भी कई बार कह चुके हैं कि अमेरिका डिफेंस पर खर्च करने से ज्यादा तो कर्ज पर ब्याज चुकाने पर खर्च करता है।


कई रिसर्च में सामने आया है कि अगर बिल पास होता है तो इससे अमेरिका पर 2.5 से 3.1 ट्रिलियन डॉलर का कर्ज और बढ़ सकता है। हाल ही में अमेरिका पर कर्ज लगातार बढ़ा है। अमेरिका के डिपार्टमेंट ऑफ ट्रेजरी के मुताबिक, 2025 तक देश पर 36 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा का कर्ज है। यह अमेरिका की GDP का 121% है।


फिलहाल, यह बिल अमेरिका में ट्रंप और मस्क की दोस्त में दरार ला चुका है। पिछले हफ्ते ही यह बिल हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में मात्र 1 वोट से पास हो सका। इस बिल के पक्ष में 215 और विरोध में 214 वोट पड़े थे। अब इस बिल को सीनेट में पेश किया जाएगा, जहां से यह आसानी से पास हो सकता है।