अमेरिका और इजरायल मिलकर ईरान को घुटनों पर लाने के लिए संयुक्त रूप से हमला कर रहे हैं। इस बीच खबर सामने आई है कि ईरान इस जंग को रोकने के लिए अमेरिका से बात करना चाहता है। यह जानकारी खुद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दी है। ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि ईरान बात करना चाहता है, लेकिन अब बहुत देर हो चुकी है। इस समय अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध चरम पर है।
तीनों मोर्चे से हमले किए जा रहे हैं, जिसने पूरे मिडिल ईस्ट को अपनी चपेट में ले लिया है। अमेरिका ने इजरायल के साथ मिलकर 28 फरवरी को ईरान पर हमला किया था। हमलों में अकेले ईरान में 700 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है। इन्हीं हमलों में ईरान के सुप्रीम नेता अयातुल्ला खामेनेई के साथ में कई टॉप पॉलिटिकल और मिलिट्री नेता भी मारे गए हैं।
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'बहुत देर हो चुकी है'
ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल पोस्ट में एक ओपिनियन पीस पर कमेंट करते हुए कहा, 'उनका एयर डिफेंस, एयर फोर्स, नेवी और लीडरशिप खत्म हो गई है। वे बात करना चाहते हैं। मैंने कहा- बहुत देर हो चुकी है!'
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जवाबी कार्रवाई कर रहा ईरान
इस बीच अमेरिका और इजरायल के मंगलवार को भी तेहरान पर हमले जारी रखे, जिसके जवाब में ईरान भी जवाबी कार्रवाई कर रहा है। ईरान ने अपनी मिसाइलों और ड्रोन के हमले बढ़ा दिए हैं। इन हमलों में ईरान ने अमेरिका के कई हथियारों को मार गिराया है।
ईरान ने ड्रोन हमले में सऊदी अरब में स्थित अमेरिकी दूतावास को नष्ट कर दिया। सोशल मीडिया पर आई वीडियो में देखा गया कि दूतावास आग की लपटों से घिरा हुआ था। इससे पहले कुवैत में भी णएरिकी मिशन पर हमला हुआ था। अमेरिका ने इलाके में चल रहे अपने मिशनों को बंद कर दिया और गैर-इमरजेंसी सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों को पश्चिम एशिया के देशों से जाने का आदेश दिया है।
