अमेरिका-इजरायल के ईरान के ऊपर किए गए संयुक्त हमले को 9 दिन बीत चुके हैं। यह हमला पूरी तरह से युद्ध में तब्दील हो चुका है। अमेरिका ने खुद माना है कि ये संघर्ष कई हफ्तों तक खिंच सकता है। इस बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दुनियाभर में बढ़ रही तेल की कीमतों को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि दुनिया में बढ़ रही कच्चे तेल की कीमतें शॉर्ट टर्म के लिए हैं यानि कि यह अल्पकालीन है।
डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि क्रूड ऑयल की बढ़ रही कीमतें युद्ध में ईरान के हारते ही खत्म हो जाएगी। उन्होंने कहा कि अमेरिका जल्द ही ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम को खत्म करेगा, जिसके बाद यह समस्या खत्म हो जाएगी। ट्रंप ने खुद इसकी जानकारी दी है।
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डोनाल्ड ट्रंप ने कहा क्या है?
उन्होंने अपने ट्रूथ सोशल पर कहा, 'शॉर्ट टर्म ऑयल प्राइस, जो ईरान के न्यूक्लियर खतरे के खत्म होने पर तेजी से गिरेंगे। अमेरिका और दुनिया के सामने में सुरक्षा और शांति लाने के लिए यह चुकाने के लिए बहुत छोटी कीमत है। सिर्फ बेवकूफ लोग ही इससे अलग सोचेंगे!'
114 डॉलर प्रति बैरल पहुंचा तेल
इस बीच पीटीआई ने बताया कि ईरान युद्ध तेज होने के बीच तेल के दाम 2022 के बाद से पहली बार 114 डॉलर प्रति बैरल हो गए हैं। अंतरराष्ट्रीय मानक वाले ब्रेंट कच्चे तेल का दाम 114 डॉलर प्रति बैरल हो गया है जो शुक्रवार की तुलना में 23 प्रतिशत अधिक है।
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शुक्रवार को तेल का दाम 92.69 डॉलर प्रति बैरल था। ईरान युद्ध के दूसरे हफ्ते भी जारी रहने से कई देश और स्थान उसकी अपनी चपेट में आ गये हैं, जिसकी वजह से तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है। फारस की खाड़ी में ये वे देश एवं स्थान हैं जो तेल व गैस के उत्पादन तथा परिवहन के लिए महत्वपूर्ण हैं।
शेयर मार्केट भी टूटा
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से भारत का शेयर मार्केट भी टूट रहा है। सोमवार को बाजार खुलते ही सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 2,345.89 अंक टूट गया। इस टूट की वजह से सेंसेक्स 76,573.01 अंक पर आ गया। वहीं, निफ्टी 708.75 अंक गिरकर 23,741.70 अंक पर आ गई। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया भी 43 पैसे गिरकर 92.25 प्रति डॉलर पर आ गया है।
