ईरान में महंगाई के खिलाफ लोगों का गुस्सा थमता नहीं दिख रहा है। हिंसक प्रदर्शन में अब तक छह लोगों की जान गई है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की सरकार को सीधी चेतावनी जारी की है। डोनाल्ड ट्रंप ने अगर शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को मारा जाता है तो उनकी मदद में अमेरिका आगे आएगा। बता दें कि पिछले पांच दिनों से ईरान में महंगाई के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी हैं। 2022 के बाद यह अब तक के सबसे हिंसक विरोध प्रदर्शन हैं।
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल पर लिखा, 'अगर ईरान शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाता है और उन्हें बेरहमी से मारता है तो अमेरिका उनकी मदद के लिए आगे आएगा। हम वहां जाने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।' हाल ही में कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि अमेरिका के साथ मिलकर इजरायल हमले की तैयारी कर रहा है। वहीं अब ट्रंप की नई धमकी को इसी से जोड़कर देखा जा रहा है।
ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के एक वरिष्ठ सलाहकार ने ट्रंप के बयान का जवाब दिया। उन्होंने धमकी भरे लहजे में कहा कि ईरानी विरोध प्रदर्शनों में किसी भी प्रकार का अमेरिकी दखल पूरे क्षेत्र में अराजकता की वजह बनेगा।
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ऑस्ट्रेलिया ने भी की निंदा
शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर सरकारी दमन के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया ने भी आवाज उठाई है। उसने पुलिसिया कार्रवाई का निंदा की और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के प्रति सम्मान की अपील की। ऑस्ट्रेलिया ने आईआरजीसी से जुड़े लोगों समेत अन्य पर प्रतिबंध का ऐलान भी किया है। उधर, ईरान के निर्वासित राजकुमार रजा पहलवी ने प्रदर्शन में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धाजंलि दी।
ईरान में जनता प्रदर्शन क्यों कर रही?
ईरान में प्रदर्शनों की नई लहर रविवार को शुरू हुई। सबसे पहले मंदी के खिलाफ दुकानदारों ने प्रदर्शन शुरू किया और बाद में 10 विश्वविद्यालयों के समर्थन के बाद प्रदर्शन देशव्यापी बन गए। ईरान की फार्स समाचार एजेंसी के मुताबिक चहारमहल और बख्तियारी प्रांत के लोरदेगान शहर में प्रदर्शनकारियों के साथ झड़प हुई। इसमें दो लोगों की जान गई। वहीं लोरिस्तान प्रांत के अजना में तीन लोगों के मारे जाने की खबर है।
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अजना शहर में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस थाने पर हमला किया। इसके अलावा लोरदेगान में सरकारी इमारतों पर पत्थरबाजी की गई। मस्जिद, गवर्नर का कार्यालय, शहीद फाउंडेशन, टाउन हॉल और बैंकों को निशाना बनाया गया। प्रदर्शनकारियों ने सरकारी इमारतों को भारी नुकसान पहुंचाया है। उधर, कौहदाश्त शहर में रातभर हिंसक विरोध प्रदर्शन जारी रहा। इसमें अर्धसैनिक बल का एक जवान मारा गया। 13 पुलिसकर्मी और एक अर्धसैनिक बल का जवान घायल है। प्रदर्शनकारियों ने एक मस्जिद में आग लगाने की भी कोशिश की। राजधानी तेहरान में 30 लोगों को पुलिस ने उठाया है।
धार्मिक सरकार को हटाना चाहते लोग
ईरानी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक विरोध प्रदर्शन तेहरान, मशहद, इस्फहान, लोरेस्तान, खुजेस्तान समेत देश के अन्य हिस्सों तक फैल गए हैं। ईरान के पवित्र शहर कोम में भी जनता सड़क पर उतर आई है। भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच लोगों ने सरकारी विरोधी और राजशाही के समर्थन में नारेबाजी की। कोम शहर को इस्लामी गणराज्य और शिया धर्मगुरुओं का अहम गढ़ माना जाता है। मगर अब यह हिंसा की चपेट में है। पहले जनता महंगाई खिलाफ सड़क पर उतरी थी। मगर अब उसकी मांगें बदल रही हैं। ईरान की जनता खुलेआम धार्मिक शासन और सर्वोच्च नेता को हटाने की मांग कर रही है। राजशाही के समर्थन में नारेबाजी की जा रही है।
