'आपकी नहीं चली तो पद छोड़ क्यों नहीं दिया', इंदौर कांड के बाद भड़कीं उमा भारती
मध्य प्रदेश के इंदौर में गंदा पानी से कम से कम 4 लोगों की मौतें हुईं हैं। सीएम मोहन यादव के नेतृत्व वाली सरकार पर अब पार्टी के सीनियर नेता ही सवाल उठा रहे हैं। पढ़ें रिपोर्ट।

बीजेपी नेता उमा भारती। Photo Credit: PTI
मध्य प्रदेश के इंदौर शहर को देश के सबसे स्वच्छ शहर का तमगा मिला है। हैरान करने वाली बात यह है कि उसी शहर में गंदा पानी पीने की वजह से कुछ मौतें हुईं हैं। एक तरफ इंदौर के मेयर का कहना है कि इंदौर के भागीरथपुरा में सप्लाई हुए जहरीले पानी पीने की वजह से 10 से ज्यादा मौतें हुईं हैं, वहीं मुख्यमंत्री का दावा है कि 4 मौतें हुईं हैं। इंदौर के स्थानीय विधायक कैलाश विजयवर्गीय जहां चुप्पी साधे हुए हैं, वहीं दूसरी तरफ उनकी ही पार्टी की सीनियर नेता और पूर्व सीएम उमा भारती ने राज्य सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा है कि यह हादसा, महापाप है, जिससे जिम्मेदार लोग बच नहीं सकते हैं।
इंदौर में लोगों के बीमार पड़ने पर उमा भारती ने राज्य सरकार और प्रशासन को घेरा है। उन्होंने कहा, 'सिर्फ इंदौर के मेयर नहीं, मध्य प्रदेश का शासन एवं प्रशासन, इस महापाप के सभी जिम्मेवार लोग जनता के प्रति अपराध के कटघरे में खड़े हैं।' उमा भारती ने बताया कि उन्होंने आंख का ऑपरेशन कराया है, इसलिए वह अभी मीडिया के सामने नहीं आ रही हैं।
यह भी पढ़ें: 10 साल की मन्नतों के बाद पैदा हुआ था बेटा, इंदौर में पानी पीने से मर गया
उमा भारती:-
इंदौर दूषित पानी के मामले में यह कौन कह रहा है कि हमारी चली नहीं। जब आपकी नहीं चली तो आप पद पर बैठे हुए बिसलेरी का पानी क्यों पीते रहे? पद छोड़कर जनता के बीच क्यों नहीं पहुंचे? ऐसे पापों का कोई स्पष्टीकरण नहीं होता या तो प्रायश्चित या दंड। साल 2025 के अंत में इंदौर में गंदे पानी पीने से हुई मौतें हमारा प्रदेश, हमारी सरकार और हमारी पूरी व्यवस्था को शर्मिंदा और कलंकित कर गईं।'
'गंदगी के जहर ने लोगों की जिंदगी निगल ली'
उमा भारती ने कहा, 'देश के सबसे स्वच्छ शहर का अवार्ड प्राप्त करने वाले नगर में इतनी बदसूरती, गंदगी, जहर मिला पानी जो कितनी जिंदगियों को निगल गया और निगलता जा रहा है, मौत का आंकड़ा बढ़ रहा है। जिंदगी की कीमत दो लाख रुपए नहीं होती क्योंकि उनके परिजन जीवन भर दुःख में डूबे रहते हैं। इस पाप का घोर प्रायश्चित करना होगा, पीड़ितजनों से माफी मांगनी होगी और नीचे से लेकर ऊपर तक जो भी अपराधी हैं उन्हें अधिकतम दंड देना होगा। यह मोहन यादव की परीक्षा की घड़ी है।'
यह भी पढ़ें: पाइपलाइन में लीकेज, ऊपर टॉयलेट; इंदौर में पीने का पानी ऐसे बना जानलेवा
https://twitter.com/umasribharti/status/2007006425500037389
'इंदौर में पानी नहीं, जहर बंटा'
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी इंदौर कांड पर कांग्रेस को घेरा है। उन्होंने कहा, 'इंदौर में पानी नहीं, जहर बंटा और प्रशासन कुंभकर्णी नींद में रहा। घर-घर मातम है, गरीब बेबस हैं। ऊपर से BJP नेताओं के अहंकारी बयान। जिनके घरों में चूल्हा बुझा है, उन्हें सांत्वना चाहिए थी। सरकार ने घमंड परोस दिया। लोगों ने बार-बार गंदे, बदबूदार पानी की शिकायत की फिर भी सुनवाई क्यों नहीं हुई?'
राहुल गांधी:-
सीवर पीने के पानी में कैसे मिला? समय रहते सप्लाई बंद क्यों नहीं हुई? जिम्मेदार अफसरों और नेताओं पर कार्रवाई कब होगी? यह फोकट सवाल नहीं, यह जवाबदेही की मांग है। साफ पानी एहसान नहीं, जीवन का अधिकार है। इस अधिकार की हत्या के लिए BJP का डबल इंजन, उसका लापरवाह प्रशासन और संवेदनहीन नेतृत्व पूरी तरह जिम्मेदार है।
मध्य प्रदेश अब कुप्रशासन का एपिसेंटर बन चुका है
राहुल गांधी ने कहा, 'मध्यप्रदेश अब कुप्रशासन का एपिसेंटर बन चुका है। कहीं खांसी की सिरप से मौतें, कहीं सरकारी अस्पताल में बच्चों की जान लेने वाले चूहे, और अब सीवर मिला पानी पीकर मौतें। और जब-जब गरीब मरते हैं, मोदी जी हमेशा की तरह खामोश रहते हैं।'
https://twitter.com/RahulGandhi/status/2006997931820453940
इंदौर पर स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़े क्या कह रहे हैं?
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक भागीरथपुरा में उल्टी-दस्त के प्रकोप से चार लोगों की मौत हुई है। भागीरथपुरा से लिए गए पानी के सैंपल की शुरुआती जांच रिपोर्ट के आधार पर इस इलाके में हैजा फैलने का संदेह है। इंदौर के मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव प्रसाद हासानी ने जानकारी दी थी कि भागीरथपुरा में पाइपलाइन में लीकेज था, जिसकी वजह से पानी में संक्रमण फैला।
PTI की एक रिपोर्ट के मुताबिक भागीरथपुरा में एक पुलिस चौकी के पास वाटर स्प्लाई की मेन पाइपलाइन में उस जगह लीकेज मिला है जिसके ऊपर एक शौचालय बना है। अधिकारियों का दावा है कि इस लीकेज की वजह से ही पानी प्रदूषित हुआ है।
यह भी पढ़ें: 8 अफसरों को पीछे छोड़कर बंगाल की पहली महिला मुख्य सचिव बनीं नंदिनी कौन हैं?
इंदौर में क्या हो रहा है?
भागीरथपुरा में उल्टी-दस्त की वजह से बीते 9 दिनों में 1,400 से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग अधिकारियों का कहना है कि 272 मरीजों को अस्पतालों में भर्ती किया गया, जिनमें से 71 लोगों को छुट्टी दी जा चुकी है। अस्पतालों में भर्ती 201 मरीजों में शामिल 32 लोग इंटेंसिव केयर यूनिट में हैं। भागीरथपुरा में सबसे ज्यादा प्रभावित पान वाली बस्ती है। यहां कम से कम 20 से ज्यादा लोग बीमार हुए हैं। हादसे के बाद विभाग ने पानी के सैंपल लिए थे उनकी जांच रिपोर्ट भी सामने आ गई है। रिपोर्ट साफ कह रही है कि पानी पीने योग्य नहीं था। पानी में खतरनाक बैक्टीरिया पाए गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद अब हैजा फैलने का डर भी सताने लगा है।
और पढ़ें
Copyright ©️ TIF MULTIMEDIA PRIVATE LIMITED | All Rights Reserved | Developed By TIF Technologies
CONTACT US | PRIVACY POLICY | TERMS OF USE | Sitemap


