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8 अफसरों को पीछे छोड़कर बंगाल की पहली महिला मुख्य सचिव बनीं नंदिनी कौन हैं?

पश्चिम बंगाल की प्रशासनिक व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव किया गया है। राज्य में पहली बार किसी महिला अधिकारी को राज्य सरकार के मुख्य सचिव के रूप में नियुक्त किया गया है।

Nandini Chakravarty

नंदिनी चक्रवर्ती: Photo Credit: Social Media

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पश्चिम बंगाल की प्रशासनिक व्यवस्था में एक ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिला है। राज्य सरकार ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी नंदिनी चक्रवर्ती को मुख्य सचिव नियुक्त किया है, जिसके साथ ही वह इस पद पर पहुंचने वाली पश्चिम बंगाल की पहली महिला अधिकारी बन गई हैं। राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस की मंजूरी के बाद हुई इस नियुक्ति को न केवल प्रशासनिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है, बल्कि विधानसभा चुनाव से पहले इसे राजनीतिक रूप से भी बेहद महत्वपूर्ण कदम के तौर पर देखा जा रहा है। आठ वरिष्ठ अधिकारियों को पीछे छोड़कर नंदिनी चक्रवर्ती की ताजपोशी ने सत्ता के गलियारों में हलचल बढ़ा दी है और राज्य के प्रशासनिक ढांचे में बड़े बदलाव के संकेत दिए हैं।

 

1994 बैच की आईएएस अधिकारी नंदिनी चक्रवर्ती को ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस सरकार ने मुख्य सचिव नियुक्त किया है। यह नियुक्ति राज्य में होने वाले विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले की गई है, जिसे राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है। नंदिनी चक्रवर्ती ने निवर्तमान मुख्य सचिव मनोज पंत से कार्यभार संभाला। मनोज पंत 1991 बैच के आईएएस अधिकारी हैं, जो 30 जून को सेवानिवृत्त हो चुके थे। उन्हें 1 जुलाई से 31 दिसंबर तक छह महीने का सेवा विस्तार दिया गया था, जो बुधवार को समाप्त हो गया।

 

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मनोज पंत बने सीएम के प्रधान सचिव

मनोज पंत को अब मुख्यमंत्री का प्रधान सचिव नियुक्त किया गया है। उन्हें मुख्य सचिव के समकक्ष रैंक दी गई है। वहीं, 2004 बैच के आईएएस अधिकारी जगदीश प्रसाद मीणा को नया गृह सचिव बनाया गया है। इससे पहले वह कार्मिक और प्रशासनिक सुधार विभाग के सचिव थे। उन्होंने नंदिनी चक्रवर्ती की जगह गृह सचिव का पद संभाला है।

 

नबान्न (राज्य सचिवालय) के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, नंदिनी चक्रवर्ती की नियुक्ति से तृणमूल सरकार को विधानसभा चुनाव के दौरान चुनाव आयोग से जुड़े मामलों में रणनीतिक बढ़त मिल सकती है।

वाम मोर्चा की करीबी थी नंदिनी चक्रवर्ती

नंदिनी चक्रवर्ती पहले वाम मोर्चा सरकार की काफी करीबी मानी जाती थीं। वह 2007-08 में सिंगुर और नंदीग्राम के भूमि अधिग्रहण आंदोलन के समय पश्चिम बंगाल औद्योगिक विकास निगम (WBIDC) की प्रमुख थीं। यह आंदोलन खुद ममता बनर्जी के नेतृत्व में हुआ था।

 

2011 में जब तृणमूल कांग्रेस सत्ता में आई और ममता बनर्जी मुख्यमंत्री बनीं, तब भी नंदिनी चक्रवर्ती WBIDC की प्रमुख बनी रहीं। इसके साथ ही उन्हें सूचना और संस्कृति विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया था।

 

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अन्य अधिकारियों के फेर बदल

अन्य प्रशासनिक फेरबदल में, 1989 बैच के आईएएस अधिकारी और अतिरिक्त मुख्य सचिव अत्री भट्टाचार्य को सुंदरबन मामलों के विभाग के साथ-साथ नेताजी सुभाष प्रशासनिक प्रशिक्षण संस्थान के महानिदेशक का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

 

अतिरिक्त मुख्य सचिव बरुण कुमार रॉय, जो गैर-पारंपरिक और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत विभाग के प्रमुख हैं, उन्हें पर्यटन विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। पहले यह विभाग नंदिनी चक्रवर्ती के पास था। लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के प्रधान सचिव सुरेंद्र गुप्ता को प्रेसीडेंसी डिवीजन का मंडल आयुक्त बनाया गया है।

 

इसके अलावा, उत्तर बंगाल विकास विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव दुश्यंत नारियाल को गोरखालैंड टेरिटोरियल एडमिनिस्ट्रेशन (GTA) के प्रधान सचिव का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। साथ ही उन्हें सुधारात्मक प्रशासन विभाग की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।


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