ईरान के खिलाफ छिड़े युद्ध में अमेरिका खुद को अजेय मान रहा था। डोनाल्ड ट्रंप, बार-बार दावा कर रहे थे, महज एक हफ्ते में यह जंग खत्म हो जाएगी, ईरान में सत्ता परिवर्तन हो जाएगा, ईरान अपने परमाणु कार्यक्रमों पर ताला जड़ देगा या उन्हें तबाह कर दिया जाएगा। जंग दूसरे महीने में पहुंच गई है। अमेरिका को सिर्फ शहादत और सैन्य क्षति नसीब हुई है, सफलता नहीं मिली है। इजरायल ने भी अपने जवानों और आम नागरिकों को खोया है।
ईरान के साथ चल रहे जंग में एक और मोर्चे पर अमेरिका को झटका लगा है। अमेरिकी वायुसेना का एक F-15ई स्ट्राइक ईगल लड़ाकू विमान, ईरान में ढेर हो गया है। ईरान की मजबूत एयर डिफेंस सिस्टम ने अमेरिका को ऐसा झटका दिया है, जिसकी कल्पना ट्रंप ने नहीं की थी।
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फुस्स हो गए अमेरिका के 'सुपरपावर' वाले दावे
डोनाल्ड ट्रंप और रक्षा सचिव पीट हेगसेथ जंग में खुद को अजेय मान रहे थ। उनका कहना था कि इजरायल और अमेरिका के पास ईरान की हवाई सीमा पर पूरा नियंत्रण है। ईरान के सारे मिसाइल लॉन्चर, अमेरिकी हमलों में तबाह हो चुके हैं। ईरान ने इन दावों की हवा निकाल दी है। अमेरिकी विमान में दो क्रू सदस्य सवार थे। अमेरिकी का कहना है कि एक क्रू मेंबर को बचाया जा चुका है। दूसरा लापता है। उसे सेना तलाश रही है।
हवा में अमेरिका को तबाह कर रहा ईरान
ईरान ने सिर्फ एक जेट नहीं उड़ाया है। ईरान ने दूसरा अमेरिकी सैन्य विमान भी तबाह कर दिया है। उस विमान के पायलट ने ईरानी क्षेत्र से बाहर निकलकर इजेक्ट किया। उसे सुरक्षित बचा लिया गया। डोनाल्ड ट्रंप और उनकी सेना की किरकिरी हो रही है कि ईरान को खत्म कर देने का दावा कर रहे ट्रंप, उसके सामने सिर्फ खीज सकते हैं, टिक नहीं सकते हैं।
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ट्रंप की मनमानी कैसे भारी पड़ रही है?
ईरान ने सिर्फ दो हमलों में अमेरिकी ताकत को यह संदेश दे दिया है कि ईरान को गलती से भी वेनेजुएला न समझें। ईरान ने भीषण तबाही झेली है, ईरान की सेना, अमेरिकी सेना के सामने संख्या और तकनीक में कहीं नहीं ठहरती है, फिर भी ईरान ने अमेरिका को गहरा जख्म दिया है। ईरान सिर्फ अमेरिका से नहीं, इजरायल और खाड़ी के देशों से भी लड़ रहा है। अमेरिका, अपने सैनिकों की मौतों के आंकडे़ छिपा रहा है।
अमेरिका पर जबरन जंग थोप रहे हैं ट्रंप?
CNN की एक रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी जनता पहले से ही इस युद्ध के प्रति नाराज है। डोनाल्ड ट्रंप, हर दिन मीडिया को संबोधित कर रहे हैं लेकिन आज तक यह नहीं बता पाए हैं कि उन्होंने ईरान के खिलाफ जंग क्यों शुरू किया है। आर्थिक तौर पर अमेरिका को नुकसान पहुंच रहा है। होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से पेट्रोल के दाम बढ़ रहे हैं। अमेरिका में भी महंगाई बढ़ रही है। लोगों की राय है कि यह जंग, अमेरिका के लिए गैरजरूरी थी।
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ट्रंप की तरह पीट हेगसेथ भी बड़बोले हैं?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आलोचक, उन्हें बड़बोला कहते हैं। उनके दावे बिना सिर-पैर के होते हैं। वह अपनी बात से इतना पलटते हैं कि कोई उन पर यकीन नहीं कर पाता है। पीट हेगसेथ भी उन्हीं की तरह नजर आ रहे हैं। ट्रंप और पीट हेगसेथ ने पिछले एक महीने से बार-बार दावा किया था कि ईरान के हवाई क्षेत्र पर अमेरिका का कब्जा है।
4 मार्च को दिए गए ब्रीफिंग में पीट हेगसेथ ने कहा था, 'कल रात से शुरू होकर कुछ दिनों में दुनिया की दो सबसे शक्तिशाली वायुसेनाएं ईरानी आकाश पर पूर्ण नियंत्रण हासिल कर लेंगी। यह अचल आकाश होगा और ईरान कुछ नहीं कर पाएगा।'
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डोनाल्ड ट्रंप ने 24 मार्च को एक और दावा किया था। उन्होंने कहा था, 'हमारे विमान तेहरान और अन्य इलाकों के ऊपर उड़ रहे हैं, वे कुछ नहीं कर सकते।'
अजेय बन रहे थे ट्रंप, ईरान ने आईना दिखाया
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की नौसेना, सेना, वायुसेना और एंटी-एयरक्राफ्ट सिस्टम को पूरी तरह नष्ट बता दिया था।
डोनाल्ड ट्रंप:-
ईरान के तेल सुविधाओं पर हमला किया जा सकता है और वे कुछ नहीं कर पाएंगे। उनके पास कोई एंटी-एयरक्राफ्ट उपकरण नहीं बचा है। उनका रडार 100 प्रतिशत नष्ट हो चुका है। हमारी सेना अजेय है।
ईरान के सामने अमेरिका की हकीकत क्या है?
ईरान ने अमेरिका के कई फाइटर जेट तबाह किए हैं। अमेरिका के स्टील्थ विमान तक को मार गिराने का दावा ईरान कर चुका है। डोनाल्ड ट्रंप के अजेय होने के दावे गलत साबित हो रहे है। पीट हेगसेथ खुद यह मान रहे हैं कि अमेरिकी सेना को भी नुकसान हो सकता है। ट्रंप प्रशासन जैसे दावे कर रहा है, वह दूर-दूर तक सच साबित नहीं हो रहे हैं।
ईरान न तो शांति वार्ता कर रहा है, न ही झुकने के लिए तैयार है। ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्ला अली खामेनेई मारे जा चुके हैं, मोजतबा खामेनेई गंभीर रूप से घायल हैं और अब देश का पूर्ण नियंत्रण इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गॉर्ड्स कॉर्प्स (IRGC) के पास है, जो कभी नहीं झुकती है।
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ईरान, इजरायल और अमेरिका से कैसे निपट रहा है?
ईरान, अमेरिकी और इजरायल के विमानों को आसमान में मार गिरा रहा है। ईरान के पास S-300, बावर-373 और खोरडाड-15 जैसे उन्नत सतह से हवा में मार करने वाले मिसाइल सिस्टम का इस्तेमाल कर रहा है। ये रडार-गाइडेड सिस्टम कम ऊंचाई से लेकर हाई-एल्टीट्यूड तक लक्ष्य को ट्रैक करते हैं और उन्हें मार गिराते हैं।
ईरान ने दक्षिण-पश्चिमी ईरान और होर्मुज के विशाल समुद्री क्षेत्र में, F-15E स्ट्राइक ईगल और A-10 वार्थोग जैसे अमेरिकी फाइटर जेट्स को गिराया है। IRGC की एयर डिफेंस यूनिट, रडार से विमानों को डिटेक्ट कर मिसाइल लॉन्च करती हैं। कुछ मामलों में मैनपैड या छोटे ड्रोन भी इस्तेमाल हुए हैं। ईरान की सारी सेनाएं, अब मिलकर काम कर रहीं हैं। हवा में अमेरिका का दबदबा था, अब ईरान ने उसे हिला दिया है।
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क्यों बार-बार झूठे साबित हो रहे ट्रंप?
जून 2025 में डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर पहली बार हमला किया था। उन्होंने दावा किया था कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम खत्म हो चुका है। 9 महीने बाद फिर ईरान के परमाणु कार्यक्रमों को उन्होंने खतरा बता दिया। उन्होंने दावा किया ईरान के मिसाइल लॉन्चर खत्म हो चुके है। ये दावे भी गलत पाए गए।
परमाणु हथियारों पर दावे भी गलत साबित हुए। ईरान यूरेनियम संवर्धन कर रहा है, यह भविष्य में भी जारी रहेगा। अमेरिकी मीडिया और खुफिया एजेंसियां खुद मान रहीं हैं कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स अभी भी अपनी आधी क्षमता बनाए हुए है।
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अब ट्रंप के लिए चुनौती क्या है?
ट्रंप प्रशासन के लिए सैन्य सफलता ही खुद को सही ठहराने का आधार बन सकती थी, वह भी नहीं मिल रही है। न तो उनका नियंत्रण आसमान पर है, न ही समुद्र में। समुद्र में हो पाना भी संभव नहीं है। ईरान के पास स्वचलित पानी की जहाजें हैं, जो किसी ड्रोन से कम खतरनाक नहीं हैं। ईरान, होर्मुज स्ट्रेट को नहीं खोलने वाला है।
पीट हेगसेथ ने मीडिया पर आरोप लगाया है कि ईरान के खिलाफ जंग में अमेरिका की सफलता को कम आंका जा रहा है। घटनाएं खुद साबित कर रहीं हैं कि जंग में ईरान ने अमेरिका की मुश्किलें बढ़ा दीं हैं।
अमेरिकी सेना अभी भी ईरान में दूसरे पायलट को ढूंढ रही है। जमीन पर जाएगी तो खत्म होने का डर है, आसमान में तबाह होने का। इजरायल का सारा सहयोग सिर्फ हमलों तक सीमित है। अमेरिका जिस आफत में फंसा है, उसका फिलहाल कोई हल निकलता दूर-दूर तक नजर नहीं आ रहा है।
