40 दिनों के युद्ध के बावजूद अमेरिका अब भी ईरान के प्रति नरम रुख अपना रहा है। वहीं पड़ोसी क्यूबा की घेरेबंदी तेज कर दी है। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिका ईरान पर तीसरी बार हमला करने से पहले क्यूबा को निशाना बना सकता है। हाल ही में अमेरिका ने कैरिबियाई सागर में परमाणु ऊर्जा से चलने वाले एक विमानवाहक पोत को तैनात किया है।  यह घटनाक्रम तब हो रहा है, जब हाल ही में अमेरिका ने क्यूबा के पूर्व राष्ट्रपति राउल कास्त्रो के खिलाफ संघीय अभियोग चलाया है। 

 

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने क्यूबा को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया। उन्होंने यह भी साफ किया कि शांतिपूर्ण समझौते की उम्मीद भी बहुत कम है। उधर, क्यूबा के विदेश मंत्री ब्रूनो रोड्रिगेज का कहना है कि मार्को रुबियो झूठ बोल रहे हैं। क्यूबा कभी अमेरिका के लिए खतरा नहीं बना। रोड्रिगेज का आरोप है कि रुबियो सैन्य आक्रामकता को भड़काने में जुटे हैं।

 

यह भी पढ़ें: 'अब बदले का वक्त', इवांका ट्रंप को मारने की साजिश रचने वाला अल सादी कौन है?

 

क्यूबा के ताजा घटनाक्रम वेनेजुएला से मिलते-जुलते हैं। अमेरिका ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति पर अमेरिका में ड्रग्स तस्करी का आरोप लगाया था। अपने यहां उनके खिलाफ मुकदम दर्ज किया और बाद में इसी साल 3 जनवरी की रात एक सैन्य अभियान में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को अगवा कर लिया। मौजूदा समय में मादुरो अपनी पत्नी के साथ अमेरिकी जेल में बंद है।

क्या अमेरिका रच रहा वेनेजुएला वाली साजिश?

अब अमेरिका ने क्यूबा के पूर्व राष्ट्रपति राउल कास्त्रो पर साल 1996 में दो अमेरिकी विमान गिराने का आरोप लगाया। रूस समेत अन्य देशों का कहना है कि यह आरोप ठीक वैसे ही हैं, जैसे वेनेजुएला के मादुरों पर लगाए गए थे। कुछ लोगों का मानना ​​है कि बुधवार को क्यूबा के पूर्व राष्ट्रपति पर लगाए गए आरोप जनवरी में ट्रंप द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पद से हटाने की घटना की याद दिलाते हैं। रूस के विदेश मंत्रालय ने इस कदम को जानबूझकर तनाव बढ़ाने का संकेत बताया और इस रणनीति की तुलना वेनेजुएला से की।

 

यह भी पढ़ें: पहाड़ी से जा टकराया सेना का 'चीता हेलीकॉप्टर', बाल-बाल बचे अधिकारी और पायलट

क्यूबा के करीब अमेरिका ने भेजा स्ट्राइक ग्रुप

अमेरिका की दक्षिणी कमान ने दक्षिणी कैरिबियाई सागर में यूएसएस निमित्ज कैरियर स्ट्राइक ग्रुप की तैनाती की है। हालांकि अमेरिका का कहना है कि यह नौसैनिक अभ्यास का हिस्सा है। मगर दुनिया इसे रणनीतिक मान रही है। ग्रुप में कैरियर एयर विंग 17, निर्देशित मिसाइल विध्वंसक यूएसएस ग्रिडली और फ्लीट ऑइलर यूएसएस पैटक्सेंट को तैनात किया गया है। रूसी विदेश मंत्रालय ने अपने एक बयान में कहा कि अमेरिकी विमानवाहक पोत स्ट्राइक समूह की तैनाती एक सोची-समझी रणनीति के तहत की गई है। यह दिखाने का प्रयास है कि क्यूबा के खिलाफ सशस्त्र हस्तक्षेप किया जा सकता है। 

राउल कास्त्रो पर अमेरिका ने क्या आरोप लगाया?

पूर्व राष्ट्रपति राउल कास्त्रो पर अमेरिका ने अपने नागरिकों की हत्या साजिश रचने, हत्या करने और दो विमान को तबाह करने का आरोप लगाया। दरअसल, 24 फरवरी 1996 को राउल कास्त्रो ने अमेरिका के दो सेसना विमानों को मार गिराने का आदेश दिया था। उस वक्त राउल कास्त्रो रक्षा मंत्री थे। इसमें तीन अमेरिकी नागरिकों समेत चार की जान गई थी।