ईरान के दिगवंत सुप्रीम लीडर अली खामेनेई को सुपुर्द-ए-खाक करने की रस्म छह दिनों तक चलेगी। 9 जुलाई को गृहनगर मशहद में दफनाया जाएगा। रविवार को तेहरान में आयोजित अली खामेनेई के जनाज़े में उनके तीन बेटे पहुंचे। हालांकि नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने समारोह से पूरी तरह दूरी बना रखी है। सुरक्षा कारणों से मोजतबा खामेनेई को अपने पिता की अंतिम यात्रा में शामिल होने की मंजूरी नहीं मिली है।
पहले दो दिन तेहरान में आयोजित कार्यक्रम में खामेनेई के परिवार का कोई सदस्य नहीं पहुंचा। हालांकि मोजतबा खामेनेई के ससुर जरूर मौजूद थे। रविवार को तेहरान में अली खामेनेई के तीन बेटे अपने पिता के जनाज़े की नमाज में शामिल हुए।
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इमाम खुमैनी ग्रैंड मस्जिद में मुस्तफा, मसूद और मेसम खामेनेई ने अपने पिता के तबूत के सामने जनाज़े की नमाज पढ़ी। बता दें कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के हमले में अली खामेनेई, उनकी पत्नी, बहू और पोती की मौत हुई थी। करीब 125 दिन बाद सभी को सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।
क्या करते हैं अली खामेनेई के बेटे?
- मुस्तफा खामेनेई सबसे बड़े बेटे हैं। ईरान के धार्मिक ताने-बाने में उनकी प्रभावशाली इमेज है। हालांकि सियासत में मुस्तफा बहुत सक्रिय नहीं है। उनके पास कोई सरकारी पद भी नहीं है।
- मोजतबा खामेनेई दूसरे बेटे हैं। वह मौजूदा समय में ईरान के सुप्रीम लीडर है। हालांकि सुरक्षा कारणों से पिता की अंतिम यात्रा से दूरी बना रखी है। ईरान को डर है कि इजरायल उन्हें निशाना बना सकता है।
- अली खामेनेई के तीसरे बेटे का नाम मसूद खामेनेई है। वह अपने पिता की रचनाओं के संरक्षण और प्रकाशन कार्यालय के मुखिया हैं। यह कार्यालय दिवंगत नेताओं के भाषणों और रचनाओं का न केवल संरक्षण करता है, बल्कि उनका प्रसारण और मीडिया संचार का भी कामकाज देखता है।
- सबसे छोटे बेटे ने भी अपने पिता की रचनाओं के संरक्षण और प्रकाशन कार्यालय में काम किया। हालांकि उनकी सार्वजनिक उपस्थिति बहुत कम रहती है। अन्य लोगों की अपेक्षा सबसे छोटे बेटे ने सार्वजनिक जीवन से दूरी बना रखी है। अली खामेनेई के सबसे छोटे बेटे का नाम मेसम खामेनेई है।
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अंतिम समारोह में दामाद भी पहुंचे
हमले में अली खामेनेई की चार वर्षीय नातिन जहरा की भी जान गई थी। समारोह में जहरा के पिता और खामेनेई के दामाद मोहम्मद मोहम्मदी गोलपायगानी भी पहुंचे। इसके अलावा मोजतबा खामेनेई के ससुर गुलाम-अली हद्दाद-आदेल भी मौजूद रहे।


