यूरोप के बाद अब अमेरिका की जनता गर्मी में उबल रही है। भीषण लू से जनजीवन प्रभावित है। फीफा विश्व के बीच कई अमेरिकी शहरों में भीषण गर्मी पड़ने का अलर्ट जारी किया गया है। अमेरिकी मौसम विभाग के मुताबिक अभी 6 करोड़ लोग प्रचंड गर्मी की चपेट में है। आने वाले दिनों में तापमान 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है। 

 

मौसम विभाग के मुताबिक शाम और रात के समय भी गर्मी की स्थिति बनी रहेगी। मतलब साफ है कि सूरज ढलने के बाद भी कुछ खास राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। अलर्ट में कहा गया कि 4 जुलाई से पहले तक 10 करोड़ से ज्यादा लोग लू की चपेट में होगे। जंगलों में आग लगने का खतरा है।

 

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हजारों लोगों की जान जा सकती है। लोगों के बीमार पड़ने और तबीयत बिगड़ने की आशंका है। कई राज्यों ने अस्पतालों को अलर्ट पर रखा है। उनका कहना है कि बुजुर्ग और बच्चों के अलावा भीषण गर्मी सभी के लिए घातक है। हाल ही में लगभग पूरे यूरोप में भीषण गर्मी पड़ी। हजारों की संख्या में लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। यूरोप के बाद अमेरिका में गर्मी ने जनता को बेहाल कर दिया है। फीफा विश्वकप पर भी इसका असर पड़ सकता है।

ट्रेनें लेट और कई को कैंसिल करना पड़ा

मौजूदा समय में अमेरिका का पूर्वी और मध्य क्षेत्र भीषण गर्मी की जद में है। 45 राज्यों में सूखे और अल नीनो की वजह से गर्मी के और बढ़ने की संभावना है। 4 जुलाई तक वाशिंगटन डीसी से न्यूयॉर्क तक तापमान 46 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच सकता है। अगर ऐसा हुआ तो यह अमेरिका की इतिहास की सबसे भीषण गर्मी होगी। न्यूयॉर्क शहर मे बिजली की मांग ने एक नया रिकॉर्ड बनाया है। न्यू जर्सी में ट्रेन सेवा पर गर्मी का असर पड़ा है। कई ट्रेनों को रद्द करना पड़ा तो कई देरी से चली। माना जा रहा है कि शनिवार तक यह स्थिति बनी रह सकती है। 

कूलिंग सेंटर खोलने पड़े

न्यूयॉर्क में आपातकालीन सेवाओं को सक्रिय कर दिया गया। सैकड़ों स्थानों पर कूलिंग सेंटरों को खोला गया, ताकि यहा लोग गर्मी से राहत ले सके। मिशिगन के डेट्रॉइट शहर में एक दर्शन से अधिक एयर कंडीशनिंग से लैस मनोरंजन सेंटरों को खोला गया है। अधिकारियों ने लोगों को ढीले और हल्के रंग के कपड़े पहनने, घर से जरूरी होने पर ही बाहर निकलने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी है।

कनाडा भी गर्मी की चपेट में

अमेरिका के पड़ोसी देश कनाडा के भी एक बड़े हिस्से में भीषण गर्मी पड़ रही है। इस बीच कनाडा से न्यूयॉर्क तक जाने वाली ट्रांसमिशन लाइन को बंद कर दिया गया है। भीषण गर्मी ठीक पहले यह कदम उठाया गया है। उधर, कनाडा के ओंटारियो में तापमान 37 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की उम्मीद है।

जंगलों में लगी आग 

भीषण गर्मी और सूखे के बीच कई जगह जंगलों में आग भी लगी है। कोलोराडो के पहाड़ में भड़की आग पर काबू पाया जा रहा है। कोलोराडो नदी बेसिन का जलस्तर भी तेजी से गिरने लगा है। नतीजा यह हो रहा है कि नेवादा और एरिजोना में नए अनिवार्य जल प्रतिबंध को लागू किया जा रहा है।

 

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फीफा पर लू का असर

अमेरिका में फीफा विश्वकप का आयोजन हो रहा है। करीब 10 लाख विदेशी लोग विश्वकप का हिस्सा बनेंगे। भीषण गर्मी का कारण मैचों पर भी असर पड़ने की आशंका है। माना जा रहा है कि शनिवार और रविवार को आयोजित होने वाले मैच अब तक के सबसे गर्म माहौल में होंगे। मसलन 2022 में कतर में आयोजित मैचों से भी अधिक गर्मी अमेरिका के फीफा विश्वकप मैचों में देखने को मिल सकती है। यही कारण है कि फीफा ने पहली बार कूलिंग ब्रेक की व्यवस्था की है। 

क्या भीषण गर्मी के पीछे हीट डोम?

अमेरिका के करीब 45 राज्य सूखे की चपेट में है। मिट्टी से नमी गायब हो चुकी है। इस कारण धरती जल्द ही तेज गर्म हो जाती है। भीषण गर्मी के पीछे यह भी एक वजह है। इसके अलावा उच्च दबाव का एक बड़ा क्षेत्र बन गया है। जब गर्म हवाएं उत्तर की ओर बहती हैं तो वायुमंडल के ऊपर एक गुबंदनुमा आकार बनता है। इससे गर्म हवा जमीन के करीब ही फंसी रहती है, जिसे हीट डोम कहा जाता है। अमेरिका में पड़ रही प्रचंड गर्मी के पीछे हीट डोम भी एक वजह है। 

 

इसे आप ऐसे समझिए कि आप ने गैस पर कढ़ाई चढ़ाई और उसके ऊपर एक ढक्कन रख दिया। अब गर्म हवा ढक्कन और कढ़ाई के बीच में फंसी रहेगी।। हीट डोम भी कुछ ऐसा ही काम करता है। हीट डोम में गर्म हवा जैसे-जैसे नीचे आती है तो वह और भी गर्म हो जाती है। यह डोम बादल बनने और बारिश होने में बाधा पैदा करता है। इसकी वजह से लोगों को कई दिनों का भीषण गर्मी से जूझना पड़ सकता है।