एंथ्रोपिक और पेंटागन के बीच विवाद काफी बढ़ चुका है। अमेरिकी सरकार ने एंथ्रोपिक को बैन कर दिया है। अब उसके एआई मॉडल का अमेरिकी रक्षा क्षेत्र में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। पूरे विवाद की शुरुआत उस वक्त हुई जब वॉल स्ट्रीट जर्नल ने खुलासा किया था कि अमेरिका की सेना ने एंथ्रोपिक के एआई मॉडल 'क्लाउड' का वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अगवा करने में किया था।
मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया कि एंथ्रोपिक के एआई मॉडल का इस्तेमाल पीडीएफ फाइलों को प्रोसेस करने के अलावा स्वायत्त ड्रोन उड़ाने में किया गया। जबकि कंपनी की इस्तेमाल की शर्त क्लाउड का उपयोग हिंसक उद्देश्यों, हथियारों के विकास और निगरानी पर रोक लगाती है। यह खुलासा एंथ्रोपिक के सीईओ डारियो अमोदेई के उस दावे के खिलाफ है, जिसमें वह सुरक्षा को प्राथमिकता देने की बात कहते हैं। वह अपने विरोधी सैम ऑल्टमैन के चैटजीपीटी पर सुरक्षा की जगह व्यवसाय को अधिक ध्यान देने का आरोप लगाते हैं।
यह भी पढ़ें: 'मैं बातचीत करने को तैयार हूं', ईरान के हमले के बाद क्या ट्रंप ने डाल दिए हथियार
एक साल भी नहीं टिका समझौता
पिछले साल जुलाई में रक्षा विभाग ने एंथ्रोपिक, ओपनएआई, गूगल डीपमाइंड और एलन मस्क की एक्सएआई के साथ 200 मिलियन डॉलर का अनुबंध किया था। इसका लक्ष्य यह था कि अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी अत्याधुनिक एआई क्षमताओं का प्रोटोटाइप तैयार करना था। अनुबंध के तहत अमेरिका तेजी से अपने रक्षा क्षेत्र में एआई का उपयोग बढ़ाना चाहता था। मगर एंथ्रोपिक के साथ मौजूदा तनाव के बाद पेंटागन ने न उसे बैन किया बल्कि, 200 मिलियन डॉलर के समझौते से भी बाहर कर दिया।
पेंटागन कहां-कहां चाहता है एआई का इस्तेमाल?
- ऑटोनोमस वेपन सिस्टम्स
- ऑटोमेटेड ड्रोन ऑपरेशन
- डेटा विश्लेषण
- साइबर सिक्योरिटी
- निगरानी
- ऑटोनोमस अटैक में
एंथ्रोपिक किसके खिलाफ
- लोगों की निगरानी
- व्यक्तिगत डेटा कलेक्शन
- ऑटोमैटिक हथियारों में
तनाव में ओपनएआई ने मारी बाजी
पेंटागन ने एंथ्रोपिक के बाद ओपनएआई से एक करार किया। इसका ऐलान कंपनी के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने खुद किया। उन्होंने दावा किया है कि चैटजीपीटी का घरेलू स्तर पर लोगों की निगरानी और ऑटोनोमस वेपन सिस्टस्म में इस्तेमाल नहीं होगा। पेंटागन इन सिद्धांतों पर सहमत है। अपनी कानून और नीति में भी शामिल किया है। ऑल्टमैन ने लिखा, 'आज रात हमने युद्ध विभाग के साथ उनके गोपनीय नेटवर्क में अपने मॉडल तैनात करने के लिए एक समझौता किया है। रक्षा विभाग ने सुरक्षा के प्रति गहरा सम्मान और सर्वोत्तम संभव परिणाम प्राप्त करने के लिए साझेदारी करने की इच्छा प्रदर्शित की।'
अब सवाल उठ रहा है कि पेंटागन ने जिन शर्तों के कारण एंथ्रोपिक से नाता तोड़ा और उसे बैन तक कर दिया, आखिर वह ओपनएआई के साथ उन्हीं शर्तों पर समझौता करने पर राजी कैसे हुआ? क्या यहां सैल्ट ऑल्टमैन झूठ बोल रहे हैं। पेंटागन ने एंथ्रोपिक की जगह ओपनएआई, एलन मस्क की xAI और गूगल के जेमिनी का भी इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है।
एंथ्रोपिक पेंटागन के खिलाफ क्यों?
एंथ्रोपिक के सीईओ डारियो अमोदेई एआई के नैतिक इस्तेमाल के पक्ष में हैं। वह चाहते हैं कि एआई के इस्तेमाल से होने वाले नुकसान को रोकने की एक नियमावली बने। वे नागरिकों की निगरानी और स्वायत्त घातक हथियारों में एआई के इस्तेमाल के पक्ष में नहीं हैं। उनका यही रुख अमेरिकी रक्षा भूभाग को पसंद नहीं आया। जनवरी महीने में ही अमेरिका के युद्ध मंत्री पीट हेगसेथ कह चुके हैं कि रक्षा विभाग ऐसे एआई मॉडल का इस्तेमाल नहीं करेगा, जो आपको युद्ध लड़ने की अनुमति नहीं देंगे।
यह भी पढ़ें: जिसका डर था, वही हो गया; ईरान ने अमेरिकी एयरक्रॉफ्ट कैरियर पर कर दिया बड़ा हमला
एंथ्रोपिक से पेंटागन असल में क्या चाहता था?
अमेरिका का रक्षा विभाग चाहता था कि एंथ्रोपिक के एआई मॉडल का इस्तेमाल उसके हथियारों और गोपनीय सेटिंग्स में किया जाए, लेकिन कंपनी ने बड़े पैमाने पर निगरानी और ऑटोनोमस हथियारों में मॉडल के इस्तेमाल की मंजूरी नहीं दी। समझौते के तहत अमेरिकी लोगों के डेटा को इकट्ठा करने या उसका विश्लेषण करने की अनुमति देना आवश्यक था। इसमें लोकेशन के अलावा वेब ब्राउजिंग डेटा और डेटा ब्रोकरों से खरीदी गई व्यक्तिगत वित्तीय जानकारी भी शामिल थी।
चीन जैसा उठाया कदम
पेंटागन ने एंथ्रोपिक को अपने एआई मॉडल क्लाउड से सभी सुरक्षा सुरक्षा उपायों को हटाने को कहा था, लेकिन कंपनी ने इस प्रस्ताव को भी ठुकरा दिया। जवाब में अमेरिकी सरकार ने एंथ्रोपिक को 'आपूर्ति श्रृंखला जोखिम घोषित' कर दिया। यह कदम अमेरिका ने चीन की कंपनी हुआवेई के खिलाफ उठाया था। पेंटागन और उससे जुड़ी एजेंसियों को छह माह में एंथ्रोपिक का विकल्प तलाशना होगा। हालांकि कंपनी ने सरकार के निर्णय को अदालत में चुनौती देना का फैसला किया है।
