ईरान रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) के प्रवक्ता और सैन्य लीडर अली मोहम्मद नैनी की मौत हो गई है। इजरायली सेना ने शुक्रवार को ईरान पर कई हमले किए, जिसमें अली मोहम्मद नैनी मारे गए। IRGC में अली नैनी अलग-अलग भूमिकाओं में रहे हैं। उनके निधन को सेना के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। अमेरिका और इजरायल की संयुक्त कार्रवाई में उनकी भी मौत हो गई है। 

इस्लामिक रिवोल्यूशनरी कार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने यह माना है कि अली मोहम्मद नैनी की मौत हो गई है। अमेरिका और इजरायल की तरफ से संयुक्त हवाई हमले हुए, जिनमें प्रवक्ता की मौत हो गई। इजरायल और अमेरिका ने एक बार फिर से ईरान पर हमले तेज कर दिए हैं। अब ईरान के रणनीतिक तौर पर अहम इलाकों में हमले हो रहे हैं। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की तरफ अमेरिकी जंगी जहाज भी बढ़ रहे हैं। 

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फिर तेज हो गई है जंग 

ईरान ने दावा किया है कि F-35 लड़ाकू विमान IRGC ने मार गिराया है। ऐसा करने वाला वह दुनिया का पहला दश बन गया है। ईरान के एयरस्पेस में घुसने की कोशिश अमेरिकी विमान ने की थी, जो भारी पड़ी। अमेरिका का दावा है कि पायलट और विमान दोनों सुरक्षित हैं। 

अली मोहम्मद नैनी कौन थे? 

अली मोहम्मद नैनी, ईरान के काशान इलाके में पैदा हुए थे। वह 69 साल के थे। अली मोहम्मद नैनी, IRGC में सेकंड ब्रिगेडियर जनरल थे। IRGC के कमांडर-इन-चीफ हुसैन सलामी ने उन्हें साल 2024 में नियुक्त किया था। वह IRGC के आधिकारिक प्रवक्ता और जनसंपर्क के उप-प्रमुख के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे। 

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अली मोहम्मद नैनी की IRGC में भूमिका क्या थी?

अली मोहम्मद नैनी, IRGC के रणनीतिक अभियानों में जुड़े रहते थे। वह सेना को मनोवैज्ञानिक रणनीति बनाने और कॉग्निटिव वारफेयर की ट्रेनिंग देते थे। उन्हें इस्लामिक अध्यात्म में महारत हासिल थी। प्रवक्ता बनने से पहले वह IRGC और बासिज दोनों में कल्चरल वाइस प्रेसीडेंट रहे हैं। वह कई अहम पदों पर भूमिका निभा रहे हैं।