इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि ईरान की परमाणु क्षमता खत्म हो गई है। ईरान न तो परमाणु हथियार बना सकता है, न ही उसके पास अब बैलिस्टिक मिसाइल बनाने की क्षमता रह गई है। उन्होंने कहा है कि इजरायल ने अमेरिका को जंग में नहीं खींचा है, अमेरिका के अपने सामरिक हित हैं, जिनकी वजह से वह ईरान के खिलाफ युद्ध लड़ रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसी खबरें सिर्फ अफवाह ही हैं।
बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि 20 दिनों की जंग में ईरान के पास अब बैलिस्टिक मिसाइल बनाने की क्षमता नहीं बची है। अब ईरान, यूरेनियम संवर्धन पर काम नहीं कर पाएगा। उन्होंने शुक्रवार को यरुशलम में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यह बातें कहीं हैं। उन्होंने कहा कि ईरान का स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर नियंत्रण खत्म हो रहा है। जंग अब अनुमान से पहले खत्म हो जाएगी।
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बेंजामिन नेतन्याहू, प्रधानमंत्री, इजरायल:-
क्या किसी को सच में ऐसा लगता है कि मैं राष्ट्रपति ट्रंप से कहूंगा कि क्या करना है?
इजरायल ने बरसाए थे साउथ पर्स पर बम
बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने उनसे अनुरोध किया है कि अब ईरान के प्राकृतिक गैस ठिकानों पर वह हमले न करें। उन्होंने कहा ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमला करने का फैसला, इजरायल ने खुद लिया था। इजरायल ने ही वहां बम बरसाए थे।
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बेंजामिन नेतन्याहू, प्रधानमंत्री, इजरायल:-
मैं देख रहा हूं कि यह जंग, लोगों के सोचने से पहले ही खत्म हो रही है। ईरान, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करके दुनिया को ब्लैकमेल करने की कोशिश कर रहा था। अब यह नहीं चलेगा।
'दुनिया को ढूंढना चाहिए होर्मुज का विकल्प'
बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि अब दुनिया को होर्मुज स्ट्रेट का विकल्प ढूंढना चाहिए, जिससे भविष्य में ऐसे गतिरोध की आशंका न रहे। लाल सागर में बेहतर नियंत्रण की व्यवस्था करनी होगी। उनका इशारा था कि अरब सागर से पाइपलाइन बिछाकर तेल-गैस सप्लाई, इजरायल और भूमध्य सागर के बंदरगाहों तक पहुंचानी चाहिए।
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अमेरिकी सहयोग पर क्या बोले नेतन्याहू?
बेंजामिन नेतन्याहू, प्रधानमंत्री, इजरायल:-
'राष्ट्रपति ट्रंप को ईरान के न्यूक्लियर खतरे के बारे में समझाने की जरूरत नहीं पड़ी, क्योंकि ट्रंप खुद इसे अच्छी तरह समझते हैं। हम दोनों नेताओं के बीच इतना बेहतरीन समन्वय पहले कभी नहीं देखा गया। ट्रंप लीडर हैं और मैं उनका सहयोगी हूं।'
'ईरान नहीं बना सकेगा अब बैलिस्टिक मिसाइल'
बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा, 'ईरान के पास बैलिस्टिक मिसाइल बनाने या यूरेनियम संवर्धन करने की कोई क्षमता नहीं बची है।' उन्होंने इशारा किया कि अब यह जंग, खत्म होने के करीब है। ईरान के पास और लड़ने की ताकत नहीं बची है।
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अमेरिका को जंग में नहीं खींचा, यह सफाई क्यों दे रहे नेतन्याहू?
अमेरिका में ही अब एक धड़ा ऐसा है, जो कह रहा है कि यह जंग, इजरायल के कहने पर अमेरिका लड़ रहा है। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि डोनाल्ड ट्रंप, अब बेंजामिन नेतन्याहू के इशारे पर काम कर रहे हैं और ईरान के खिलाफ जंग में झोंक रहे हैं। नेतन्याहू ने ऐसी खबरों को अफवाह बताया है।