अमेरिका ने रूस से जुड़े चार भारतीय कंपनियों पर लगे प्रतिबंध हटा दिया है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने चार भारतीय कंपनियों को अपने प्रतिबंधों की सूची से हटा दिया है। ये कंपनियां अब अमेरिका की स्पेशल डिजाइनीटेड नेशनल्स (SDN) लिस्ट से बाहर हो गई हैं।
जिन 4 कंपनियों को हटाया है, उनमें हैदराबाद की आरआरजी इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड, लोकेश मशीन्स लिमिटेड, अहमदाबाद की गैलेक्सी बियरिंग लिमिटेड और शौर्य एयरोनॉटिक्स प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं।
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क्यों कंपनियों पर बैन लगा था?
ये सभी कंपनियां पहले रूस से जुड़ी गतिविधियों की वजह से अमेरिकी राष्ट्रपति के एग्जीक्युटिव ऑर्डर के तहत प्रतिबंधित की गई थी। अब इन्हें प्रतिबंधित सूची से बाहर कर दिया गया है।
इन कंपनियों पर क्या आरोप लगे थे?
जिन 4 कंपनियों पर अमेरिका ने प्रतिबंध लगाए थे, उन पर आरोप हैं कि उन्होंने रूस को सैन्य और औद्योगिक उपकरण सप्लाई किया था। आरोप ये थे कि इन फर्मों ने रूस को उन्नत तकनीक, इंस्ट्रूमेंट और सप्लाई चैनल दिया था, जिससे रूस के सैन्य कार्यक्रमों को मदद मिल सकती थी।
किस आधार पर प्रतिबंध लगाता है अमेरिका?
अमेरिका अपने हितों के आधार पर दुनिया की वैश्विक नीतियों को तय करता है। रूस और यूक्रेन जंग की वजह से अमेरिका ने रूस के साथ व्यापार को प्रतिबंधित किया था। ये प्रतिबंध भी इसी सिलसिले में लगाए गए थे।
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कुछ नई कंपनियों पर बैन लगा
अमेरिकी विदेश संपत्ति नियंत्रण कार्यालय (OFAC) ने यह अपडेट अपनी लेटेस्ट सैंक्शंस लिस्ट में किया है। इस अपडेट में कुछ नए लोगों और कंपनियों को भी सूची में जोड़ा गया है। उन कंपनियों का संबंध मैक्सिको के ड्रग तस्करी नेटवर्क से है। OFAC ने जनवरी से मार्च 2026 तक की अपनी तिमाही रिपोर्ट भी जारी की है, जिसमें प्रतिबंधों से जुड़े लाइसेंसिंग कार्यों की जानकारी दी गई है।


