इंसान अपनी जरूरतों और फायदे के लिए सदियों से जानवरों का इस्तेमाल करता आया है। कभी उनकी खाल से कपड़े और फैशन इंडस्ट्री को बढ़ावा मिलता है तो कभी उनके शरीर के अंग दवाइयों और पारंपरिक चिकित्सा में उपयोग किए जाते हैं। हाल के वर्षों में कुछ ऐसी खबरें सामने आई हैं, जिनके मुताबिक गाय के पित्त से बनी पथरी की कीमत सोने से कम नहीं है। गाय के पित्त से बनी पथरी से चीन में पारंपरिक दवाइयां बनती हैं। इन दवाइयों का उपयोग कई बीमारियों के इलाज में किया जाता है, इस वजह से गाय के पित्त की पथरी निकालने का व्यापार बढ़ता जा रहा है।
चीन और अमेरिका में ब्रेन स्ट्रोक की बीमारी बढ़ती जा रही है। गाय के शरीर की पथरी से स्ट्रोक की दवाइयां बनाई जाती हैं। हालांकि, सभी गायों के शरीर में पित्त की पथरी नहीं बनती, इसलिए यह बेहद दुर्लभ होती है। इसी वजह से इसकी कीमत बहुत ज्यादा होती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इसकी कीमत लगभग 5,800 डॉलर तक पहुंच गई है, जो कई बार सोने से भी महंगी होती है। यह पथरी कई देशों में इतनी कीमती हो गई है कि इसकी अवैध तस्करी भी होने लगी है।
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गाय के पित्त की पथरी गोल पत्थर जैसी होती है। जब गाय चारा खाती है, तो उसके पेट में कई बारीक कण चले जाते हैं, जैसे पौधों के रेशे। समय के साथ ये छोटे कण पित्त में बदल जाते हैं, जिन पर खनिज की परतें जम जाती हैं। ये खनिज कैल्शियम फॉस्फेट और कैल्शियम कार्बोनेट होते हैं। इसमें कैल्शियम और कार्बोनेट की मात्रा होने के कारण इसे मानव शरीर के लिए लाभकारी माना जाता है।अब सवाल उठता है कि चीन में किन-किन बीमारियों के लिए गाय के पित्त से दवाइयां बनाई जाती हैं और आज के दौर में इसकी मांग क्यों बढ़ रही है। इसके साथ ही यह सवाल भी उठता है कि किन-किन देशों में गाय के पित्त की पथरी की अवैध तस्करी हो रही है।
कौन सी दवाई बनती है?
गाय के शरीर की पथरी से चीन में एक पारंपरिक दवाई बनाई जाती है। इस दवाई का नाम अंगोंग निउहुआंग वान है। यह दवाई स्ट्रोक, बेहोशी, तेज बुखार और दिमाग से जुड़ी गंभीर बीमारियों के इलाज में उपयोग की जाती है।
कई रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन में स्ट्रोक के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। कुछ जानकारों का मानना है कि चीन में स्ट्रोक के मरीज अमेरिका से करीब तीन गुना ज्यादा हैं। इसी वजह से गाय के पित्त से बनी पथरी की मांग तेजी से बढ़ रही है और इसकी कीमत भी लगातार बढ़ती जा रही है।
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गायों की पित्त की पथरी दुर्लभ क्यों है?
गाय के पित्त की पथरी बेहद कम पाई जाती है क्योंकि हर गाय के शरीर में यह नहीं बनती। आमतौर पर यह पथरी ज्यादा उम्र वाली गायों में पाई जाती है। कई देशों में गाय को मांस के लिए कम उम्र में ही मार दिया जाता है, जिससे बहुत कम गायें ऐसी होती हैं जो अधिक उम्र तक जीवित रहती हैं। इसी वजह से यह पथरी और भी दुर्लभ हो जाती है।
गाय की तस्करी
स्ट्रोक जैसी बीमारियों के बढ़ने के कारण गाय के पित्त की पथरी की मांग तेजी से बढ़ रही है। इसी वजह से इसकी तस्करी के मामले भी बढ़ रहे हैं। ब्राजील, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका जैसे देशों में इसकी चोरी और तस्करी की घटनाएं सामने आ रही हैं। इसलिए यह कहना गलत नहीं होगा कि इस पथरी के लिए कई देशों में होड़ मची हुई है। बढ़ती मांग को देखते हुए चीन के शोधकर्ताओं ने लैब में भी पित्त की पथरी बनाने की कोशिश शुरू कर दी है।
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इंसान और जानवरों का रिश्ता हमेशा से जरूरत पर आधारित रहा है, लेकिन जब फायदे के लिए जानवरों के हर हिस्से को एक संसाधन की तरह देखा जाने लगे, तो यह सवाल उठता है कि यह जरूरत है या शोषण।
