उम्र बढ़ने के साथ हमारे शरीर के अंदर कई तरह के बदलाव होते हैं। खासतौर से मेनोपॉज के बाद महिलाओं में कई तरह के हार्मोनल बदलाव होने लगते हैं। इन बदलावों के कारण मांस पेशियों और हड्डियों पर असर पड़ता है। धीरे-धीरे हड्डियां कमजोर होने लगती हैं और बोन डेंसिटी घटने लगती है।
ऐसा माना जाता है कि 30 साल के बाद महिलाओं में बोन डेंसिटी तेजी से घटना लगती है। इस बारे में हमने दिल्ली के इंद्रपस्थ अपोलो अस्पताल में एमएस, डीएनबी सीनियर कंसल्टेंट स्पाइन सर्जन डॉक्टर सौरभ कपूर से बात की।
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महिलाओं में बोन डेंसिटी कब घटने लगती हैं?
मेनोपॉज के बाद बोन डेंसिटी कम होने लगती है। इसके बाद शरीर में हार्मोनल चेंज आते हैं। बोन डेंसिटी के कम होने का मतलब है कि हड्डियों का घनत्व कम होना। बोन डेंसिटी कम होने की वजह से हड्डियां कमजोर हो जाती है। इसका मतलब है कि फ्रैक्चर के होने का खतरा बढ़ जाता है। मेनोपॉज के बाद जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है परेशानियां बढ़ने लगती हैं। खासतौर से 60 और 70 में हिप, कलाई और हाथों के फ्रैक्चर का खतरा बढ़ जाता है।- डॉक्टर सौरभ कपूर, सीनियर कंसल्टेंट स्पाइन सर्जन, दिल्ली इंद्रपस्थ अपोलो अस्पताल
डॉक्टर ने आगे बताया, '30 के बाद बोन डेंसिटी में बहुत ज्यादा फर्क नहीं पड़ता है लेकिन ज्यादातर महिलाएं शादीशुदा होती हैं। उन्हें अपने परिवार और बच्चों का ध्यान रखना होता है। इसलिए खुद पर उतना ध्यान नहीं दे पाती है। सेहत पर ध्यान नहीं देने की वजह से उनमें मसल मास कम होने लगता है। इस स्थिति को सार्कोपेनिया कहा जाता है। एक उम्र के साथ शरीर में बदलाव होना आम बात है।
शरीर में क्यों कम होने लगता है मसल मास?
शरीर में होने वाले बदलाव को मेंटेन करने के लिए रेगुलर एक्सरसाइज करें और हाई प्रोटीन डाइट लेना चाहिए। ऐसा नहीं करने की वजह से धीरे-धीरे मसल मास कम होने लगता है। 45 से 50 की उम्र में मेनोपॉज होता है। महिलाओं में पुरुषों के मुकाबले एजिंग प्रोसेस जल्दी शुरू हो जाता है।
पुरूषों में क्यों कम होती है बोन डेंसिटी?
पुरुषों में 70 साल के बाद बोन डेंसिटी कम होने लगती है। इससे पहले अगर बोन डेंसिटी कम हो रही है तो उसके पीछे कोई मुख्य कारण कारण होगा जैसे मधुमेह, लगातार शराब पीना या फिर कोई ऐसी दवाई लंबे समय से ले रहे हैं जिससे बोन डेंसिटी कम होती है।
बोन डेंसिटी कम होने के लक्षण
- कमर दर्द
- गर्दन दर्द
- बिना किसी कारण से शरीर में दर्द होना
बोन डेंसिटी का इलाज
डेक्सा स्कैन टेस्ट कराएं- यह एक प्रकार अल्ट्रासाउड है जो शरीर में बोन डेंसिटी के कम लेवल को मापने का काम करता है। महिलाओं को मेनोपॉज के बाद हर 5 साल के अंदर एक डेक्स स्कैन जरूर करवाना चाहिए। इसके अलावा अपनी डाइट का खास ख्याल रखें। डाइट में विटामिन डी, कैल्शियम, फास्फोरस, विटामिन सी और प्रोटीन युक्त चीजों को शामिल करें। शरीर में विटामिन डी और कैल्शियम को बढ़ाने के लिए पनीर, दही, दूध, तोफू, मीट, फिश और अंडे का सेवन करें। इसके अलावा रोजाना आधे घंटे धूप लेनी चाहिए।
