कोरोनावायरस के कारण दुनियाभर में लाखों लोगों की मृत्यु हुई थी। जब भी लोगों को लगता है कि यह बीमारी खत्म होने वाली है तब नया वेरिएंट फैल जाता है। पिछले कुछ हफ्तों में कोरोना का नया सब वेरिएंट BA.3.2 तेजी से फैल रहा है। यह वेरिएंट अमेरिका, यूरोप समेत दुनिया के 23 देशों में पैर पसार चुका है। यह नया वेरिएंट ओमिक्रॉन का सब वेरिएंट है जिसे 'सिकाडा' नाम दिया गया है। इस वेरिएंट में 70 से 75 म्यूटेशन पाए गए हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार, इतने ज्यादा म्यूटेशन होने की वजह से ये वेरिएंट वैक्सीन को चकमा दे सकता है।


US CDC की रिपोर्ट के मुताबिक SARS-CoV-2 का नया वेरिएंट BA.3.2 पहली बार 22 नवंबर 2024 को साउथ अफ्रीका में एक सांस के सैंपल में पाया गया था। 11 फरवरी 2026 तक यह वेरिएंट 23 देशों में पाया गया है। 25 सितंबर 2025 के बाद से इस वेरिएंट के मामले तेजी से बढ़ने लगे थे। 

 

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अमेरिका में बढ़े मामले

CDC ने 19 मार्च को अपनी रिपोर्ट में बताया कि अमेरिका में यह वेरिएंट अलग-अलग जगहों पर मिला है। जैसे 4 यात्रियों के नाक के सैंपल में, 3 सैंपल हवाई जहाज के वेस्टवॉटर में, 5 मरीजों के क्लिनिक्ल सैंपल में और 25 राज्यों के 132 वेस्टवॉटर में इसके सैंपल पाए गए हैं। 

क्या यह वायरस खतरनाक है?

इस समय BA.3.2 सिकाडा वेरिएंट खतरनाक है। अभी इसकी निगरानी की जा रही है। अभी तक जो भी मामले आए हैं उनमें इसके लक्षण बहुत हल्के दिखे हैं।  BA.3.2 वेरिएंट जल्दी फैल सकता है या दोबारा संक्रमित कर सकता है। बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और जिन लोगों की इम्युनिटी कमजोर है उन्हें इस वायरस से सावधान रहने की जरूरत है।

 

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इसके लक्षण क्या है?

कोरोनावायरस के नए वेरिएंट BA.3.2 में खास बात यह है कि इसमें गले में तेज दर्द और खराश की दिक्कत हो सकती है। इसके अलावा नाक बहना, सूखी खांसी, बुखार, खकान, कमजोरी, शरीर में दर्द, स्वाद और गंद का कम हो जाना, सांस लेने में तकलीफ होना शामिल है। भारत में अभी तक इस नए वेरिएंट का एक भी केस नहीं पाया गया है। हालांकि इंटरनेशनल ट्रैवलिंग की वजह से यह वायरस आसानी से फैल सकता है।