आज के समय में खराब लाइफस्टाइल की वजह से त्वचा संबंधी बीमारियां होने का खतरा बढ़ गया है। आज हम आपको डर्मेटोग्राफिया बीमारी के बारे में बता रहे हैं जिसे लोग स्किन राइटिंग के नाम से भी जानते हैं। इस बीमारी के मरीज की त्वचा लाल हो जाती है। साथ ही स्किन पर राइटिंग के निशान भी बन जाते हैं। डर्मेटोग्राफिया के लक्षण को अनदेखा करने की गलती न करें। यह त्वचा के लिए हानिकारक हो सकता है। आइए इस बीमारी के जानते हैं।

 

डर्मेटोग्राफिया किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकती है। यह बीमारी मुख्यरूप से एलर्जी की वजह से होती है। शरीर में विशेष प्रकार के एंटीबॉडी रिलीज होते हैं जिसकी वजह से शरीर में खुजली होती है। खुजली की वजह से त्वचा पर खरोंच के निशाने बन जाते हैं।

 

यह भी पढ़ें- टाइट जींस पहनने से बढ़ सकता है UTI का खतरा, कैसे करें बचाव?

डर्मेटोग्राफिया होने का कारण

डर्मेटोग्राफिया में स्किन पर सूजन की समस्या हो सकती है। इस बीमारी में एकदम से एलर्जी की वजह से खुजली होने लगती है और कुछ समय इसके लक्षण अपने आप कम हो जाते हैं। आमतौर पर इसके लक्षण रात के समय में ज्यादा गंभीर हो जाते हैं।

  • एलर्जी
  • अधिक गर्मी
  • अधिक ठंड
  • स्ट्रेस
  • शराब के अधिक सेवन से

डर्मेटोग्राफिया के लक्षण

  • त्वचा में लाल रंग की लाइन बनना
  • त्वचा में अंदरूनी सूजन
  • खुजली
  • रेडनेस

यह भी पढ़ें- शरीर में होने वाली सूजन है गंभीर बीमारियों का संकेत, कैसे करें बचाव?

डर्मेटोग्राफिया से कैसे बचें?

  • तनाव कम लें।
  • रोजाना ऐक्सरसाइज करें।
  • पर्याप्त मात्रा में नींद लें।
  • पौष्टिक आहार खाएं।
  • बाहर की तली-भूनी चीजें खाने से परहेज करें।
  • रेड मीट खाने से बचें।
  • शराब का सेवन न करें

ज्यादातर लोगों में यह समस्या अपने ठीक हो जाती है लेकिन स्थिति गंभीर होने पर कुछ दिनों के लिए इसके लिए दवा ले सकते हैं। मरीज को अपने आप से कोई दवा नहीं लेनी चाहिए। डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही दवा खाएं।