आज कल बालों को कलर करना फैशन बन गया है। कुछ लोग अपने बालों के ग्रे कलर को छिपाने के लिए हेयर कलर करवाते हैं तो कुछ लोग अपने लुक को बदलने के लिए ऐसा करते हैं। क्या आप जानते हैं हेयर डाई में कई प्रकार के खतरनाक कलर मौजूद होते हैं जो कैंसर समेत अन्य गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं। हेयर डाई करने से गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है और इसकी पुष्टि कई रिसर्च में हुई है।
Scientific Reportकी जर्नल में पब्लिश रिपोर्ट के मुताबिक जो लोग हेयर डाई का इस्तेमाल करते हैं उनके खून में कम से कम 11 तरह के रासायनिक तत्व का स्तर पाया गया है उनके मुकाबले जो लोग इस्तेमाल नहीं करते हैं। हालांकि अभी तक ऐसा क्लिनिकल ट्रायल नहीं हुआ है जो यह साबित कर सकें कि कोई खास हेयर डाई सीधे तौर पर बीमारी के खतरे को बढ़ाता है।
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ब्रेस्ट कैंसर का खतरा बढ़ा
हाल ही में एक स्टडी हुई है जिसमें 96 शोध के लेखों का विश्लेषण किया गया है। इस समीक्षा में पाया गया कि जो महिलाएं परमानेंट या सेमी परमानेंट हेयर डाई एक से दो बार करवाती हैं। उनमें ब्रेस्ट कैंसर का खतरा 7% तक बढ़ सकता है। वहीं, जो महिलाएं 35 से 89 बार हेयर डाई का इस्तेमाल करती हैं उनमें ब्रेस्ट कैंसर का खतरा 31% तक ज्यादा रहता है। परमानेंट हेयर कलर करवाने वालों में ब्लैडर के कैंसर का खतरा 250% तक बढ़ सकता है। अगर ये केमिकल बार-बार आपके शरीर में जा रहे हैं तो खतरा कई गुणा बढ़ जाता है। हालांकि इन केमिकल का प्रभाव धीरे-धीरे पड़ता है।
हेयर डाई कैसे काम करता है?
परमानेंट डाई बालों के अंदरूनी परत तक पहुंचता है जो पुराने रंगों को हटा देता है। जबकि सेमी-परमानेंट और टेंपरेरी डाई सिर्फ बालों के बाहरी परत को कलर करता है जो कुछ समय बाद धुलकर निकल जाता हैं।
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क्यों खतरनाक है हेयर डाई?
शोधकर्ताओं के मुताबिक परमानेंट डाई में मौजूद एरोमैटिक अमाइनंस नाम का केमिकल होता है। यह केमिकल डीएनए के सेल्स को म्यूटेट कर सकता है जिसकी वजह से कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। इतना ही नहीं इस केमिकल की वजह पर फर्टिलिटी पर असर डालता है।
PubMed के शोध के मुताबिक बालों में हेयर डाई का इस्तेमाल करने वाली महिलाओं में गर्भाशय की गांठ (यूटराइन फाइब्रॉइड्स) होने का खतरा बढ़ सकता है। फाइब्रॉइड्स की वजह से कैंसर नहीं होता है लेकिन इसके कारण पीरियड्स में दर्द और गर्भधारण करने में दिक्कत हो सकती है। अध्ययन में पाया गया कि जो महिलाएं सेमी परमानेंट हेयर डाई का इस्तेमाल करती है उनमें फाइब्रॉइड्स का खतरा लगभग 98% तक ज्यादा था।
कैसे करें सही हेयर डाई का चुनाव?
- हेयर डाई के लेबल को सही से पढ़ें।
- नेचुरल कलर का इस्तेमाल करें।
- हेयर डाई लगाते समय स्कैल्प को कवर करें।
- सिंथेटिक कलर वाले हेयर डाई से बचें।
- छोटी सी उम्र में हेयर डाई का इस्तेमाल करने से बचें।
