ऑफिस या पब्लिक सफर में हम अक्सर पब्लिक टॉयलेट का इस्तेमाल करते हैं। इन टॉयलेट में कितनी साफ-सफाई का ध्यान रखा जाता है उसके बारे में ठीक से कुछ कहा नहीं जा सकता है। ऐसे में मन में सवाल उठता है कि पब्लिक टॉयलेट के इस्तेमाल से यूटीआई (यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन) का खतरा बढ़ सकता है। आइए जानते हैं क्या होता है यूटीआई? इससे कैसे बच सकते हैं?
यूटीआई एक प्रकार का संक्रमण है जो यूरिनरी ट्रैक्ट में बैक्टीरिया के प्रवेश की वजह से होता है। महिलाओं को पुरुष के मुकाबले यूटीआई का खतरा अधिक रहता है।
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यूटीआई के लक्षण
- पेशाब करते समय जलन
- पेशाब का रंग अधिक पीला होना
- कमजोरी और थकान महसूस होना
- बार-बार पेशाब आना
- पेट दर्द
- बुखार
यूटीआई के होने का कारण क्या है?
यूटीआई होने का मुख्य कारण ई कोलाई बैक्टीरिया होता है लेकिन अन्य चीजें भी जिम्मेदार हो सकते हैं। शरीर में पानी की कमी की वजह से हो सकता है। कुछ लोगों घंटों पेशाब को रोक लेते हैं। डायबिटीज या प्रोस्टेट ग्लैंड के बढ़ने के कारण भी यूटीआई हो सकता है।
साफ-सफाई न रखना- इंटीमेट एरिया को साफ नहीं रखने की वजह से यूटीआई हो सकता है। कई लोग पेशाब करने के बाद पीछे से आगे की तरफ वाइप करते हैं। ऐसे करने की वजह से बैक्टीरिया आसानी से यूरिनरी ट्रैक्ट में पहुंच सकता है।
गंदा टॉयलेट सीट- आज कल लोग ज्यादातर वेस्टर्न टॉयलेट का इस्तेमाल करते हैं। वेस्टर्न टॉयलेट में यूटीआई का खतरा बढ़ जाता है। टॉयलेट सीट को साफ रखना बेहद जरूरी है।
गंदे हाथ- अगर आप गंदे हाथ से अपने प्राइवेट पार्ट्स को छू रहे हैं तो यूटीआई का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए हाथों को साफ रखना बेहद जरूरी है। वॉशरूम इस्तेमाल करने के बाद हाथों को अच्छे से धोएं।
लंबे समय तक पेशाब रोकना- लंबे समय तक पेशाब रोककर रखने से भी यूटीआई हो सकता है। अगर आप ब्लैडर खाली नहीं करते हैं तो यूटीआई का खतरा बढ़ सकता है।
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पब्लिक टॉयलेट में यूटीआई से कैसे बचे?
- टॉयलेट सीटी पर बैठे बिना झुककर पेशाब करने से यूरिन के छींटे त्वचा और कपड़ों पर पड़ सकते हैं। ऐसी स्थिति में बैक्टीरिया के पनपने का खतरा बढ़ जाता है। आपको सही तरीके से बैठकर पेशाब करना चाहिए।
- टॉयलेट सीट को सॉफ्ट टिशू से पोंछकर बैठना चाहिए और इस्तेमाल के बाद हाथों को साबुन से धोना चाहिए।
- टॉयलेट गंदा होने की वजह से लोग पेशाब नहीं जाते हैं जिस वजह से यूटीआई का खतरा बढ़ जाता है।
- पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं- हर व्यक्ति को पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए। पानी शरीर से टॉक्सिन को बाहर निकालने का काम करता है।
- ढीले कपड़े पहनें- बहुत अधिक टाइट कपड़े पहनने से व्यक्ति को पसीना अधिक आता है। पसीने की वजह से बैक्टीरिया पनपने का खतरा बढ़ जाता है इसलिए हल्के और ढीले कपड़े पहनने चाहिए।
- सेक्स के बाद पेशाब करें- सेक्स के बाद पेशाब करना चाहिए। ऐसा करने से यूरिनरी ट्रैक्ट के बैक्टीरिया बाहर निकल जाते हैं।
