खराब खानपान और सेडेंटरी लाइफस्टाइल की वजह से बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ा है। इस लिस्ट में फैटी लिवर, हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज और हृदय संबंधी बीमारियां शामिल हैं। हम आज डायबिटीज के बारे में बात कर रहे हैं। यह बीमारी कभी भी अचानक नहीं बढ़ती है। यह बीमारी धीरे-धीरे शरीर में पनपती है।

 

कई लोगों को लगता है कि चीनी या मिठाइयां अधिक खाने की वजह से डायबिटीज होती है लेकिन यह सच नहीं है। इस बीमारी के होने के पीछे कई कारण हैं। डायबिटीज को साइलेंट किलर कहा जाता है। यह बीमारी आपके शरीर के विभिन्न अंगों को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचाता है। 

 

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डायबिटी के लक्षण क्या है?

  • कमजोरी
  • त्वचा में खुजली
  • बार-बार पेशाब आना
  • एकदम से वजन कम होना
  • हाथ-पैरों में झुनझुनाहट
  • बार-बार प्यास लगना
  • आंखों में धुंधलापन
  • बार-बार इंफेक्शन होना

डायबिटीज के बढ़ने के कारण

शारीरिक गतिविधि न करना- एक्सरसाइज नहीं करने की वजह से इंसुलिन रेजिस्टेंस में सबसे बड़ी भूमिका निभाता है।
मोटापा- कमर और पेट के आसपास चर्बी जमा होती है जो मुख्य रूप से डायबिटीज का कारण है। मोटापे से हर 7 में से 1 व्यक्ति ग्रसित है।
तनाव और नींद की कमी- अधिक मानसिक तनाव और नींद की कमी की वजह से ब्लड में शुगर का लेवल बढ़ जाता है।
खराब खानपान- आज के समय में ज्यादातर लोग प्रोसेस्ड फूड, मैदा, चीनी और अनहेल्दी फैट का अधिक सेवन करते हैं जिसकी वजह से मोटापा बढ़ाता है।
फैमिली इतिहास- परिवार में डायबिटीज का इतिहास होना रिस्क को बढ़ाता है।
उम्र- डायबिटीज होने का खतरा 35 से 40 साल की उम्र वाले लोगों को ज्यादा रहता है।

उन लोगों को डायबिटीज होने का कारण अधिक रहता है जो हाई बीपी, हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या से पीड़ित रहते हैं।

डायबिटीज से कैसे बच सकते हैं?

  • डायबिटीज से बचन के लिए सबसे जरूरी है कि रूटीन चेकअप करवाएं।
  • जिन लोगों को मोटापे या स्ट्रेस की समस्या रहती हैं उन्हें  एचबीए1सी का टेस्ट करवाना चाहिए। इसके अलावा ब्लड शुगर का टेस्ट करवाना चाहिए। 
  • संतुलित आहार लें।
  • रोजाना 30 मिनट एक्सरसाइज करें।
  • प्रोसेस्ड फूड और रिफाइंड शुगर और हाई कैलोरी ड्रिंक्स से परहेज करना चाहिए।
  • स्ट्रेस से बचने के लिए योग करें।
  • नींद की कमी से बचें।