आज कल की भागदौड़ वाली जिंदगी में लोग छोटी-छोटी बातों पर तनाव लेने लगते हैं। किसी पर काम का अधिक प्रेशर है तो किसी पर परिवार की जिम्मेदारियां हैं। कभी-कभी तनाव होना आम बात है लेकिन जरूरत से ज्यादा आपकी सेहत पर प्रभाव डालता है। तनाव का असर आपके रोजमर्रा की जिंदगी पर भी पड़ता है। जैसे आप ऑफिस में चिड़चिडे हो जाते हैं, किसी से बात नहीं करने का मन करेगा। इसके अलावा खान-पान में भी बदलाव देखने को मिलता है।
अधिक तनाव होने पर कई लोग जरूरत से ज्यादा खाना खाते हैं। खासतौर से इस समय लोग मीठी चीजों का सेवन करते हैं। इन चीजों को खाने से एकदम से दिमाग में डोपामिन रिलीज होता है जिससे कुछ पल के लिए आराम मिलता है। इसे इमोशनल ईटिंग भी कहा जाता है। अगर आप बार-बार तनाव में जरूरत से ज्यादा खाना खा रहे हो तो मोटापा, डायबिटीज, ब्लड प्रेशर और नींद की समस्या जैसी समस्याएं हो सकती हैं। आइए जानते हैं तनाव में ओवर ईटिंग क्यों करते हैं?
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ओवर ईटिंग के कारण क्या हैं?
हार्मोन का असंतुलन
तनाव के दौरान शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन का लेवल बढ़ जाता है जिसकी वजह से भूख बढ़ जाती है। मनपसंद चीज खाने के बाद शरीर में सेरोटोनिन का लेवल बढ़ता है जिसे कोर्टिसोल कम होता है। खाना खाने के बाद सुकन मिलता है। इसलिए ज्यादातर लोग तनाव में अधिक खाना खाते हैं।
नींद की कमी
नींद की कमी की वजह से शरीर में एनर्जी कम लगती है। ऐसे में हमारा सारा ध्यान खाने की तरफ होता है। कई लोगों को लगता है कि खाना खाने से नींद आ जाती है।
दुख में खाने की आदत
कई लोगों को दुख या तनाव में मीठा खाने की आदत होती है। किसी भी प्रकार की परेशानी या दुख में दिमाग उन चीजों को करना पसंद करता है जिससे सुकून मिले।
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ओवर ईटिंग से बचने के तरीके
तनाव के कारण खाने की तलब ज्यादा होती है। ऐसे में जंक फूड की बजाय हेल्दी स्नैक्स खाएं। इसके अलावा आप ड्राई फ्रूट्स का सेवन कर सकते हैं।
माइंडफुल ईटिंग- खाने को हमेशा ज्यादा चबाकर खाना चाहिए। ऐसे करने से आप संतुष्ट महसूस करेंगे। टीवी या मोबाइल देखते हुए खाने की गलती न करें।
मनपसंद काम करें- तनाव में खाने की बजाय कोई अन्य एक्टिविटी करें। इसमें टहलना, गाना सुनना, ब्रीथिंग एक्सरसाइज और मेडिटेशन करें।
स्ट्रेस होने पर अपनी बात किसी से जरूर शेयर करें। कई बार अपनी फीलिंग्स शेयर करने से दुख कम होता है।
Disclaimar- यह आर्टिकल सामान्य जानकारी पर आधारित है। अधिक जानकारी के लिए हमेशा विशेषज्ञ से सलाह लें।
