लुधियाना में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को राज्यसभा सांसद राजिंदर गुप्ता के घर के बाहर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने गुस्सा जताते हुए स्प्रे पेंट से दीवारों पर पंजाबी में नारे लिखे। उनमें 'गद्दार' जैसे शब्द भी लिखे गए। उन्होंने राजिंदर गुप्ता का पुतला भी जलाया।

 

यह सब इसलिए हुआ क्योंकि शुक्रवार को राजिंदर गुप्ता समेत राघव चड्ढा और आम आदमी पार्टी (आप) के दो-तिहाई राज्यसभा सांसदों ने बीजेपी में विलय कर लिया।

 

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राघव चड्ढा ने क्या कहा?

राघव चड्ढा ने पार्टी छोड़ते हुए कहा कि आप अपनी स्थापना के मूल सिद्धांतों से भटक गई है। उन्होंने कहा, 'मैं उनकी गलतियों का हिस्सा नहीं बनना चाहता। मैं सही व्यक्ति गलत पार्टी में था।'

 

चड्ढा ने दावा किया कि आप के 10 राज्यसभा सांसदों में से 7 ने इस फैसले का समर्थन किया। उन्होंने संविधान के प्रावधानों के तहत बीजेपी के साथ विलय के दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए।

विवाद की वजह क्या थी?

कुछ दिनों से आम आदमी पार्टी में तनाव बढ़ रहा था। राघव चड्ढा को पार्टी के डिप्टी लीडर पद से हटा दिया गया था। आप के वरिष्ठ नेताओं ने उन पर आरोप लगाया कि वह पार्टी लाइन से अलग चल रहे थे, बीजेपी पर सीधा हमला नहीं कर रहे थे और 'सॉफ्ट पीआर' कर रहे थे।

 

चड्ढा ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि संसद में उनका फोकस आम लोगों की समस्याओं पर था, जैसे एयरपोर्ट पर महंगा खाना, मिडिल क्लास पर टैक्स, डिलीवरी वर्कर्स की हालत और टेलीकॉम की कीमतें। इन्हीं मुद्दों से युवाओं के बीच उनकी अच्छी छवि बनी थी।

 

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आप के लिए बड़ा झटका

यह घटनाक्रम आम आदमी पार्टी के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है। राघव चड्ढा के नेतृत्व में हुए इस विभाजन ने पार्टी को काफी नुकसान पहुंचाया है। लुधियाना और जालंधर जैसे शहरों में आप कार्यकर्ताओं ने ऐसे ही प्रदर्शन किए। उन्होंने सांसदों को 'पंजाब दे गद्दार' कहकर नारेबाजी की।