अगले साल की शुरुआत में पंजाब में विधानसभा चुनाव होंगे लेकिन इससे पहले कल पंजाब की राजनीति में अचानक से हलचल तेज हो गई। सत्ताधारी आम आदमी पार्टी के विधायकों ने वोट देकर जिन सांसदों को राज्यसभा भेजा था उन सांसदों ने पार्टी से बगावत कर दी है। AAP के 10 में से 7 राज्यसभा सांसदों ने कल पार्टी को अलविदा कह दिया। इसके साथ ही राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने शाम होते-होते आधिकारिक तौर पर बीजेपी का दामन थाम लिया। पंजाब में विपक्ष के नेता अब दावा कर रहे हैं कि AAP में कई विधायक असहज महसूस कर रहे हैं और जल्द ही पंजाब की AAP सरकार गिर जाएगी।
अरविंद केजरीवाल कभी दावा किया करते थे कि उनकी पार्टी को बीजेपी कभी नहीं तोड़ सकती लेकिन कल जो हुआ उसने केजरीवाल के दावे की पोल खोल दी है। पंजाब में अकाली दल और कांग्रेस के नेता अब दावा कर रहे हैं कि पंजाब में AAP की सरकार जल्द ही गिर जाएगी। शिरोमणि अकाली दल के नेता विक्रम सिंह मजिठिया ने दावा किया कि अगर भगवंत मान सदन में जाएं तो वह बहुतम हासिल नहीं कर पाएंगे।
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कांग्रेस बोली सरकार गई
पंजाब कांग्रेस के प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िग ने आम आदमी पार्टी पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि इन लोगों को सासंद बनाने के बाद पंजाब में आम आदमी पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचा था। पार्टी ने अपने स्थानीय नेताओं को राज्यसभा भेजने का वादा किया था लेकिन फिर बिजनेसमैन को भेजा। राजा वड़िंग ने विधायकों के टूटने के दावों पर कहा, 'सरकार तो गई। अगर वह लोग चले गए तो यह लोग भी चले जाएंगे। राघव चड्ढा और संदीप पाठक के पास सभी विधायकों की कमजोरियों का पता है इन्हीं दोनों ने टिकट दिए थे।' राजा वड़िंग उन संभावनाओं की ओर इशारा किया कि आम आदमी पार्टी के विधायकों को तोड़ने में संदीप पाठक और राघव चड्ढा आने वाले दिनों में भूमिका निभा सकते हैं।
पंजाब पर क्या असर पड़ेगा?
इन 7 सांसदों के चले जाने से पंजाब में क्या कोई राजनीतिक असर होगा इसका जवाब इसी बात से मिल जाता है कि यह जनता के चुने हुए प्रतिनिधि नहीं थे बल्कि विधायकों और पार्टी के चुने हुए नेता थे। पंजाब के सीएम का कहना है कि राघव चड्ढा तो सरपंच बनने के लायक नहीं हैं। इसके साथ ही विप7 के नेताओं का भी यही कहना है कि इन नेताओं का पंजाब में कोई राजनीतिक वजूद नहीं था। हालांकि, इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि राघव चड्ढा और संदीप पाठक की पंजाब में आम आदमी पार्टी के संगठन पर पकड़ मजबूत है। इन दोनों ने 2022 में पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार बनाने में बहुत बड़ी भूमिका निभाई थी।
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विधायकों से संपर्क
पंजाब में कई विधायक आम आदमी पार्टी से नाराज हैं। कई विधायकों और नेताओं पर गंभीर आरोप भी लगे हैं और विवादों में भी फंसे हैं। इसके साथ ही कुछ पर ED का शिंकजा भी कसा हुआ है। अशोक मित्तल पर भी 10 दिन पहले ED की रेड पड़ी थी और उन्होंने पाला बदल लिया। राजनीतिक गलियारों में चर्चा हो रही है कि अब पंजाब में कौन सा विधायक पाला बदल सकता है। सोशल मीडिया पर एक मंत्री, एक सांसद और कुछ विधायकों के नामों की चर्चा भी हो रही है। राघव चड्ढा के करीबियों का दावा है कि पार्टी के 30 से 35 विधायकों से उनकी काफी नजदीकियां हैं।
राघव और पाठक मिलकर आम आदमी पार्टी के नेताओं को तोड़कर बीजेपी में शामिल करवाने की कोशिश कर सकते हैं। हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी पर इस तरह के आरोप लगते रहे हैं। संदीप पाठक और राघव चड्ढा के पास पार्टी के विधायकों की पूरी डिटेल्स हैं और उनकी कमजोरियों को भी वह अच्छे तरह से जानते हैं। ऐसे में कैबिनेट से इस्तीफा दे चुके या निकाले जा चुके 9 मंत्रियों पर अब बीजेपी की नजर हो सकती है। कुंवर विजय प्रताप, अनमोल गगन मान जैसे कई विधायक पार्टी से नाराज चल रहे हैं। ऐसे में इन विधायकों पर बीजेपी दबाव डाल सकती है या फिर लालच देकर अपने पाले में करने की कोशिश कर सकती है।