25 मई 2026 की बात है। आगरा चौपाटी में जिप लाइन टूटी और एक 16 साल का लड़का कुणाल, 45 फीट नीचे जा गिरा। पहले जिपलाइन टूटती है, वह एक शेड पर गिरता है, फिर वहां से सीधे नीचे। बच्चा जमीन पर गिरते ही जान गंवा देता है। यह एक घटना है। हादसे के कुछ दिन बाद, एक और मौत होती है। सोमवार को भी ऋषिकेश में एक ऐसा ही हादसा हुआ। युवक बंजी जंपिंग के लिए कूदा, रोप पर ही तबीयत बिगड़ी, 21 साल के लक्ष्य रस्तोगी की मौत हो गई। ये सिर्फ मौत के दो मामले नहीं हैं।
माउंट आबू में भी कुछ महीने पहले एक ऐसा हादसा हुआ था। फरवरी 2026 में एक युवकी की बंजी जंपिंग के दौरान गर्दन टूट गई थी, उसने दम तोड़ दिया था। 13 नवंबर को भी तपोवर शिवपुरी रूट पर एक युवक की बंजी जंपिंग के दौरान छत पर गिरने से मौत हो गई थी। 18 अप्रैल 2025 की बात है। ऋषिकेश की गंगा नदी में राफ्टिंग के दौरान राफ्ट पलटा और एक युवक ने जान गंवा दी। 9 अप्रैल 2024 को भी कुछ ऐसा ही हुआ था। हिमाचल प्रदेश के बीर बिलिंग में पैराग्लाइडिंग के दौरान एक पैरा पायल की मौत हो गई। क्रैश लैंडिंग हुई, हालात संभालते-संभालते बिगड़ गए।
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क्या है एडवेंचर स्पोर्ट्स की सनक?
ऋषिकेश ऐसे हादसों की वजह से सबसे ज्यादा चर्चा में रहा है। यहीं 'जंपिंग हाइट्स, द ओबी बंजी पीपल' नाम से एक जंपिंग साइट है। खबरगांव ने पड़ताल के लिए फोन किया। सवाल था कि क्या आप लोग, जंप कराने से पहले ट्रेनिंग देते हैं?
जवाब मिला नहीं, ब्रीफिंग देते हैं। एक सवाल और कि क्या मेडिकल कंडीशन चेक करते हैं, जंप करने से पहले फिटनेट टेस्ट या डॉक्टर वहां होते हैं? जवाब मिला नहीं। उन्होंने एक बुकलेट भेजा किया, जिसमें कुछ शर्तें बताई गईं थीं कि जिनके मुताबिक आपका स्वास्थ्य ठीक हो तो आप जॉइन कर सकते हों।
एडवेंचर गेम्स में एक पहले 'लायबिलिटी वेव' क्लॉज पर हस्ताक्षर कराए जाते हैं। कॉन्ट्रेक्ट होता है कि अगर आप इस दौरान मर गए तो स्पोर्ट्स एडवेंचर कंपनी की कोई जिम्मेदारी नहीं होगी, आपने स्वेच्छा से इसे चुना है। मतलब ऐसी कंपनियां, मुआवजे से बच जाती हैं।
क्यों खटकती है बात?
ऋषिकेश के एक नहीं, दर्जनों स्पोर्ट्स क्लब में कॉल करने पर यही जवाब मिलता है। एक जैसा। मतलब, जिस खेल में जान भी जा सकती है, कभी डूबने का, कभी जिप लाइन टूटने का या स्पोर्ट्स के दौरान ही हार्ट अटैक होने का खतरा मंडरा रहा हो, उसके लिए भी सिर्फ ब्रीफिंग दी जाती है, ट्रेनिंग नहीं। चाहे आप बंजी जंपिंग करेंगे, साइकिल रोप रेसिंग करें या राफ्टिंग करें, सबमें एक छोटा सा ब्रीफ देकर औपचारिकता पूरी कर ली जाती है। बाकी आपके हवाले है।
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क्या हैं ATOAI गाइडलाइंस, जिसकी उड़ रहीं धज्जियां?
एडवेंचर टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ATOAI) एडवेंचर टूरिज्म की आधिकारिक संस्था है। इंडियन एडवेंचर टूरिज्म गाइडलाइन 2018 में जारी हुई थीं। साल 2018 में बंजी जंपिंग और रिवर राफ्टिंग के लिए अलग-अलग सुरक्षा मानक और संचालन नियम तय किए गए थे।
बंजी जंपिंग
जंप मास्टर का प्रशिक्षित और अनुभवी होना अनिवार्य है। उन्हें जोखिम प्रबंधन, ट्रेनिंग और सुरक्षा प्रक्रियाओं की जानकारी होनी चाहिए। सिर्फ प्रमाणित उपकरण हों, बंजी कार्ड की शेल्फ लाइफ का रिकॉर्ड रखना जरूरी है। उपकरणों की नियमित जांच और रखरखाव किया जाना चाहिए।
12 से 45 साल की उम्र के लोग इसमें हिस्सा ले सकते हैं। कम से कम वजन 40 किलोग्राम होनी चाहिए। अधिकतम वजन 110 किलो। अगर आप दिल के मरीज हैं, न्यूरोलॉजिकल समस्या से जूझ रहे हैं, स्पॉन्डिलाइटिस, पीठ की समस्या, हाल की सर्जरी या फ्रैक्चर, मिर्गी, ऑस्टियोपोरोसिस, गर्भावस्था से जूझ रहे हैं तो आपको बंजी जंपिंग की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए।
जंपिंग साइट पर क्या होना चाहिए?
SOPऔर रेस्क्यू ड्रिल होना जरूरी है। हर जंप को पहली जंप की तरह चेक किया जाना चाहिए। जरूरी लाइसेंस, मानकों का ख्याल रखना चाहिए। ब्रीफिंग और ट्रेनिंग जरूरी हो।
भारत में क्या कमी है?
भारत के हिसाब से सुरक्षा मानक तय ही नहीं किए गए हैं। ऑपरेटिगं मानक, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के आधार पर हैं। भारत को नए नियम और मानक तय करने की जरूरत है।
रिवर राफ्टिंग
लाइफ जैकेट अनिवार्य है, हेलमेट जरूरी है, ठंडे मौसम में वेट सूट और स्प्रे जैकेट जरूरी है, जर्नी शुरू होने से पहले ब्रीफिंग जरूरी है। प्रतिभागियों को ड्रेस कोड, जोखिम, मेडिकल चिंताओं और बचाव प्रक्रिया की जानकारी दी जानी चाहिए। मेडिकल फॉर्म और लायबिलिटी वेवर पर हस्ताक्षर करवाना जरूरी है। प्रशिक्षित गाइड के बिना राफ्टिंग नहीं कराई जा सकती।
कम से कम एक राफ्ट और एक रेस्क्यू मेंबर होना चाहिए। सुरक्षा नियम, आयु सीमा और मेडिकल चेतावनी वाले बोर्ड जरूर लगे हों। न्यूनतम उम्र सीमा 14 साल होना चाहिए। आसान ग्रेड-II में 10 वर्ष तक के बच्चों को अनुमति दी जा सकती है। अंधेरा होने के बाद राफ्टिंग नहीं कराई जानी चाहिए। सभी राफ्ट में रेस्क्यू बैग होना चाहिए। हर ट्रिप में फर्स्ट ऐड किट, रिपेयर किट और पंप का होना जरूरी है। इमरजेंसी एक्शन प्लान होना चाहिए।
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ज्यादातर बेस पर नहीं होते हैं डॉक्टर, न ही होता है मेडिकल चेकअप
पर्यटन मंत्रालय और एडवेंचर टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ATOAI) की गाइलाइन की ज्यादातर स्पोर्ट्स एडवेंचर कंपनियां धज्जियां उड़ा रहीं हैं। रिवर राफ्टिंग और बंजी जंपिंग को लेकर जबकि नियमावली बेहद सख्त है। 'जंपिंग हाइट्स, द ओबी बंजी पीपल' अपनी विवरण पुस्तिका में बताता है कि बंजी जंपिंग सिर्फ उम्र, 12 से 45 साल तक की होती है। कम से कम 40 किलो, ज्यादा से ज्यादा 110 किलो। गर्भवती महिलाएं, हृदय रोगी, हाई ब्लड प्रेशर, कमर और पीठ की समस्या, हाल ही में सर्जरी या फ्रैक्चर वाले लोग नहीं कर सकते। हर जंप को पहली जंप की तरह ही गंभीरता से लिया जाए।
12 साल के बच्चे की सहमति, जोखिम भरे कामों में कितनी है, यह संदिग्ध है। अगर अभिभावक भी यह तय करते हैं तो भी यह सवालों के घेरे में है। जंप से पहले पूरी सेफ्टी ब्रिफिंग जरूरी है। लिखित सहमति पर साइन करना पड़ता है। रबर रस्सी अच्छी क्वालिटी की हो, नियमित जांच हो। हर उपकरण, हार्नेस, हेलमेट की चेकिंग हो। डॉक्टर उपलब्ध होना चाहिए। जब खबरगांव ने कॉल किया तो कई एडवेंचर क्लबों ने मौके पर डॉक्टर न होने की बात कही।


