देश में गैस की समस्या को लेकर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार को नसीहत दी है। राहुल गांधी ने कहा है कि आने वाले समय में बहुत बड़ी समस्या आने वाली है और सरकार को यह देखना होगा कि इससे आम लोगों को नुकसान न हो। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि उनका यह बयान राजनीतिक नहीं है। गैस की किल्लत के मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र को घेरते हुए राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री लोगों से अपील कर रहे हैं कि वे पैनिक न करें जबकि वह खुद पैनिक में हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जिस स्थिति में पूरी दुनिया जा रही है, उसमें माइंडसेट बदलने की जरूरत है।
गुरुवार को संसद में गैस पर चर्चा कराने की मांग हुई लेकिन स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि जब संबंधित मंत्री मौजूद रहेंगे तब इस पर वह जवाब देंगे। ओम बिरला अपने खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के बारे में भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि चाहे नेता प्रतिपक्ष हों या प्रधानमंत्री सबको बराबर का अधिकार मिलता है।
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संसद सत्र में हिस्सा लेने के बाद राहुल गांधी ने कहा, 'सामान्य तौर पर प्रक्रिया होती है कि आप बोलने के लिए पूछ सकते हैं। मैंने देश में एलपीजी और तेल की स्थिति पर बोलने के लिए पूछा, मैं इसी के बारे में बोलना चाह रहा था लेकिन कोई नई प्रक्रिया शुरू हुई है कि मंत्री पहले तय करेगा, फिर मैं बोलूंगा, फिर मंत्री जवाब देगा। ठीक है, देखते हैं क्या होता है। मुख्य बात यह है कि गैस समस्या बनने वाली है, सारे फ्यूल समस्या बनने वाले हैं क्योंकि हमारी एनर्जी सिक्योरिटी कॉम्प्रोमाइज हो चुकी है। विदेश नीति में दिक्कत के चलते यह समस्या हो रही है।'
राहुल गांधी ने क्या नसीहत दी?
उन्होंने आगे कहा, 'अभी आपके पास थोड़ा सा समय है तो आपको तैयारी करनी चाहिए क्योंकि अगर तैयारी नहीं की तो करोड़ों लोगों का नुकसान होगा। यह बहुत बड़ी समस्या है कि तेल को अनुमति नहीं मिल रही है या मिल रही है। यह युद्ध असल में सैद्धांतिक रूप से मौजूदा विश्व युद्ध है। हम एक अस्थिर समय में जा रहे हैं और ऐसी स्थिति में आपको अपना माइंडसेट बदलना होगा। मेरा सुझाव है कि सरकार को अब गहराई से सोचना होगा कि क्या संभावनाएं हैं और हम क्या कर रहे हैं ताकि हमारे लोगों को नुकसान न हो।'
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राहुल गांधी ने आगे कहा, 'मैं कोई राजनीतिक बयान नहीं दे रहा हूं। मैं देख सकता हूं कि बहुत बड़ी समस्या आने वाली है। अगर यह ईरान के स्तर पर अभी हल भी हो जाए तो यह ठीक नहीं होगा क्योंकि दुनिया बदल रही है और हमें माइंडसेट बदलना होगा। अगर हम हिंदुस्तान को केंद्र बनाकर काम नहीं करेंगे तो समस्या होगी। समस्या यह है कि प्रधानमंत्री, प्रधानमंत्री काम ही नहीं कर पा रहे हैं। इसकी वजह है कि वह फंसे हुए हैं।'
कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष ने राहुल गांधी ने एलपीजी के मुद्दे पर नोटिस दे रखा है और वह सदन में अपनी रखना चाहते हैं। इस पर ओम बिरला ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष का नोटिस मिला है जिसके बारे में सरकार को अवगत करा दिया गया है और जब संबंधित विभाग के मंत्री सदन में रहेंगे तो उस विषय पर चर्चा होगी। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा कि मुद्दा महत्वपूर्ण है तो सरकार जवाब देना चाहेगी और मंत्री रहेंगे तो इस पर जवाब दिया जाएगा। इसके बाद भी कांग्रेस सदस्यों ने अपनी मांग को उठाना जारी रखा।
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इससे पहले, राहुल गांधी ने संसद परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए राहुल गांधी ने कहा, 'प्रधानमंत्री कह रहे हैं कि घबराने की जरूरत नहीं है लेकिन खुद प्रधानमंत्री बिल्कुल अलग वजहों से घबराए हुए हैं। वह अदाणी केस और एप्सटीन फाइल के कारण घबराए हुए हैं।' उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री सदन के अंदर नहीं आ पा रहे हैं और देश से कह रहे हैं कि घबराओ मत जबकि वह खुद घबराए हुए हैं। पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण रसोई गैस की किल्लत के बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को लोगों से नहीं घबराने की अपील की थी और जनहित की रक्षा का आश्वासन दिया था।
